14 अक्टूबर 2026
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पप्पू यादव ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन, राघोपुर नाव हादसे के पीड़ितों को ₹10 लाख मुआवजे की मांग

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पप्पू यादव ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन, राघोपुर नाव हादसे के पीड़ितों को ₹10 लाख मुआवजे की मांग

सारांश

पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने बिहार राज्यपाल को एक व्यापक ज्ञापन सौंपकर राघोपुर नाव हादसे सहित बाढ़ पीड़ितों को ₹10 लाख मुआवजे की माँग की। नाव सुरक्षा, बाँध निर्माण में कथित अनियमितता, शिक्षा, रोज़गार और महिला सुरक्षा — एक ज्ञापन में दर्जनों जनसमस्याएँ।

मुख्य बातें

पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने 14 अक्टूबर 2026 को बिहार राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) को ज्ञापन सौंपा।
राघोपुर नाव हादसे सहित बाढ़ एवं डूबने से मृत पीड़ित परिवारों को प्रति परिवार ₹10 लाख मुआवजे की माँग।
नावों में लाइफ जैकेट अनिवार्य करने, रात में असुरक्षित नाव परिचालन पर रोक और दीपावली-छठ तक 40 स्टीमर चलाने की माँग।
गंडक नदी तटबंध टूटने और पुल निर्माण में कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जाँच का आग्रह।
211 डिग्री कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति, बेल्ट्रॉन के 4,808 प्रतीक्षारत अभ्यर्थियों की सूची जारी करने और प्रभावी डोमिसाइल नीति लागू करने की भी माँग।

पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को पटना में बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) से मुलाकात की और उन्हें राज्य की विभिन्न जनसमस्याओं से संबंधित एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में बाढ़ एवं नाव दुर्घटनाओं के पीड़ित परिवारों को ₹10-10 लाख मुआवजा दिलाने की प्राथमिक माँग शामिल थी।

राघोपुर नाव हादसा और मुआवजे की माँग

सांसद पप्पू यादव ने राघोपुर में हुए नाव हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों सहित अन्य पीड़ित परिवारों के लिए प्रति परिवार ₹10 लाख मुआवजे की माँग राज्यपाल के समक्ष रखी। उन्होंने छपरा के मकेर, परसा, अमनौर और पानापुर सहित कई इलाकों में बाढ़, डूबने और सांप काटने से हुई मौतों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि इन पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा मिलना अनिवार्य है।

नाव सुरक्षा और जल परिवहन व्यवस्था

ज्ञापन में नदी परिवहन की सुरक्षा को लेकर कई ठोस माँगें रखी गईं। पप्पू यादव ने सभी नावों में लाइफ जैकेट और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था अनिवार्य करने तथा रात में असुरक्षित नाव परिचालन पर रोक लगाने का आग्रह किया। साथ ही दीपावली और छठ पर्व तक जल परिवहन सुनिश्चित करने, कम से कम 40 स्टीमर चलाने और भागलपुर के विक्रमशिला गंगा तटवर्ती क्षेत्र में बड़ी यात्री नावों एवं ट्रैक्टरों की व्यवस्था करने का अनुरोध भी किया गया।

बाँध-पुल निर्माण में कथित अनियमितताएँ और जवाबदेही

सांसद ने गंडक नदी के तटबंध टूटने और बाढ़ नियंत्रण कार्यों में कथित लापरवाही की उच्चस्तरीय जाँच की माँग की। उन्होंने कहा कि केवल अभियंताओं को निलंबित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि संबंधित कार्यपालक अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं और वरिष्ठ अधिकारियों की जवाबदेही भी सुनिश्चित होनी चाहिए। इसके अलावा, पुल निर्माण में प्रयुक्त सरिये की गुणवत्ता, टीएमटी सरिये की अनुमोदित मेक सूची और कम दर पर आवंटित निविदाओं की जाँच का मुद्दा भी उठाया गया।

शिक्षा, रोज़गार और डोमिसाइल नीति

शिक्षा के मोर्चे पर पप्पू यादव ने बिहार के 211 नवसृजित डिग्री कॉलेजों में शिक्षकों की कमी दूर करने, दर्शनशास्त्र विभाग स्थापित करने और 1,731 पूर्व संचालित कुशल युवा कार्यक्रम केंद्रों को पुनः शुरू करने की माँग की। उन्होंने बेल्ट्रॉन डाटा एंट्री ऑपरेटर भर्ती में शेष 4,808 योग्य अभ्यर्थियों की प्रतीक्षा सूची जारी करने का मुद्दा भी उठाया।

