23 जुलाई 2026
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कोलकाता मेसी इवेंट मामला: कलकत्ता हाईकोर्ट ने अरूप बिस्वास की फास्ट-ट्रैक सुनवाई की अर्जी खारिज की

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कोलकाता मेसी इवेंट मामला: कलकत्ता हाईकोर्ट ने अरूप बिस्वास की फास्ट-ट्रैक सुनवाई की अर्जी खारिज की

सारांश

कलकत्ता हाईकोर्ट ने पूर्व खेल मंत्री अरूप बिस्वास की फास्ट-ट्रैक सुनवाई की अपील ठुकरा दी, हालाँकि मुख्य याचिका स्वीकार हुई। मेसी के 'गोट इंडिया टूर' के दौरान साल्ट लेक स्टेडियम में हुई तोड़फोड़ से जुड़े इस मामले में उनके भाई स्वरूप बिस्वास पहले से 14 दिन की पुलिस हिरासत में हैं।

मुख्य बातें

कलकत्ता हाईकोर्ट ने 8 जून 2026 को पूर्व खेल मंत्री अरूप बिस्वास की फास्ट-ट्रैक सुनवाई की अर्जी खारिज की।
अदालत ने पुलिस कार्रवाई से सुरक्षा की मुख्य याचिका स्वीकार कर ली, केवल त्वरित सुनवाई की माँग अस्वीकार हुई।
मामला 13 दिसंबर 2025 को मेसी के 'गोट इंडिया टूर' के दौरान युवा भारती क्रीड़ांगन में हुई तोड़फोड़ से जुड़ा है।
बिस्वास को बिधाननगर (साउथ) पुलिस स्टेशन में पूछताछ के लिए 8 जून दोपहर तक पेश होने का नोटिस मिला था।
छोटे भाई स्वरूप बिस्वास को भ्रष्टाचार व जबरन वसूली के आरोपों में गिरफ्तार कर 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया।

कलकत्ता हाईकोर्ट की जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की सिंगल-जज वेकेशन बेंच ने सोमवार, 8 जून 2026 को पश्चिम बंगाल के पूर्व खेल मंत्री अरूप बिस्वास की फास्ट-ट्रैक सुनवाई की अपील को खारिज कर दिया। बिस्वास ने बिधाननगर (साउथ) पुलिस स्टेशन द्वारा संभावित गिरफ्तारी सहित सख्त पुलिस कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा की मांग करते हुए यह याचिका दायर की थी। अदालत ने मुख्य याचिका को स्वीकार कर लिया, लेकिन मामले को तेज़ी से सुने जाने की अपील ठुकरा दी।

मामले की पृष्ठभूमि

यह पूरा विवाद 13 दिसंबर 2025 को फुटबॉल दिग्गज लियोनेल मेसी के 'गोट इंडिया टूर' के दौरान कोलकाता के साल्ट लेक स्थित युवा भारती क्रीड़ांगन में हुई तोड़फोड़ की घटना से जुड़ा है। उस समय अरूप बिस्वास पश्चिम बंगाल सरकार में खेल मंत्री के पद पर थे। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद पूर्व सत्तारूढ़ दल के कई नेताओं के खिलाफ जाँच तेज़ हुई है।

नोटिस और पूछताछ का क्रम

2 जून को बिधाननगर (साउथ) पुलिस स्टेशन ने पूर्व मंत्री को पहला नोटिस जारी कर 5 जून तक पेश होने को कहा था। 4 जून को बिस्वास ने लिखित रूप से मेडिकल कारणों का हवाला देते हुए पूछताछ के लिए 14 दिन का अतिरिक्त समय माँगा। इसके बाद रविवार को जाँच अधिकारियों ने दूसरा नोटिस भेजकर उन्हें 8 जून की दोपहर तक पुलिस स्टेशन में हाज़िर होने का निर्देश दिया।

