बिहार बाढ़: शिवराज सिंह चौहान की अगुआई में केंद्रीय टीम करेगी क्षति का आकलन, CM सम्राट चौधरी ने जताया आभार
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 14 सितंबर 2026 को पटना में स्पष्ट किया कि राज्य में बाढ़ की स्थायी समाधान की दिशा में केंद्र सरकार सक्रिय कदम उठा रही है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में एक केंद्रीय दल शीघ्र बिहार का दौरा करेगा और बाढ़-प्रभावित क्षेत्रों में हुई क्षति का विस्तृत आकलन करेगा। मुख्यमंत्री ने इस त्वरित पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नेहरू पथ स्थित बिहार राज्य अभिलेख भवन के सभागार में आयोजित हिंदी दिवस समारोह-सह-कवि सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बाढ़ की चुनौती से निपटने के लिए नदी तंत्र और जल प्रबंधन को लेकर व्यापक स्तर पर काम करने की आवश्यकता है। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि बाढ़ से होने वाली जन-धन की क्षति को कम किया जाए और समस्या का प्रभावी एवं दीर्घकालिक समाधान सुनिश्चित किया जाए।
नदी तंत्र और जल प्रबंधन की रणनीति
मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि बिहार की नदियाँ राज्य के जीवन और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने कहा कि नदियों को आपस में जोड़ने के साथ-साथ उनका संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है। नदी तंत्र के संरक्षण, जल प्रबंधन और बाढ़ नियंत्रण के लिए दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाते हुए काम किया जा रहा है। गौरतलब है कि बिहार प्रतिवर्ष उत्तर में नेपाल से आने वाली नदियों — कोसी, गंडक और बागमती — के उफान से बड़े पैमाने पर बाढ़-पीड़ित होता है, और यह समस्या दशकों से राज्य के लिए सबसे बड़ी आपदाओं में से एक बनी हुई है।
हिंदी दिवस पर सांस्कृतिक संदेश
बाढ़ प्रबंधन के मुद्दे के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने हिंदी दिवस के अवसर पर राज्यवासियों को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि हिंदी केवल संवाद की भाषा नहीं, बल्कि हमारी पहचान, संस्कृति, सभ्यता और समृद्ध साहित्यिक परंपरा की अभिव्यक्ति है। उन्होंने बताया कि हिंदी विश्व में तीसरी सबसे अधिक प्रयोग की जाने वाली भाषा है और इसके व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर प्रयास जरूरी हैं। विद्यापति, राष्ट्रकवि रामधारी सिंह 'दिनकर' और जनकवि नागार्जुन का स्मरण करते हुए उन्होंने बिहार की समृद्ध साहित्यिक विरासत को रेखांकित किया।
हिंदी साहित्य समागम की घोषणा
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि हिंदी के साहित्यिक और सांस्कृतिक विस्तार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बिहार में शीघ्र एक दो दिवसीय हिंदी साहित्य समागम आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन में देशभर के प्रमुख हिंदी साहित्यकारों, रचनाकारों, कवियों और विद्वानों को आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तैयारियाँ समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश भी दिए। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव और मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने भी संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राजभाषा पत्रिका का लोकार्पण किया।
आगे क्या होगा
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में आने वाली केंद्रीय टीम के आकलन के बाद केंद्र सरकार से राहत और पुनर्निर्माण की दिशा में ठोस कदम अपेक्षित हैं। राज्य सरकार का कहना है कि जल प्रबंधन और बाढ़ नियंत्रण के लिए दीर्घकालिक योजनाओं को अमल में लाने की प्रक्रिया पहले से चल रही है, और केंद्रीय दौरे के बाद इसे और गति मिलने की संभावना है।