16 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पप्पू यादव ने शिवराज सिंह से माँगा बिहार के लिए ₹10,000 करोड़ का बाढ़ राहत पैकेज

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पप्पू यादव ने शिवराज सिंह से माँगा बिहार के लिए ₹10,000 करोड़ का बाढ़ राहत पैकेज

सारांश

बिहार के 18 जिले बाढ़ में डूबे हैं, 60 लाख पीड़ितों में से केवल 8 लाख को राहत मिलने का दावा है — पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने शिवराज सिंह चौहान के दौरे पर तंज कसते हुए ₹10,000 करोड़ का तत्काल पैकेज माँगा और 2008 से तुलना कर केंद्र को घेरा।

मुख्य बातें

पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से बिहार के लिए ₹10,000 करोड़ का बाढ़ राहत पैकेज माँगा।
बिहार के 18 जिले बाढ़ग्रस्त हैं; सरकारी दावे के अनुसार 60 लाख लोग प्रभावित, परंतु केवल 8 लाख परिवारों को ₹7,000 सहायता की घोषणा।
यादव ने 2008 में डॉ.
मनमोहन सिंह सरकार द्वारा 5-6 जिलों की बाढ़ पर ₹1,000 करोड़ के पैकेज और राष्ट्रीय आपदा घोषणा का हवाला दिया।
₹2,000 से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर 0.4% चार्ज को 'गब्बर टैक्स' बताते हुए मध्यम वर्ग पर बोझ का आरोप लगाया।
बिहार में यूसीसी लागू करने की चर्चा को 2027 के चुनाव से जोड़ते हुए इसे मुद्दा भटकाने की कोशिश बताया।

पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने 16 सितंबर 2026 को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बिहार दौरे पर तीखा तंज कसते हुए ₹10,000 करोड़ के तत्काल बाढ़ राहत पैकेज की माँग की। उन्होंने कहा कि राज्य के 18 जिले बाढ़ की चपेट में हैं और केंद्र सरकार का रवैया अपर्याप्त है।

बाढ़ राहत पर पप्पू यादव का एक्स पोस्ट

सांसद पप्पू यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, 'शिवराजजी, बिहार में स्वागत है। 2008 में राज्य के 5-6 जिले बाढ़ प्रभावित थे तो डॉ. मनमोहन सिंह सरकार ने ₹1,000 करोड़ का तत्काल पैकेज और राष्ट्रीय आपदा घोषित किया था। आज 18 जिले बाढ़ग्रस्त हैं तो आपकी सरकार नदारद है। देर से ही सही आए हैं तो ₹10,000 करोड़ के बाढ़ राहत पैकेज की घोषणा कीजिए।'

यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में मानसूनी बाढ़ हर साल लाखों लोगों को विस्थापित करती है और राहत वितरण की पारदर्शिता पर सवाल उठते रहे हैं।

राहत वितरण पर सवाल

एक अन्य एक्स पोस्ट में पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार 60 लाख लोगों के बाढ़ पीड़ित होने का दावा करती है, लेकिन मात्र 8 लाख परिवारों को ही ₹7,000-₹7,000 देने की घोषणा की गई है। उन्होंने पूछा कि यह 8 लाख परिवार कौन हैं और उनका चयन कैसे हुआ। उन्होंने इसे 'बंदरबाँट का खेल' और 'लूटखसोट' बताया।

गौरतलब है कि बिहार में बाढ़ राहत के वितरण में पारदर्शिता की माँग लंबे समय से उठती रही है। 60 लाख दावाधारियों में से केवल 8 लाख को ही सहायता मिलने पर जवाबदेही का प्रश्न और गहरा हो जाता है।

यूपीआई चार्ज विवाद पर प्रतिक्रिया

₹2,000 से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर 0.4% चार्ज लगाए जाने के प्रस्ताव पर पप्पू यादव ने कहा कि भाजपा सरकार अमेरिकी दबाव में काम कर रही है और इस 'गब्बर टैक्स' से मध्यम वर्ग और छोटे व्यापारियों पर सबसे अधिक बोझ पड़ेगा। उन्होंने कहा, 'यूपीआई ट्रांजेक्शन पर चार्ज लगना सही नहीं है।'

