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पश्चिम बंगाल पोस्ट-पोल हिंसा: सीबीआई ने फरार घोषित अपराधी झरना मिस्त्री को दक्षिण 24 परगना से किया गिरफ्तार

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पश्चिम बंगाल पोस्ट-पोल हिंसा: सीबीआई ने फरार घोषित अपराधी झरना मिस्त्री को दक्षिण 24 परगना से किया गिरफ्तार

सारांश

2021 के पश्चिम बंगाल पोस्ट-पोल हिंसा हत्याकांड में वर्षों से फरार घोषित अपराधी झरना मिस्त्री को सीबीआई ने दक्षिण 24 परगना से गिरफ्तार किया। एफआईआर दर्ज होने के बाद से लापता, अक्टूबर 2023 में घोषित अपराधी करार दी गई झरना की गिरफ्तारी कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देश पर चल रही जांच की अहम कड़ी है।

मुख्य बातें

सीबीआई ने 29 सितंबर को घोषित अपराधी झरना मिस्त्री को दक्षिण 24 परगना के घोषपाड़ा से गिरफ्तार किया।
झरना सह-आरोपी संजय मिस्त्री की पत्नी है और 2021 में एफआईआर दर्ज होने के बाद से फरार थी।
मामला शोभा रानी मंडल की हत्या से जुड़ा है, जो 2021 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद हुई कथित हिंसा का हिस्सा था।
सीबीआई ने 29 दिसंबर 2021 को 13 आरोपियों के विरुद्ध पूरक आरोपपत्र दाखिल किया था।
बैरकपुर एसीजेएम अदालत ने 3 अक्टूबर 2023 को उसे घोषित अपराधी करार दिया था और गिरफ्तारी पर ₹50,000 का इनाम घोषित था।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 2021 के पश्चिम बंगाल पोस्ट-पोल हिंसा से जुड़े हत्याकांड में वर्षों से फरार चल रही घोषित अपराधी झरना मिस्त्री को मंगलवार, 29 सितंबर को गिरफ्तार कर लिया। उसे दक्षिण 24 परगना जिले के संतोषपुर स्थित घोषपाड़ा इलाके से हिरासत में लिया गया। गिरफ्तारी के बाद उसे बैरकपुर की सक्षम अदालत के समक्ष पेश किया गया।

कौन है झरना मिस्त्री और मामले की पृष्ठभूमि

झरना मिस्त्री इस मामले के सह-आरोपी संजय मिस्त्री की पत्नी है। यह मामला पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 के बाद कथित तौर पर भड़की हिंसा के दौरान एक महिला की हत्या से संबंधित है। शिकायतकर्ता की माँ शोभा रानी मंडल की हत्या का आरोप एफआईआर में दर्ज किया गया था।

मूल एफआईआर संख्या 345/2021, 3 मई 2021 को जगद्दल थाने में दर्ज हुई थी। कलकत्ता उच्च न्यायालय के 19 अगस्त 2021 के आदेश के अनुपालन में सीबीआई ने 27 अगस्त 2021 को इस मामले की जांच अपने हाथ में ली थी।

आरोपपत्र और घोषित अपराधी का दर्जा

जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने 29 दिसंबर 2021 को कुल 13 आरोपियों के विरुद्ध पूरक आरोपपत्र दाखिल किया, जिनमें झरना मिस्त्री का नाम भी शामिल था। एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही वह फरार रही और जांच तथा अदालती कार्यवाही में कभी उपस्थित नहीं हुई।

लगातार अनुपस्थिति और न्यायिक प्रक्रिया से बचने के कारण उत्तर 24 परगना जिले के बैरकपुर स्थित एसीजेएम अदालत ने 3 अक्टूबर 2023 के आदेश द्वारा उसे आधिकारिक रूप से घोषित अपराधी करार दिया था।

गिरफ्तारी से पहले घोषित था ₹50,000 का इनाम

सीबीआई ने झरना मिस्त्री की गिरफ्तारी के लिए ₹50,000 के नकद इनाम की घोषणा भी की थी। गौरतलब है कि 2021 में एफआईआर दर्ज होने के बाद से वह लगातार छिपती रही और अदालती सुनवाई की किसी भी प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया।

व्यापक संदर्भ: पोस्ट-पोल हिंसा जांच

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई कथित हिंसा के मामलों की जांच सीबीआई वर्षों से जारी रखे हुए है। कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देश पर शुरू हुई इस जांच में अनेक आरोपी अब तक गिरफ्तार किए जा चुके हैं। झरना मिस्त्री की गिरफ्तारी इस श्रृंखला की एक और महत्त्वपूर्ण कड़ी है।

आगे की कानूनी कार्यवाही बैरकपुर की सक्षम अदालत में होगी, जहाँ सीबीआई अपना पक्ष रखेगी और न्यायालय रिमांड या ज़मानत पर फैसला करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट नहीं है, जो न्यायिक प्रक्रिया की गति पर सवाल खड़ा करता है। पोस्ट-पोल हिंसा के मामले राजनीतिक रूप से संवेदनशील बने हुए हैं और जांच की निष्पक्षता पर बहस जारी है।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झरना मिस्त्री को कहाँ और कब गिरफ्तार किया गया?
सीबीआई ने झरना मिस्त्री को 29 सितंबर को दक्षिण 24 परगना जिले के संतोषपुर स्थित घोषपाड़ा से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उसे बैरकपुर की सक्षम अदालत में पेश किया गया।
पश्चिम बंगाल पोस्ट-पोल हिंसा हत्याकांड में झरना मिस्त्री की क्या भूमिका है?
झरना मिस्त्री सह-आरोपी संजय मिस्त्री की पत्नी है और 2021 में दर्ज एफआईआर में उसे आरोपी बनाया गया था। सीबीआई ने 29 दिसंबर 2021 को दाखिल पूरक आरोपपत्र में 13 आरोपियों के साथ उसका नाम भी शामिल किया था।
झरना मिस्त्री को घोषित अपराधी कब और किसने करार दिया?
बैरकपुर स्थित एसीजेएम अदालत ने 3 अक्टूबर 2023 के आदेश द्वारा झरना मिस्त्री को घोषित अपराधी करार दिया था। वह 2021 से एफआईआर दर्ज होने के बाद से लगातार फरार थी और किसी भी अदालती कार्यवाही में उपस्थित नहीं हुई थी।
इस मामले में सीबीआई की जांच कैसे शुरू हुई?
कलकत्ता उच्च न्यायालय के 19 अगस्त 2021 के आदेश के अनुपालन में सीबीआई ने 27 अगस्त 2021 को जगद्दल थाने में 3 मई 2021 को दर्ज एफआईआर संख्या 345/2021 की जांच अपने हाथ में ली थी। मामला 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई कथित हिंसा में शोभा रानी मंडल की हत्या से जुड़ा है।
झरना मिस्त्री की गिरफ्तारी पर कितना इनाम घोषित था?
सीबीआई ने झरना मिस्त्री की गिरफ्तारी के लिए ₹50,000 के नकद इनाम की घोषणा की थी। यह इनाम उसके घोषित अपराधी करार दिए जाने के बाद घोषित किया गया था।
राष्ट्र प्रेस
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