11 अगस्त 2026
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2021 बंगाल चुनाव बाद हत्या मामले में सीबीआई ने घोषित अपराधी गोपाल दास को मध्यमग्राम से गिरफ्तार किया

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2021 बंगाल चुनाव बाद हत्या मामले में सीबीआई ने घोषित अपराधी गोपाल दास को मध्यमग्राम से गिरफ्तार किया

सारांश

चार साल से फरार घोषित अपराधी गोपाल दास उर्फ विशाल पॉल को सीबीआई ने मध्यमग्राम से दबोचा — यह 2021 बंगाल चुनाव बाद हुई अभिजीत सरकार की कथित हत्या का मामला है, जिसमें 38 आरोपियों पर चार्जशीट दाखिल हो चुकी है।

मुख्य बातें

सीबीआई ने 11 अगस्त को उत्तर 24 परगना के मध्यमग्राम से घोषित अपराधी गोपाल दास उर्फ विशाल पॉल को गिरफ्तार किया।
आरोपी 2021 में एफआईआर दर्ज होने के बाद से फरार था; उसकी गिरफ्तारी पर ₹50,000 का इनाम घोषित था।
मामला 2 मई 2021 को कोलकाता की शीतलतला लेन में अभिजीत सरकार की कथित हत्या से जुड़ा है।
सीबीआई ने 2021 और 2025 में कुल 38 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है; इनमें टीएमसी के तत्कालीन विधायक परेश पाल भी शामिल हैं।
अदालत ने गोपाल दास को न्यायिक हिरासत में भेजा; मामला कलकत्ता सिटी सेशंस कोर्ट में विचाराधीन है।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम स्थित रवींद्रनगर से घोषित अपराधी गोपाल दास उर्फ विशाल पॉल को गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी 2 मई 2021 को कोलकाता की शीतलतला लेन में अभिजीत सरकार की कथित हत्या से जुड़े मामले में हुई है, जो 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद भड़की हिंसा का हिस्सा था।

गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि

सीबीआई के अनुसार, गोपाल दास उर्फ विशाल पॉल 2021 में एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही फरार था और उसने कभी भी जांच या मुकदमे की कार्यवाही में हिस्सा नहीं लिया। एजेंसी ने उसकी गिरफ्तारी के लिए ₹50,000 के नकद इनाम की घोषणा की थी। अंततः ह्यूमन इंटेलिजेंस और तकनीकी इनपुट के संयुक्त उपयोग से उसे दबोचा गया।

मामले का घटनाक्रम

यह मामला मूलतः नारकेलडांगा पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर पर आधारित था। कलकत्ता उच्च न्यायालय के 19 अगस्त 2021 के आदेश के अनुपालन में सीबीआई ने 25 अगस्त 2021 को यह मामला अपने हाथ में लिया। जांच पूरी होने के बाद एजेंसी ने 2021 और 2025 में कुल 38 आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट और सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की।

चार्जशीट में गोपाल दास के साथ-साथ परेश पाल (तृणमूल कांग्रेस के तत्कालीन विधायक), तत्कालीन टीएमसी पार्षद स्वप्न समाद्दार और पापिया घोष का भी नाम है। इन सभी पर आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। यह मामला वर्तमान में कलकत्ता सिटी सेशंस कोर्ट में विचाराधीन है।

न्यायिक कार्रवाई

गिरफ्तारी के बाद गोपाल दास उर्फ विशाल पॉल को उसी दिन कलकत्ता की सक्षम अदालत में पेश किया गया, जहाँ अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। यह गिरफ्तारी इस बात का संकेत है कि सीबीआई उन फरार आरोपियों पर अपना शिकंजा कसना जारी रखे हुए है जो वर्षों से कानून की पकड़ से बाहर थे।

व्यापक संदर्भ

गौरतलब है कि 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में व्यापक हिंसा की खबरें आई थीं। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने इन मामलों की जांच सीबीआई को सौंपी थी, जो तब से कई मामलों में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में कानून-व्यवस्था और राजनीतिक हिंसा के मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकार के बीच तनाव बना हुआ है। आने वाले दिनों में अन्य फरार आरोपियों की भी गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस व्यापक तस्वीर का एक छोटा टुकड़ा है — 38 आरोपियों में से अधिकांश अभी भी मुकदमे का सामना कर रहे हैं और कार्यवाही धीमी रही है। असली सवाल यह है कि कलकत्ता उच्च न्यायालय के 2021 के आदेश के बाद भी इतने वर्षों तक एक घोषित अपराधी खुलेआम क्यों घूमता रहा। यह मामला केवल एक हत्या का नहीं, बल्कि चुनाव बाद राजनीतिक हिंसा की उस प्रवृत्ति का प्रतीक है जिस पर जवाबदेही सुनिश्चित करना लोकतंत्र की कसौटी है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गोपाल दास उर्फ विशाल पॉल को किस मामले में गिरफ्तार किया गया है?
गोपाल दास उर्फ विशाल पॉल को 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा के दौरान कोलकाता की शीतलतला लेन में अभिजीत सरकार की कथित हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया है। यह मामला सीबीआई ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर 25 अगस्त 2021 को दर्ज किया था।
सीबीआई ने आरोपी को कहाँ से गिरफ्तार किया?
सीबीआई ने आरोपी गोपाल दास उर्फ विशाल पॉल को पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम स्थित रवींद्रनगर से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी ह्यूमन इंटेलिजेंस और तकनीकी इनपुट के आधार पर की गई।
इस मामले में कुल कितने आरोपी हैं और उनमें कौन प्रमुख हैं?
सीबीआई ने इस मामले में 2021 और 2025 में कुल 38 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट और सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है। इनमें तृणमूल कांग्रेस के तत्कालीन विधायक परेश पाल, तत्कालीन पार्षद स्वप्न समाद्दार और पापिया घोष प्रमुख हैं।
गोपाल दास की गिरफ्तारी के बाद अदालत ने क्या फैसला सुनाया?
गिरफ्तारी के बाद गोपाल दास उर्फ विशाल पॉल को उसी दिन कलकत्ता की सक्षम अदालत में पेश किया गया, जिसने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। यह मामला अभी कलकत्ता सिटी सेशंस कोर्ट में विचाराधीन है।
2021 बंगाल चुनाव बाद हिंसा मामलों की जांच सीबीआई को कैसे मिली?
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने 19 अगस्त 2021 के अपने आदेश में 2021 विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा के मामलों की जांच सीबीआई को सौंपी थी। इसी आदेश के तहत सीबीआई ने नारकेलडांगा पुलिस स्टेशन की एफआईआर अपने हाथ में लेकर 25 अगस्त 2021 को मामला दर्ज किया था।
राष्ट्र प्रेस
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