पैराडॉक्स ने एमसी स्क्वायर से तुलना पर तोड़ी चुप्पी: 'हम प्रतिद्वंद्वी नहीं, जल्द आएगा नया कोलैब'
सारांश
मुख्य बातें
रैपर पैराडॉक्स ने एमसी स्क्वायर के साथ होने वाली तुलना पर पहली बार खुलकर बात की है और साफ कहा है कि दोनों कलाकारों के हुनर अलग-अलग हैं और उन्हें एक-दूसरे का प्रतिद्वंद्वी नहीं माना जाना चाहिए। मुंबई में रियलिटी शो 'एमटीवी हसल 5' के सिलसिले में हुई बातचीत में पैराडॉक्स ने यह भी संकेत दिया कि फैंस को जल्द ही दोनों का नया म्यूजिक कोलैबोरेशन सुनने को मिलेगा।
तुलना पर पैराडॉक्स का जवाब
जब पैराडॉक्स से पूछा गया कि क्या एमसी स्क्वायर के साथ तुलना किए जाने से उन्हें कभी दबाव या असुरक्षा महसूस होती है, तो उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि इसकी कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि ऐसी बहुत सी चीजें हैं जिनमें हम दोनों माहिर हैं और दोनों के अलग-अलग पहलू हैं। ऐसी कोई स्थिति कभी नहीं आई, जहां लोगों ने हमारी तुलना की हो। मैं एमसी स्क्वायर को अपना प्रतिद्वंद्वी नहीं मानता। हम दोनों की अलग-अलग पहचान और शैली हैं।'
गौरतलब है कि भारतीय हिप-हॉप के उभार के साथ पैराडॉक्स और एमसी स्क्वायर दोनों ने अपनी विशिष्ट शैली से देशभर में करोड़ों श्रोताओं को अपना दीवाना बनाया है। जब भी दोनों एक मंच पर नजर आते हैं, फैंस के बीच तुलना की बहस छिड़ जाती है — लेकिन पैराडॉक्स इस बहस को सिरे से खारिज करते हैं।
फैंस की डिमांड और नए कोलैब का वादा
पैराडॉक्स ने बताया कि फैंस लगातार दोनों को साथ देखना और सुनना चाहते हैं। उन्होंने कहा, 'फैंस की ओर से मुझे और एमसी स्क्वायर को साथ देखने की उम्मीद लगातार बनी रहती है। हम दोनों के फैंस चाहते हैं कि हम एक बार फिर साथ में गाना बनाएं। मुझे फैंस की ये डिमांड बेहद प्यारी लगती है।'
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस डिमांड को वे बोझ नहीं, बल्कि प्यार की तरह लेते हैं। पैराडॉक्स ने फैंस से वादा करते हुए कहा, 'हम दोनों के अगले कोलैबोरेशन का इंतजार करें। आने वाले समय में आपको हमारा साथ में नया म्यूजिक सुनने को मिलेगा।'
एमटीवी हसल 5 में मेंटर की भूमिका
फिलहाल पैराडॉक्स और एमसी स्क्वायर दोनों रियलिटी शो 'एमटीवी हसल 5' में स्क्वाड बॉस और मेंटर की भूमिका निभा रहे हैं। इस सीजन की थीम 'अपना होमग्राउंड' रखी गई है। रैपर बादशाह इस बार 'रैप सुप्रीमो' की कुर्सी पर हैं, जबकि ईपीआर, एमसी स्क्वायर, पैराडॉक्स और एजीएसवाई स्क्वाड बॉस के रूप में शामिल हैं।
शो में देशभर के उभरते रैपर अपनी परफॉर्मेंस और गीतों के जरिए मेंटर्स को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं — और यह मंच भारतीय हिप-हॉप की अगली पीढ़ी को तराशने का काम कर रहा है।
भारतीय हिप-हॉप का बढ़ता दायरा
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय हिप-हॉप मुख्यधारा के संगीत उद्योग में तेजी से अपनी जगह बना रहा है। स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर रैप और हिप-हॉप की सुनवाई में पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। पैराडॉक्स और एमसी स्क्वायर जैसे कलाकार इस बदलाव के अग्रदूत माने जाते हैं। दोनों का संभावित कोलैब इस शैली के प्रशंसकों के लिए एक बड़ी घटना साबित हो सकता है।