31 अगस्त 2026
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भागलपुर बाढ़: DM अलंकृता पांडेय ने देर रात राघोपुर बांध का निरीक्षण किया, अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश

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भागलपुर बाढ़: DM अलंकृता पांडेय ने देर रात राघोपुर बांध का निरीक्षण किया, अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश

सारांश

बिहार के भागलपुर में बाढ़ का खतरा गहराने पर जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने रविवार की देर रात खुद राघोपुर बांध पहुँचकर स्थिति का जायजा लिया। संवेदनशील तटबंधों पर चौबीसों घंटे निगरानी और अतिरिक्त संसाधनों की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्य बातें

जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने रविवार देर रात नवगछिया के राघोपुर बांध का स्थलीय निरीक्षण किया।
तटबंध के संवेदनशील हिस्सों की पहचान कर अभियंताओं से विस्तृत जानकारी ली गई।
सभी संवेदनशील तटबंधों पर चौबीसों घंटे निगरानी और अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती के निर्देश।
आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी देरी पर सख्त रोक।
जनता से अपील — अफवाहों से बचें, तटबंध संबंधी सूचना तत्काल प्रशासन को दें।

बिहार के भागलपुर जिले में बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच जिला प्रशासन ने निगरानी और सुरक्षा तंत्र को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने रविवार देर रात नवगछिया अनुमंडल के राघोपुर बांध का स्थलीय निरीक्षण किया और तटबंध की मौजूदा स्थिति तथा बाढ़-रोधी कार्यों की प्रगति का सीधे जायजा लिया। यह निरीक्षण ऐसे समय में हुआ जब जिले के कई निचले इलाकों में नदी का जलस्तर चिंताजनक स्तर पर बना हुआ है।

निरीक्षण में क्या सामने आया

जिलाधिकारी ने राघोपुर बांध के विभिन्न हिस्सों का बारीकी से मुआयना किया और संवेदनशील स्थलों की पहचान के लिए संबंधित अभियंताओं एवं अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। तटबंध सुरक्षा के लिए जारी कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की भी समीक्षा की गई। उपलब्ध संसाधनों एवं तैनात कर्मियों की स्थिति का भी आकलन किया गया।

अधिकारियों को दिए गए निर्देश

जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राघोपुर बांध सहित जिले के सभी संवेदनशील तटबंधों पर चौबीसों घंटे निगरानी बनाए रखी जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थान पर स्थिति बिगड़ने के संकेत मिलते ही तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि संभावित खतरे को समय रहते नियंत्रित किया जा सके। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त संसाधन और कर्मियों की तैनाती के भी निर्देश दिए गए।

राहत एवं बचाव की तैयारी

जिलाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों और अभियंताओं को आपसी समन्वय के साथ काम करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव से जुड़ी सुविधाएं समय पर पहुँचाई जाएं और आपात स्थिति में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन की ओर से नदी के जलस्तर और तटबंधों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

जनता से अपील

जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे बाढ़ की स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और अफवाहों पर ध्यान न दें। तटबंध अथवा जलस्तर से संबंधित कोई भी असामान्य सूचना मिलने पर तत्काल स्थानीय प्रशासन को सूचित करने की अपील की गई है। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रभावित लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क एवं मुस्तैद है।

आगे क्या

गौरतलब है कि बिहार में मानसून के दौरान कोसी, गंडक और गंगा जैसी प्रमुख नदियों में उफान से हर वर्ष लाखों लोग प्रभावित होते हैं। भागलपुर का नवगछिया अनुमंडल ऐतिहासिक रूप से बाढ़-संवेदनशील क्षेत्र रहा है। प्रशासन का फोकस अभी संभावित खतरे वाले क्षेत्रों में पूर्व-तैयारी और त्वरित राहत अभियान पर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन बिहार में हर मानसून यही चक्र दोहराया जाता है — निरीक्षण, निर्देश, और फिर बाढ़ की तबाही। असली सवाल यह है कि राघोपुर जैसे चिह्नित संवेदनशील बांधों की स्थायी मजबूती के लिए दीर्घकालिक ढाँचागत कार्य कब होंगे। तात्कालिक निगरानी जरूरी है, पर यह स्थायी समाधान नहीं है।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राघोपुर बांध का निरीक्षण क्यों किया गया?
भागलपुर जिले में बाढ़ की बिगड़ती स्थिति और नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने रविवार देर रात राघोपुर बांध का निरीक्षण किया। उद्देश्य तटबंध की मौजूदा स्थिति और बाढ़-रोधी कार्यों की प्रगति का सीधे आकलन करना था।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को क्या निर्देश दिए?
जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने सभी संवेदनशील तटबंधों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखने, संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त संसाधन और कर्मी तैनात करने तथा आपात स्थिति में राहत-बचाव में कोई देरी न करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
नवगछिया का राघोपुर बांध कितना संवेदनशील है?
नवगछिया अनुमंडल ऐतिहासिक रूप से बिहार के बाढ़-संवेदनशील क्षेत्रों में आता है। प्रशासन ने राघोपुर बांध को संवेदनशील स्थल के रूप में चिह्नित किया है और इसकी विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
बाढ़ की स्थिति में आम जनता क्या करे?
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें, अफवाहों पर ध्यान न दें और तटबंध या जलस्तर से जुड़ी कोई भी असामान्य सूचना तत्काल स्थानीय प्रशासन को दें।
भागलपुर में बाढ़ राहत की क्या तैयारी है?
प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में पदाधिकारियों और कर्मियों की तैनाती के साथ आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की है। नदी के जलस्तर और तटबंधों पर लगातार नजर रखी जा रही है और आपात स्थिति में तत्काल राहत अभियान शुरू करने की तैयारी है।
राष्ट्र प्रेस
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