बिहार बाढ़: शिवराज सिंह चौहान ने हाजीपुर में प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया, केंद्रीय मदद का आश्वासन
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अगुवाई में एक केंद्रीय आकलन दल बुधवार, 16 सितंबर 2026 को बिहार पहुँचा और वैशाली जिले के हाजीपुर में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जमीनी निरीक्षण किया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिए हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी।
मुख्य घटनाक्रम
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय टीम के अन्य सदस्यों ने हाजीपुर में ट्रैक्टर और नाव के ज़रिये जलमग्न इलाकों का दौरा किया। दल ने बढ़ते जलस्तर से क्षतिग्रस्त फसलों, सड़कों और अन्य बुनियादी ढाँचे की स्थिति का व्यापक जायजा लिया।
मंत्री चौहान ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का सटीक आकलन करने के लिए आगे और सर्वेक्षण किए जाएँगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार बिहार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।
आपदा प्रबंधन विभाग के आँकड़े
आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, राज्य के 15 जिलों — पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, बक्सर, समस्तीपुर, खगड़िया, बेगूसराय, दरभंगा, अररिया, पूर्णिया, मधेपुरा और कटिहार — में फैले 88 ब्लॉकों की 575 ग्राम पंचायतों में लगभग 49.74 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता वितरित करना शुरू कर दिया है।
नदियों की खतरनाक स्थिति
केंद्रीय जल आयोग के आँकड़ों के अनुसार, मुजफ्फरपुर के डुमरिया घाट पर गंडक नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही थी। खगड़िया के बलतारा और कुरसेला में कोसी नदी भी खतरे के स्तर से ऊपर थी।
पटना के गांधी घाट और हाथीदह के साथ-साथ भागलपुर और कहलगांव में गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर दर्ज की गई। इसके अतिरिक्त, श्रीपालपुर में पुनपुन नदी और बेनीबाद तथा सोनाखान में बागमती नदी भी खतरे के स्तर से ऊपर बह रही थीं। अधिकारी सभी संवेदनशील स्थानों पर जलस्तर की निरंतर निगरानी कर रहे हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वैशाली में मीडिया से बात करते हुए बताया कि केंद्रीय कृषि मंत्री ने फसलों और सड़कों की स्थिति का बारीकी से मुआयना किया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय टीमें नुकसान के आकलन के लिए अन्य जिलों का भी दौरा करेंगी।
मुख्यमंत्री चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष केंद्रीय दल भेजने के लिए आभार जताया और संकेत दिया कि स्थिति की गहन समीक्षा के लिए और टीमें राज्य का दौरा कर सकती हैं। जमीनी निरीक्षण पूरा होने के बाद एक समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी।
क्या होगा आगे
राहत और बचाव अभियान जारी है, और केंद्र-राज्य के बीच समन्वय बैठकों की श्रृंखला अपेक्षित है। नुकसान के आकलन के बाद केंद्र सरकार की ओर से राज्य आपदा राहत कोष (SDRF) के तहत अनुदान की घोषणा की संभावना है। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में मानसून सीजन अभी चरम पर है और नदियों का जलस्तर स्थिर होने में समय लग सकता है।