पश्चिम एशिया संकट पर जीओएम की बैठक, राजनाथ सिंह करेंगे अध्यक्षता

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पश्चिम एशिया संकट पर जीओएम की बैठक, राजनाथ सिंह करेंगे अध्यक्षता

सारांश

पश्चिम एशिया संकट को लेकर सरकार द्वारा गठित ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की बैठक आज होगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में होने वाली इस बैठक में आवश्यक वस्तुओं की स्थिति पर चर्चा की जाएगी।

Key Takeaways

  • बैठक में पश्चिम एशिया संकट पर चर्चा होगी।
  • राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में जीओएम की बैठक आयोजित की जा रही है।
  • आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति की समीक्षा की जाएगी।

नई दिल्ली, १८ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम एशिया संकट के संदर्भ में सरकार द्वारा गठित ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (जीओएम) की बैठक आज एक बार फिर आयोजित की जाएगी। शनिवार को शाम ४ बजे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में यह बैठक होगी, जिसमें पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। इस बैठक में एलपीजी सप्लाई, पेट्रोल-डीजल, फर्टिलाइजर्स आदि की आपूर्ति की समीक्षा की जाएगी।

इससे पहले ८ अप्रैल को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (जीओएम) की तीसरी बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी सहित कई अन्य वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी भी उपस्थित थे।

बैठक के दौरान रक्षा मंत्री ने यह स्पष्ट किया कि सरकार देश में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि रसोई गैस (एलपीजी), पेट्रोल, डीजल और किसानों के लिए उर्वरकों की आपूर्ति को बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

साथ ही, देशभर में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रभावी व्यवस्थाएं की जा रही हैं, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार संभावित संकटों से निपटने के लिए पहले से ही तैयारियों को मजबूत कर रही है।

वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सतत निगरानी और समय पर निर्णय लेना अत्यंत आवश्यक है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार की भूमिका को भी इस दौरान उजागर किया गया। सरकार देशवासियों को अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के प्रभाव से सुरक्षित रखने के लिए लगातार प्रभावी कार्य कर रही है और हर स्तर पर समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं।

इससे पहले २ अप्रैल को नई दिल्ली के कर्तव्य भवन-२ में इसी समूह की दूसरी बैठक आयोजित की गई थी। उस बैठक में भी पश्चिम एशिया की स्थिति पर गहन चर्चा हुई थी और संभावित खतरों को कम करने के लिए रणनीति तैयार की गई थी।

रक्षा मंत्री ने उस समय कहा था कि भारत को हर स्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए और इसके लिए २४ घंटे निगरानी के साथ संतुलित और सोच-समझकर प्रतिक्रिया देना आवश्यक है। दूसरी बैठक में यह भी जोर दिया गया था कि सरकार को ऐसे सभी कदम उठाने चाहिए, जिससे देश की अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा और खाद्य आपूर्ति पर किसी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव न पड़े। साथ ही, विभिन्न मंत्रालयों और एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर भी बल दिया गया था।

Point of View

NationPress
18/04/2026

Frequently Asked Questions

पश्चिम एशिया संकट पर बैठक कब हो रही है?
बैठक आज, १८ अप्रैल को शाम ४ बजे होगी।
इस बैठक में कौन-कौन मंत्री शामिल हैं?
बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और अन्य मंत्री शामिल हैं।
बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या है?
बैठक का उद्देश्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति की स्थिति पर चर्चा करना है।
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