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मेसी 'गोट इंडिया टूर' विवाद: बंगाल के पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास दूसरी बार बिधाननगर पुलिस के सामने पेश

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मेसी 'गोट इंडिया टूर' विवाद: बंगाल के पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास दूसरी बार बिधाननगर पुलिस के सामने पेश

सारांश

लियोनेल मेसी के कोलकाता इवेंट में कथित भीड़ कुप्रबंधन का मामला अब पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास तक पहुँच गया है। 22,000 टिकटों के दुरुपयोग के आरोप और कलकत्ता उच्च न्यायालय की अंतरिम सुरक्षा के बीच यह जाँच बड़े इवेंट्स में राजनीतिक जवाबदेही का अहम सवाल उठाती है।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास 7 जुलाई को बिधाननगर साउथ पुलिस स्टेशन में दूसरी बार पूछताछ के लिए पेश हुए।
मामला 13 दिसंबर 2024 को साल्ट लेक, कोलकाता में लियोनेल मेसी के 'गोट इंडिया टूर' इवेंट के दौरान कथित अव्यवस्था से जुड़ा है।
आयोजक शताद्रु दत्ता का आरोप है कि बिस्वास ने अपने पद का उपयोग कर लगभग 22,000 टिकट लिए, जबकि कुल 70,000 टिकट छापे गए थे।
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बिस्वास को 17 अगस्त तक अंतरिम सुरक्षा प्रदान की है।
डिवीजन बेंच ने दत्ता की अपील खारिज कर पूर्व आदेश बरकरार रखा।

पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास मंगलवार, 7 जुलाई को बिधाननगर साउथ पुलिस स्टेशन में पूछताछ के लिए पेश हुए। यह पेशी कोलकाता के युवा भारती क्रीड़ांगन, साल्ट लेक में 13 दिसंबर 2024 को आयोजित अर्जेंटीना के फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी के 'गोट इंडिया टूर' इवेंट के दौरान कथित अव्यवस्था और भीड़ कुप्रबंधन से जुड़ी जाँच के सिलसिले में हुई। 18 जून के बाद जाँचकर्ताओं के सामने यह उनकी दूसरी उपस्थिति थी।

पेशी का घटनाक्रम

बिस्वास शनिवार को पुलिस की ओर से भेजे गए नोटिस पर कार्रवाई करते हुए अपने वकील के साथ सुबह करीब 10 बजे थाने पहुँचे। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के इस नेता ने इससे पहले बिधाननगर पुलिस के कई समन को नज़रअंदाज़ किया था। अंततः कलकत्ता उच्च न्यायालय से अंतरिम कानूनी सुरक्षा मिलने के बाद वे 18 जून को पहली बार जाँचकर्ताओं के सामने पेश हुए थे।

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला इवेंट के मुख्य आयोजक शताद्रु दत्ता की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर पर आधारित है। दत्ता ने आरोप लगाया है कि मेसी की उपस्थिति के दौरान युवा भारती स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में हुई कथित अफरातफरी और सुरक्षा चूक में बिस्वास की अहम भूमिका थी। दत्ता के अनुसार, इवेंट के लिए लगभग 70,000 टिकट छापे गए थे, जिनमें से बिस्वास ने कथित तौर पर अपने आधिकारिक पद का उपयोग करते हुए लगभग 22,000 टिकट लिए और उन्हें अपने सहयोगियों में वितरित किया अथवा बेचा। गौरतलब है कि इस हाई-प्रोफाइल इवेंट के बाद दत्ता को स्वयं भी गिरफ्तार किया गया था।

न्यायालय की भूमिका

बिस्वास ने किसी भी सख्त कार्रवाई से सुरक्षा पाने के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया था। सिंगल बेंच ने उन्हें शुरुआत में 2 जुलाई तक अंतरिम सुरक्षा प्रदान की, जिससे वे 18 जून को गिरफ्तारी के जोखिम के बिना पेश हो सके। बाद में दत्ता ने इस आदेश को उच्च न्यायालय की डिवीजन बेंच में चुनौती दी, परंतु डिवीजन बेंच ने पूर्व आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। इसके पश्चात बिस्वास को मिली सुरक्षा की अवधि 17 अगस्त तक बढ़ा दी गई।

राजनीतिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक समीकरण बदल रहे हैं। राज्य में सरकार बदलने के बाद दत्ता ने बिधाननगर पुलिस के पास एक नई शिकायत दर्ज कराई और पूर्व मंत्री पर लगाए गए आरोपों को दोहराया। बिस्वास पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए इवेंट के संचालन को प्रभावित किया और भीड़ प्रबंधन की विफलताओं के लिए ज़िम्मेदार रहे।

आगे क्या होगा

बिस्वास को 17 अगस्त तक अंतरिम सुरक्षा प्राप्त है, जिसके चलते वे फिलहाल गिरफ्तारी से बचे हुए हैं। जाँच जारी है और अगली सुनवाई तक पुलिस द्वारा और साक्ष्य जुटाए जाने की संभावना है। इस मामले का परिणाम न केवल बिस्वास के राजनीतिक भविष्य, बल्कि बड़े सार्वजनिक इवेंट्स में प्रशासनिक जवाबदेही की दिशा भी तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 टिकटों के कथित दुरुपयोग का आरोप — अगर सिद्ध होता है — तो यह सार्वजनिक पद के दुरुपयोग का एक गंभीर उदाहरण होगा। कलकत्ता उच्च न्यायालय की अंतरिम सुरक्षा ने जाँच की गति को धीमा ज़रूर किया है, लेकिन इसने मामले को दबाया नहीं। असली परीक्षा यह है कि क्या जाँच एजेंसियाँ राजनीतिक दबाव से निरपेक्ष रहकर साक्ष्य-आधारित निष्कर्ष तक पहुँच पाती हैं।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अरूप बिस्वास पर मेसी इवेंट मामले में क्या आरोप हैं?
आयोजक शताद्रु दत्ता ने एफआईआर में आरोप लगाया है कि बिस्वास ने अपने आधिकारिक पद का उपयोग कर लगभग 22,000 टिकट लिए और उन्हें सहयोगियों में वितरित किया या बेचा। इसके अलावा उन पर 13 दिसंबर 2024 को साल्ट लेक के युवा भारती क्रीड़ांगन में हुई कथित भीड़ अव्यवस्था के लिए भी ज़िम्मेदार ठहराया गया है।
'गोट इंडिया टूर' इवेंट में क्या हुआ था?
13 दिसंबर 2024 को कोलकाता के साल्ट लेक स्थित युवा भारती क्रीड़ांगन में लियोनेल मेसी की उपस्थिति में आयोजित इस इवेंट के दौरान कथित भीड़ कुप्रबंधन और अफरातफरी मची। इवेंट के लिए लगभग 70,000 टिकट छापे गए थे। इसके बाद मुख्य आयोजक शताद्रु दत्ता को गिरफ्तार किया गया था।
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बिस्वास को क्या राहत दी है?
कलकत्ता उच्च न्यायालय की सिंगल बेंच ने बिस्वास को अंतरिम सुरक्षा प्रदान की, जिसे बाद में 17 अगस्त तक बढ़ा दिया गया। डिवीजन बेंच ने दत्ता की अपील खारिज करते हुए यह सुरक्षा बरकरार रखी, जिससे बिस्वास बिना गिरफ्तारी के जोखिम के जाँच में सहयोग कर सकते हैं।
अरूप बिस्वास पुलिस के सामने पहले क्यों नहीं पेश हुए?
बिस्वास ने बिधाननगर पुलिस के कई समन को नज़रअंदाज़ किया था। कलकत्ता उच्च न्यायालय से अंतरिम सुरक्षा मिलने के बाद ही वे 18 जून को पहली बार जाँचकर्ताओं के सामने पेश हुए। 7 जुलाई को उनकी दूसरी पेशी हुई।
इस मामले में आगे क्या होने की संभावना है?
बिस्वास को 17 अगस्त तक अंतरिम सुरक्षा प्राप्त है और जाँच जारी है। इस दौरान पुलिस द्वारा और साक्ष्य एकत्र किए जाने की संभावना है। मामले का अगला मोड़ उच्च न्यायालय की अगली सुनवाई और जाँच की प्रगति पर निर्भर करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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