2021 बंगाल चुनाव बाद हत्या मामले में सीबीआई ने घोषित अपराधी गोपाल दास को मध्यमग्राम से गिरफ्तार किया
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम स्थित रवींद्रनगर से घोषित अपराधी गोपाल दास उर्फ विशाल पॉल को गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी 2 मई 2021 को कोलकाता की शीतलतला लेन में अभिजीत सरकार की कथित हत्या से जुड़े मामले में हुई है, जो 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद भड़की हिंसा का हिस्सा था।
गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि
सीबीआई के अनुसार, गोपाल दास उर्फ विशाल पॉल 2021 में एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही फरार था और उसने कभी भी जांच या मुकदमे की कार्यवाही में हिस्सा नहीं लिया। एजेंसी ने उसकी गिरफ्तारी के लिए ₹50,000 के नकद इनाम की घोषणा की थी। अंततः ह्यूमन इंटेलिजेंस और तकनीकी इनपुट के संयुक्त उपयोग से उसे दबोचा गया।
मामले का घटनाक्रम
यह मामला मूलतः नारकेलडांगा पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर पर आधारित था। कलकत्ता उच्च न्यायालय के 19 अगस्त 2021 के आदेश के अनुपालन में सीबीआई ने 25 अगस्त 2021 को यह मामला अपने हाथ में लिया। जांच पूरी होने के बाद एजेंसी ने 2021 और 2025 में कुल 38 आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट और सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की।
चार्जशीट में गोपाल दास के साथ-साथ परेश पाल (तृणमूल कांग्रेस के तत्कालीन विधायक), तत्कालीन टीएमसी पार्षद स्वप्न समाद्दार और पापिया घोष का भी नाम है। इन सभी पर आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। यह मामला वर्तमान में कलकत्ता सिटी सेशंस कोर्ट में विचाराधीन है।
न्यायिक कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद गोपाल दास उर्फ विशाल पॉल को उसी दिन कलकत्ता की सक्षम अदालत में पेश किया गया, जहाँ अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। यह गिरफ्तारी इस बात का संकेत है कि सीबीआई उन फरार आरोपियों पर अपना शिकंजा कसना जारी रखे हुए है जो वर्षों से कानून की पकड़ से बाहर थे।
व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में व्यापक हिंसा की खबरें आई थीं। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने इन मामलों की जांच सीबीआई को सौंपी थी, जो तब से कई मामलों में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में कानून-व्यवस्था और राजनीतिक हिंसा के मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकार के बीच तनाव बना हुआ है। आने वाले दिनों में अन्य फरार आरोपियों की भी गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।