याचिका और अदालत का रुख

सोमवार सुबह बिस्वास के अधिवक्ता और पूर्व एडवोकेट जनरल किशोर दत्ता — जो पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार में पश्चिम बंगाल के महाधिवक्ता रह चुके हैं — ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में गिरफ्तारी सहित पुलिस की सख्त कार्रवाई से अंतरिम राहत और मामले की प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई की माँग की गई थी। अदालत ने मुख्य याचिका पर सुनवाई जारी रखने का निर्णय लिया, परंतु फास्ट-ट्रैक हियरिंग की अपील को अस्वीकार कर दिया।

छोटे भाई की गिरफ्तारी और व्यापक संदर्भ

इससे पहले ही बिस्वास के छोटे भाई स्वरूप बिस्वास को भ्रष्टाचार, जबरन वसूली और बंगाली फिल्म उद्योग में महिला सहायक कर्मचारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोपों में गिरफ्तार किया जा चुका है। शनिवार को कोलकाता की एक निचली अदालत ने स्वरूप बिस्वास को 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। अपनी याचिका में अरूप बिस्वास ने दावा किया कि भाई की गिरफ्तारी के बाद उन्हें भी राज्य पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की आशंका है।

आगे क्या होगा

मुख्य याचिका पर सुनवाई अब नियमित प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ेगी। गौरतलब है कि अरूप बिस्वास को अभी भी बिधाननगर (साउथ) पुलिस स्टेशन में पूछताछ के लिए पेश होना है। इस मामले के घटनाक्रम पर पश्चिम बंगाल की राजनीति में व्यापक नज़र टिकी है, क्योंकि यह राज्य में खेल आयोजनों के प्रबंधन और जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह दिखाता है कि जवाबदेही की माँग अब केवल विपक्ष तक सीमित नहीं रही। फास्ट-ट्रैक सुनवाई की अर्जी का खारिज होना न्यायपालिका का स्पष्ट संकेत है कि राजनीतिक पृष्ठभूमि जाँच-प्रक्रिया को नहीं रोक सकती। असली परीक्षा यह है कि क्या पुलिस जाँच स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ेगी या राजनीतिक दबाव में दिशा बदलेगी।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलकाता मेसी इवेंट मामला क्या है?
यह मामला 13 दिसंबर 2025 को लियोनेल मेसी के 'गोट इंडिया टूर' के दौरान कोलकाता के साल्ट लेक स्थित युवा भारती क्रीड़ांगन में हुई तोड़फोड़ से जुड़ा है। इस घटना के सिलसिले में पश्चिम बंगाल के पूर्व खेल मंत्री अरूप बिस्वास से पुलिस पूछताछ करना चाहती है।
कलकत्ता हाईकोर्ट ने अरूप बिस्वास की अर्जी पर क्या फैसला दिया?
जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की सिंगल-जज वेकेशन बेंच ने 8 जून 2026 को फास्ट-ट्रैक सुनवाई की अपील खारिज कर दी। हालाँकि, पुलिस की सख्त कार्रवाई से सुरक्षा की मुख्य याचिका को अदालत ने स्वीकार कर लिया और उस पर सुनवाई जारी रहेगी।
अरूप बिस्वास को पुलिस नोटिस क्यों मिला?
बिधाननगर (साउथ) पुलिस स्टेशन ने उन्हें मेसी इवेंट तोड़फोड़ मामले में पूछताछ के लिए बुलाया है। 2 जून को पहला नोटिस जारी हुआ था, और मेडिकल कारणों से समय माँगने के बाद 8 जून दोपहर तक पेश होने का दूसरा नोटिस भेजा गया।
स्वरूप बिस्वास कौन हैं और उन्हें क्यों गिरफ्तार किया गया?
स्वरूप बिस्वास, अरूप बिस्वास के छोटे भाई हैं। उन्हें भ्रष्टाचार, जबरन वसूली और बंगाली फिल्म उद्योग में महिला सहायक कर्मचारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोपों में गिरफ्तार किया गया है। कोलकाता की एक निचली अदालत ने उन्हें 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
इस मामले में आगे क्या होगा?
अरूप बिस्वास की मुख्य याचिका पर कलकत्ता हाईकोर्ट में नियमित प्रक्रिया के तहत सुनवाई जारी रहेगी। साथ ही, बिधाननगर (साउथ) पुलिस स्टेशन में उनकी पूछताछ की प्रक्रिया भी आगे बढ़ने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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