23 सितंबर 2026
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पप्पू यादव ने बिहार राज्यपाल से मिलकर जमुई कांड में फास्ट-ट्रैक ट्रायल और कठोरतम सजा की मांग की

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पप्पू यादव ने बिहार राज्यपाल से मिलकर जमुई कांड में फास्ट-ट्रैक ट्रायल और कठोरतम सजा की मांग की

सारांश

पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने बिहार राज्यपाल से मिलकर जमुई नाबालिग छेड़छाड़ कांड में फास्ट-ट्रैक ट्रायल और कठोरतम सजा की माँग की। साथ ही सीमांचल से बक्सर तक बाढ़ पीड़ितों के लिए ₹5,000 करोड़ के विशेष राहत पैकेज की अपील भी रखी। राज्यपाल ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को अवगत कराने का आश्वासन दिया।

मुख्य बातें

निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने 23 सितंबर 2026 को बिहार के राज्यपाल से मुलाकात कर जमुई नाबालिग छेड़छाड़ मामले में फास्ट-ट्रैक ट्रायल और कठोरतम सजा की माँग की।
सोशल मीडिया पर पीड़िता की पहचान उजागर करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई और मामले में स्वतंत्र पुलिस समीक्षा की माँग रखी गई।
स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने तथा पीड़िता को मनोवैज्ञानिक एवं आर्थिक सहायता देने की अपील की गई।
सीमांचल से बक्सर तक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए केंद्र से ₹5,000 करोड़ के विशेष राहत पैकेज की माँग की गई।
राज्यपाल ने बाढ़ मुद्दे पर प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को अवगत कराने का आश्वासन दिया।

पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने बुधवार, 23 सितंबर 2026 को बिहार के राज्यपाल से मुलाकात कर जमुई में नाबालिग छात्रा के साथ छेड़छाड़ और उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किए जाने की घटना पर त्वरित न्याय की मांग रखी। उन्होंने राज्यपाल के समक्ष दस्तावेज़ सौंपते हुए महिलाओं एवं बच्चियों की सुरक्षा तथा राज्य में बाढ़ की गंभीर स्थिति के मुद्दे भी उठाए।

जमुई कांड में फास्ट-ट्रैक न्याय की मांग

पप्पू यादव ने राज्यपाल के सामने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जमुई मामले में सभी दोषियों के विरुद्ध फास्ट-ट्रैक अदालत में निष्पक्ष एवं समयबद्ध मुकदमा चलाकर कठोरतम सजा सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यौन हिंसा के मामलों में यदि कोई नेता, अधिकारी, पुलिसकर्मी या शिक्षक दोषी पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध भी बिना किसी भेदभाव के कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उनके अनुसार, अपराधियों की पहचान उनकी जाति या राजनीतिक पृष्ठभूमि से नहीं, बल्कि उनके अपराध से होनी चाहिए।

व्यापक सुरक्षा उपायों की पैरवी

सांसद ने जमुई की घटना को केवल एक जिले की समस्या मानने से इनकार करते हुए कहा कि यह पूरे बिहार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाती है। उन्होंने स्कूल, कॉलेज, छात्रावास, अस्पताल, डिग्री कॉलेज, वाटर पार्क और अन्य संवेदनशील एवं सुनसान स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की माँग की, ताकि अपराध की रोकथाम और जाँच दोनों को मज़बूती मिल सके। उन्होंने पीड़िता और उसके परिवार की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखने, उन्हें सुरक्षा प्रदान करने तथा आवश्यक मनोवैज्ञानिक और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की भी माँग की।

यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में नाबालिगों से जुड़े यौन उत्पीड़न के मामलों और पीड़ितों की पहचान सोशल मीडिया पर उजागर करने की बढ़ती प्रवृत्ति को लेकर चिंता गहरा रही है। सांसद ने सोशल मीडिया पर पीड़िता की पहचान सार्वजनिक करने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की मांग रखी और मामले में पुलिस की कार्रवाई की स्वतंत्र समीक्षा कराने की बात कही।

राजनीतिक दलों से आपराधिक संरक्षण न देने की अपील

गौरतलब है कि पप्पू यादव ने राजनीतिक दलों से भी सीधी अपील की कि वे आपराधिक मामलों में आरोपित व्यक्तियों को किसी भी हाल में संरक्षण न दें। उन्होंने कहा कि ऐसा संरक्षण न केवल पीड़ितों के साथ अन्याय है, बल्कि यह कानून व्यवस्था की विश्वसनीयता को भी कमज़ोर करता है। यह बयान बिहार की राजनीतिक संस्कृति के उस पहलू पर सीधा प्रहार माना जा रहा है, जहाँ आरोपियों को दलीय छाया में सुरक्षा मिलती रही है।

