बिहार बाढ़: डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी ने कंट्रोल कमांड सेंटर का निरीक्षण किया, पुनपुन-दरधा नदियों का जलस्तर चिंताजनक
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के उपमुख्यमंत्री एवं जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने 3 सितंबर 2026 (गुरुवार) को पटना के सिंचाई भवन स्थित जल संसाधन विभाग के कंट्रोल कमांड सेंटर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए राज्य के संवेदनशील और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जारी फ्लड फाइटिंग कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा बैठक में पुनपुन और दरधा नदियों के बढ़ते जलस्तर को लेकर विशेष चर्चा की गई।
मुख्य घटनाक्रम
निरीक्षण के दौरान भागलपुर जिले के खरीक प्रखंड स्थित काजीकोरैया-राघोपुर बांध तथा विभिन्न कटाव प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे सुरक्षात्मक एवं बाढ़ निरोधक कार्यों की प्रगति की भी जानकारी ली गई। अधिकारियों ने उपमुख्यमंत्री को विभिन्न बाढ़ एवं कटाव प्रभावित क्षेत्रों की मौजूदा स्थिति से अवगत कराया। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार के कई ज़िलों में नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
अधिकारियों को निर्देश
चौधरी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि संवेदनशील और कटाव प्रभावित क्षेत्रों में फ्लड फाइटिंग कार्यों को पूरी तत्परता के साथ जारी रखा जाए। उन्होंने कहा कि बाढ़ और कटाव की स्थिति लगातार बदलती रहती है, इसलिए किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए अधिकारी पहले से तैयार रहें और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी कहा कि जिन क्षेत्रों में कटाव या जलस्तर बढ़ने का खतरा है, वहां सुरक्षात्मक कार्यों में किसी तरह की ढिलाई नहीं होनी चाहिए।
तकनीक और समन्वय पर ज़ोर
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से क्षेत्रीय स्थिति की जानकारी लगातार प्राप्त की जाए, ताकि जरूरत के अनुसार संसाधनों और बचाव कार्यों को तत्काल प्रभावित क्षेत्रों में लगाया जा सके। उन्होंने स्थानीय स्तर से मिलने वाली सूचनाओं का त्वरित संज्ञान लेने और किसी भी आपात स्थिति में बिना समय गंवाए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। साथ ही, स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर काम करने पर विशेष बल दिया गया।
आम जनता पर असर
चौधरी ने स्पष्ट किया कि बाढ़ और कटाव प्रभावित क्षेत्रों में आम लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए विभाग के अधिकारी और अभियंता क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहकर स्थिति की निगरानी करें। आवश्यकतानुसार मशीनरी, सामग्री और मानव संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। गौरतलब है कि बिहार में हर वर्ष बाढ़ लाखों लोगों को प्रभावित करती है और राज्य देश के सर्वाधिक बाढ़-संवेदनशील राज्यों में शुमार है।
टीम की सराहना और आगे की रणनीति
उपमुख्यमंत्री ने जल संसाधन विभाग के सचिव, अभियंताओं और पूरी टीम द्वारा बाढ़ की चुनौती के बीच किए जा रहे कार्यों की सराहना की और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि कंट्रोल कमांड सेंटर बाढ़ की स्थिति पर निगरानी रखने और संबंधित अधिकारियों तक सूचनाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। आने वाले दिनों में नदियों के जलस्तर और बाढ़ की स्थिति पर विभाग की नज़र बनी रहेगी।