पप्पू यादव ने बिहार राज्यपाल से मिलकर जमुई कांड में फास्ट-ट्रैक ट्रायल और कठोरतम सजा की मांग की
सारांश
मुख्य बातें
पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने बुधवार, 23 सितंबर 2026 को बिहार के राज्यपाल से मुलाकात कर जमुई में नाबालिग छात्रा के साथ छेड़छाड़ और उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किए जाने की घटना पर त्वरित न्याय की मांग रखी। उन्होंने राज्यपाल के समक्ष दस्तावेज़ सौंपते हुए महिलाओं एवं बच्चियों की सुरक्षा तथा राज्य में बाढ़ की गंभीर स्थिति के मुद्दे भी उठाए।
जमुई कांड में फास्ट-ट्रैक न्याय की मांग
पप्पू यादव ने राज्यपाल के सामने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जमुई मामले में सभी दोषियों के विरुद्ध फास्ट-ट्रैक अदालत में निष्पक्ष एवं समयबद्ध मुकदमा चलाकर कठोरतम सजा सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यौन हिंसा के मामलों में यदि कोई नेता, अधिकारी, पुलिसकर्मी या शिक्षक दोषी पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध भी बिना किसी भेदभाव के कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उनके अनुसार, अपराधियों की पहचान उनकी जाति या राजनीतिक पृष्ठभूमि से नहीं, बल्कि उनके अपराध से होनी चाहिए।
व्यापक सुरक्षा उपायों की पैरवी
सांसद ने जमुई की घटना को केवल एक जिले की समस्या मानने से इनकार करते हुए कहा कि यह पूरे बिहार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाती है। उन्होंने स्कूल, कॉलेज, छात्रावास, अस्पताल, डिग्री कॉलेज, वाटर पार्क और अन्य संवेदनशील एवं सुनसान स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की माँग की, ताकि अपराध की रोकथाम और जाँच दोनों को मज़बूती मिल सके। उन्होंने पीड़िता और उसके परिवार की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखने, उन्हें सुरक्षा प्रदान करने तथा आवश्यक मनोवैज्ञानिक और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की भी माँग की।
यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में नाबालिगों से जुड़े यौन उत्पीड़न के मामलों और पीड़ितों की पहचान सोशल मीडिया पर उजागर करने की बढ़ती प्रवृत्ति को लेकर चिंता गहरा रही है। सांसद ने सोशल मीडिया पर पीड़िता की पहचान सार्वजनिक करने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की मांग रखी और मामले में पुलिस की कार्रवाई की स्वतंत्र समीक्षा कराने की बात कही।
राजनीतिक दलों से आपराधिक संरक्षण न देने की अपील
गौरतलब है कि पप्पू यादव ने राजनीतिक दलों से भी सीधी अपील की कि वे आपराधिक मामलों में आरोपित व्यक्तियों को किसी भी हाल में संरक्षण न दें। उन्होंने कहा कि ऐसा संरक्षण न केवल पीड़ितों के साथ अन्याय है, बल्कि यह कानून व्यवस्था की विश्वसनीयता को भी कमज़ोर करता है। यह बयान बिहार की राजनीतिक संस्कृति के उस पहलू पर सीधा प्रहार माना जा रहा है, जहाँ आरोपियों को दलीय छाया में सुरक्षा मिलती रही है।
बाढ़ राहत के लिए ₹5,000 करोड़ के पैकेज की माँग
राज्यपाल से मुलाकात में पप्पू यादव ने बिहार में बाढ़ और जलजमाव की संकटपूर्ण स्थिति का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने सीमांचल से बक्सर तक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए केंद्र सरकार से ₹5,000 करोड़ के विशेष राहत पैकेज की माँग की। उनके अनुसार, इस राशि का उपयोग फसल, मकान और पशुधन की क्षति की भरपाई के साथ-साथ प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत देने में होना चाहिए।
राज्यपाल का आश्वासन
पप्पू यादव के अनुसार, राज्यपाल ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और बाढ़ के मुद्दे पर प्रधानमंत्री एवं केंद्र सरकार को सूचित करने तथा मुख्यमंत्री को पत्र लिखने का आश्वासन दिया। आगे यह देखना होगा कि राज्यपाल के इस आश्वासन के बाद राज्य और केंद्र सरकार जमुई कांड में न्याय की गति तेज़ करने और बाढ़ पीड़ितों को राहत देने के लिए कितनी तेज़ी से कदम उठाती हैं।