पश्चिम बंगाल कानून और यूसीसी विवाद

पश्चिम बंगाल के नए कानून पर पप्पू यादव ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) को निशाना बनाकर यह कानून बनाया जा रहा है और जो सबसे अधिक भ्रष्टाचारी है, वह वसूली रोकने की बात कर रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को पहले अपने गिरेबाँ में झाँकना चाहिए।

बिहार में यूसीसी (समान नागरिक संहिता) लागू करने को लेकर एनडीए में मतभेद पर सांसद ने कहा कि भाजपा किसानों, बेरोज़गारी और युवाओं के मुद्दों पर विफल रही है और 2027 के चुनाव में फायदे के लिए यूसीसी का मुद्दा उठाया जा रहा है।

आगे क्या होगा

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का बिहार दौरा बाढ़ की स्थिति का जायज़ा लेने के लिए था। पप्पू यादव की ₹10,000 करोड़ के राहत पैकेज की माँग और राहत वितरण में पारदर्शिता के सवाल अब राजनीतिक दबाव का रूप लेते दिख रहे हैं। केंद्र सरकार की ओर से अभी तक इस माँग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यदि सत्यापित हो, तो यह राहत वितरण की संरचनात्मक खामी को उजागर करता है। 2008 की तुलना एक राजनीतिक हथियार है, लेकिन असली सवाल यह है कि 18 जिलों की बाढ़ के बाद भी राष्ट्रीय आपदा घोषणा क्यों नहीं हुई। यूपीआई चार्ज और यूसीसी पर उनकी प्रतिक्रियाएँ अलग-अलग मुद्दे हैं जिन्हें एक ही बयानबाज़ी में मिलाया गया है — जिससे बाढ़ राहत की केंद्रीय माँग कमज़ोर पड़ सकती है। केंद्र सरकार की चुप्पी और बिहार में एनडीए की आंतरिक खींचतान इस मुद्दे को आने वाले हफ्तों में और राजनीतिक रंग दे सकती है।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पप्पू यादव ने शिवराज सिंह चौहान से क्या माँग की है?
पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बिहार दौरे पर तत्काल ₹10,000 करोड़ के बाढ़ राहत पैकेज की घोषणा की माँग की है। उन्होंने कहा कि बिहार के 18 जिले बाढ़ग्रस्त हैं और केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया अपर्याप्त है।
बिहार बाढ़ 2026 में कितने लोग प्रभावित हैं?
सरकारी दावे के अनुसार बिहार में 60 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं और 18 जिले बाढ़ग्रस्त हैं। हालाँकि, सांसद पप्पू यादव के अनुसार इनमें से केवल 8 लाख परिवारों को ₹7,000 की सहायता राशि देने की घोषणा की गई है।
2008 की बिहार बाढ़ से तुलना क्यों की जा रही है?
पप्पू यादव ने बताया कि 2008 में जब बिहार के केवल 5-6 जिले बाढ़ प्रभावित थे, तब डॉ. मनमोहन सिंह सरकार ने ₹1,000 करोड़ का तत्काल पैकेज दिया और राष्ट्रीय आपदा घोषित की थी। उनका तर्क है कि आज 18 जिले प्रभावित होने के बावजूद मौजूदा सरकार की प्रतिक्रिया उस अनुपात में नहीं है।
पप्पू यादव ने यूपीआई चार्ज पर क्या कहा?
सांसद पप्पू यादव ने ₹2,000 से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर 0.4% चार्ज को 'गब्बर टैक्स' बताते हुए कहा कि इससे मध्यम वर्ग और छोटे व्यापारियों पर सबसे अधिक बोझ पड़ेगा। उन्होंने इसे अमेरिकी दबाव में लिया गया फैसला बताया।
बिहार में यूसीसी पर पप्पू यादव का क्या कहना है?
पप्पू यादव ने बिहार में यूसीसी लागू करने की चर्चा को 2027 के चुनावी फायदे के लिए उठाया गया मुद्दा बताया। उनका कहना है कि भाजपा किसानों, बेरोज़गारी और युवाओं के असली सवालों से ध्यान भटकाने के लिए यूसीसी का सहारा ले रही है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 घंटा पहले
  2. कल
  3. 2 दिन पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले