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अभिजीत सरकार हत्याकांड: CBI ने गुवाहाटी से फरार आरोपी अरूप दास को किया गिरफ्तार

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अभिजीत सरकार हत्याकांड: CBI ने गुवाहाटी से फरार आरोपी अरूप दास को किया गिरफ्तार

सारांश

2021 की पश्चिम बंगाल चुनाव-बाद हिंसा के सबसे चर्चित मामलों में से एक में CBI को बड़ी सफलता मिली है। वर्षों से फरार अरूप दास उर्फ बापी दास को गुवाहाटी से दबोचा गया। 38 आरोपियों वाले इस मामले में TMC के पूर्व विधायक और पार्षद भी नामजद हैं।

मुख्य बातें

CBI ने 6 अगस्त 2026 को गुवाहाटी से अरूप दास उर्फ बापी दास को गिरफ्तार किया।
आरोपी 2021 में एफआईआर दर्ज होने के बाद से फरार था और किसी भी कार्यवाही में शामिल नहीं हुआ था।
गिरफ्तारी ₹50,000 के नकद इनाम की घोषणा के बाद मानवीय खुफिया और तकनीकी इनपुट से संभव हुई।
CBI ने 38 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, जिनमें TMC के तत्कालीन विधायक परेश पाल और पार्षद स्वपन समाद्दार व पापिया घोष शामिल हैं।
अरूप दास को 7 अगस्त 2026 को कलकत्ता सिटी सेशंस कोर्ट में पेश किया जाएगा।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 6 अगस्त 2026 को असम के गुवाहाटी से अरूप दास उर्फ बापी दास को गिरफ्तार किया — यह आरोपी 2021 के पश्चिम बंगाल चुनाव-बाद हिंसा से जुड़े अभिजीत सरकार हत्याकांड में वर्षों से फरार था। 2021 में एफआईआर दर्ज होने के बाद से अरूप दास ने जांच या मुकदमे की किसी भी कार्यवाही में हिस्सा नहीं लिया था।

गिरफ्तारी कैसे हुई

CBI के अनुसार, अरूप दास की गिरफ्तारी मानवीय खुफिया जानकारी और तकनीकी इनपुट के संयुक्त प्रयास से संभव हुई। एजेंसी ने पहले इस फरार आरोपी की सूचना देने वाले को ₹50,000 के नकद इनाम की घोषणा की थी। गिरफ्तारी के बाद अरूप दास को 7 अगस्त 2026 को कोलकाता की सक्षम अदालत में पेश किए जाने के लिए गुवाहाटी से कोलकाता लाया जाएगा।

मामले की पृष्ठभूमि

2 मई 2021 को कोलकाता की शीतलतला लेन में भाजपा कार्यकर्ता अभिजीत सरकार की कथित हत्या कर दी गई थी। यह घटना पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम के तुरंत बाद भड़की हिंसा के सबसे चर्चित मामलों में से एक बन गई। कलकत्ता उच्च न्यायालय के 19 अगस्त 2021 के आदेश पर CBI ने 25 अगस्त 2021 को एफआईआर दर्ज कर नारकेलडांगा पुलिस स्टेशन की एफआईआर संख्या 124/2021 को अपने हाथ में लिया था।

चार्जशीट और प्रमुख आरोपी

जांच पूरी होने के बाद CBI ने 2021 और 2025 में आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत कुल 38 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट और सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की। इनमें अरूप दास के अलावा तृणमूल कांग्रेस (TMC) के तत्कालीन विधायक परेश पाल और TMC के तत्कालीन पार्षद स्वपन समाद्दारपापिया घोष के नाम भी शामिल हैं। यह मामला फिलहाल कलकत्ता सिटी सेशंस कोर्ट में विचाराधीन है।

आगे क्या होगा

CBI अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी से मामले की सुनवाई में तेजी आएगी। एजेंसी बाकी फरार आरोपियों की तलाश जारी रखे हुए है। यह ऐसे समय में आया है जब 2021 की चुनाव-बाद हिंसा के कई मामले अदालतों में लंबित हैं और पीड़ित परिवार न्याय की प्रतीक्षा में हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 2021 से फरार एक घोषित अपराधी को पकड़ने में पाँच साल क्यों लगे। 38 आरोपियों वाले इस मामले में TMC के चुने हुए प्रतिनिधि नामजद हैं — फिर भी मुकदमा अभी भी सेशंस कोर्ट में लंबित है। पश्चिम बंगाल चुनाव-बाद हिंसा के पीड़ितों के लिए न्याय की गति राजनीतिक संवेदनशीलता से अलग नहीं की जा सकती, और यह गिरफ्तारी उस लंबी प्रतीक्षा की सिर्फ एक कड़ी है।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभिजीत सरकार हत्याकांड क्या है?
यह 2 मई 2021 को कोलकाता की शीतलतला लेन में भाजपा कार्यकर्ता अभिजीत सरकार की कथित हत्या का मामला है, जो पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद भड़की हिंसा से जुड़ा है। कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर CBI ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ली थी।
अरूप दास को CBI ने कहाँ से और कैसे गिरफ्तार किया?
CBI ने 6 अगस्त 2026 को असम के गुवाहाटी से अरूप दास उर्फ बापी दास को गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी मानवीय खुफिया जानकारी और तकनीकी इनपुट के आधार पर की गई; एजेंसी ने पहले सूचना देने वाले को ₹50,000 के इनाम की घोषणा की थी।
इस मामले में कितने आरोपी हैं और किन नेताओं के नाम शामिल हैं?
CBI ने 38 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इनमें TMC के तत्कालीन विधायक परेश पाल और TMC के तत्कालीन पार्षद स्वपन समाद्दार व पापिया घोष के नाम शामिल हैं। मामला कलकत्ता सिटी सेशंस कोर्ट में विचाराधीन है।
अरूप दास को अदालत में कब पेश किया जाएगा?
CBI अधिकारियों के अनुसार, अरूप दास को 7 अगस्त 2026 को कलकत्ता की सक्षम अदालत में पेश किया जाएगा। इसके लिए उसे गुवाहाटी से कोलकाता लाया जा रहा है।
CBI ने इस मामले की जांच क्यों और कब शुरू की?
कलकत्ता उच्च न्यायालय के 19 अगस्त 2021 के आदेश पर CBI ने 25 अगस्त 2021 को एफआईआर दर्ज कर नारकेलडांगा पुलिस स्टेशन की एफआईआर संख्या 124/2021 को अपने हाथ में लिया। अदालत ने 2021 की चुनाव-बाद हिंसा के मामलों में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए यह निर्देश दिया था।
राष्ट्र प्रेस
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