टीआरई-3 की लंबित नियुक्तियों, टीआरई-4 की अधिसूचना में देरी, 70वीं बीपीएससी परीक्षा में कथित अनियमितताओं और गर्दनीबाग छात्र सत्याग्रह के दौरान पुलिस कार्रवाई का उल्लेख करते हुए सांसद ने विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान की माँग की। उन्होंने सरकारी नियुक्तियों में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने के लिए प्रभावी डोमिसाइल नीति लागू करने का भी आग्रह किया।

महिला सुरक्षा और डिजिटल भ्रामक सामग्री

ज्ञापन में महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जाँच, ग्रामीण पेयजल योजनाओं के अनुरक्षकों के मानदेय भुगतान और फेसबुक-मेटा पर फर्जी खबरों, डीपफेक तथा भ्रामक सामग्री के विरुद्ध नियामक कार्रवाई की माँग भी शामिल की गई। पप्पू यादव ने राज्यपाल से अनुरोध किया कि वे राज्य और केंद्र सरकार से इन सभी मामलों में आवश्यक कदम उठवाएँ। यह देखना होगा कि राज्यपाल इन माँगों पर राज्य सरकार को किस हद तक संज्ञान लेने के लिए प्रेरित करते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर सुरक्षा ढाँचे में बदलाव की गति धीमी रही है। जब तक नाव सुरक्षा मानकों का क्रियान्वयन ज़मीनी स्तर पर नहीं होता, ऐसी त्रासदियाँ दोहराती रहेंगी।
RashtraPress
14 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पप्पू यादव ने बिहार राज्यपाल से मुलाकात में क्या माँग की?
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने 14 अक्टूबर 2026 को राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन को ज्ञापन सौंपकर राघोपुर नाव हादसे सहित बाढ़ एवं नाव दुर्घटनाओं के पीड़ित परिवारों को प्रति परिवार ₹10 लाख मुआवजा देने की प्राथमिक माँग रखी। इसके साथ नाव सुरक्षा, शिक्षा, रोज़गार, डोमिसाइल नीति और महिला सुरक्षा पर भी कार्रवाई माँगी।
राघोपुर नाव हादसे में क्या हुआ था?
ज्ञापन के अनुसार, राघोपुर में हुई नाव दुर्घटना में बच्चों सहित कई लोगों की जान गई। इसी हादसे को आधार बनाकर सांसद ने पीड़ित परिवारों के लिए ₹10 लाख मुआवजे की माँग उठाई है।
बिहार में नाव सुरक्षा को लेकर क्या माँगें रखी गई हैं?
पप्पू यादव ने सभी नावों में लाइफ जैकेट और पर्याप्त सुरक्षा उपकरण अनिवार्य करने, रात में असुरक्षित नाव परिचालन पर रोक लगाने और दीपावली-छठ तक कम से कम 40 स्टीमर चलाने की माँग की है। भागलपुर के विक्रमशिला गंगा क्षेत्र में बड़ी यात्री नावों की व्यवस्था का अनुरोध भी किया गया।
शिक्षा और रोज़गार पर ज्ञापन में क्या उठाया गया?
ज्ञापन में बिहार के 211 नवसृजित डिग्री कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति, 1,731 कुशल युवा कार्यक्रम केंद्रों को पुनः शुरू करने और बेल्ट्रॉन के 4,808 प्रतीक्षारत अभ्यर्थियों की सूची जारी करने की माँग रखी गई। टीआरई-3, टीआरई-4 और 70वीं बीपीएससी परीक्षा में कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया गया।
गंडक नदी तटबंध और पुल निर्माण पर क्या माँग है?
सांसद ने गंडक नदी के तटबंध टूटने और बाढ़ नियंत्रण कार्यों में कथित लापरवाही की उच्चस्तरीय जाँच की माँग की है। उन्होंने कहा कि केवल अभियंताओं को निलंबित करना पर्याप्त नहीं, बल्कि कार्यपालक एवं अधीक्षण अभियंताओं सहित वरिष्ठ अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। पुल निर्माण में प्रयुक्त टीएमटी सरिये की गुणवत्ता और निविदाओं की भी जाँच माँगी गई है।
राष्ट्र प्रेस
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