बाढ़ राहत के लिए ₹5,000 करोड़ के पैकेज की माँग

राज्यपाल से मुलाकात में पप्पू यादव ने बिहार में बाढ़ और जलजमाव की संकटपूर्ण स्थिति का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने सीमांचल से बक्सर तक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए केंद्र सरकार से ₹5,000 करोड़ के विशेष राहत पैकेज की माँग की। उनके अनुसार, इस राशि का उपयोग फसल, मकान और पशुधन की क्षति की भरपाई के साथ-साथ प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत देने में होना चाहिए।

राज्यपाल का आश्वासन

पप्पू यादव के अनुसार, राज्यपाल ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और बाढ़ के मुद्दे पर प्रधानमंत्री एवं केंद्र सरकार को सूचित करने तथा मुख्यमंत्री को पत्र लिखने का आश्वासन दिया। आगे यह देखना होगा कि राज्यपाल के इस आश्वासन के बाद राज्य और केंद्र सरकार जमुई कांड में न्याय की गति तेज़ करने और बाढ़ पीड़ितों को राहत देने के लिए कितनी तेज़ी से कदम उठाती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि राज्यपाल के आश्वासन के आगे क्या होगा — क्योंकि बिहार में यौन उत्पीड़न के मामलों में फास्ट-ट्रैक न्याय की माँगें पहले भी उठती रही हैं और अमल अधूरा ही रहा है। जमुई कांड को लेकर सांसद ने जाति और राजनीतिक संरक्षण पर सवाल उठाकर एक संवेदनशील तंत्र को छुआ है, जो बिहार की राजनीति में गहरे तक धँसा है। बाढ़ राहत के लिए ₹5,000 करोड़ की माँग भी जायज़ है, पर राज्य और केंद्र के बीच इस तरह के अनुरोध अक्सर लालफीताशाही में उलझ जाते हैं। मुख्य परीक्षा यह होगी कि राज्यपाल का पत्र महज़ औपचारिकता बनकर रह जाता है या उससे ठोस कार्रवाई निकलती है।
RashtraPress
23 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पप्पू यादव ने बिहार राज्यपाल से मुलाकात में क्या माँगें रखीं?
पप्पू यादव ने जमुई नाबालिग छेड़छाड़ कांड में फास्ट-ट्रैक अदालत में मुकदमा चलाकर कठोरतम सजा, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए ₹5,000 करोड़ के राहत पैकेज और सीसीटीवी कैमरे लगाने की माँगें रखीं। उन्होंने पीड़िता की पहचान गोपनीय रखने और सोशल मीडिया पर पहचान उजागर करने वालों पर कार्रवाई की भी अपील की।
जमुई नाबालिग छेड़छाड़ मामला क्या है?
जमुई में एक नाबालिग छात्रा के साथ छेड़छाड़ की घटना हुई और आरोप है कि उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। यह मामला बिहार में महिला सुरक्षा और डिजिटल उत्पीड़न को लेकर चिंता का केंद्र बन गया है।
बिहार बाढ़ राहत के लिए कितनी राशि की माँग की गई है?
पप्पू यादव ने सीमांचल से बक्सर तक बाढ़ और जलजमाव से प्रभावित लोगों के लिए केंद्र सरकार से ₹5,000 करोड़ के विशेष राहत पैकेज की माँग की है। यह राशि फसल, मकान और पशुधन की क्षति की भरपाई तथा प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए माँगी गई है।
राज्यपाल ने पप्पू यादव की माँगों पर क्या प्रतिक्रिया दी?
पप्पू यादव के अनुसार, राज्यपाल ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और बाढ़ के मुद्दे पर प्रधानमंत्री एवं केंद्र सरकार को अवगत कराने तथा मुख्यमंत्री को पत्र लिखने का आश्वासन दिया।
पप्पू यादव ने राजनीतिक दलों से क्या अपील की?
उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे आपराधिक मामलों में आरोपित लोगों को किसी भी परिस्थिति में संरक्षण न दें। उन्होंने कहा कि अपराधियों की पहचान उनकी जाति या राजनीतिक पहचान से नहीं, बल्कि उनके अपराध से होनी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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