मेसी इवेंट मामला: कलकत्ता हाई कोर्ट ने पूर्व खेल मंत्री अरूप बिस्वास की 17 अगस्त तक अंतरिम सुरक्षा बरकरार रखी
सारांश
मुख्य बातें
कलकत्ता हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने मंगलवार, 23 जून 2025 को पश्चिम बंगाल के पूर्व खेल मंत्री अरूप बिस्वास को पुलिस की सख्त कार्रवाई से दी गई अंतरिम सुरक्षा 17 अगस्त तक बरकरार रखी। यह सुरक्षा 13 दिसंबर 2025 को कोलकाता के साल्ट लेक स्थित युवा भारती क्रीड़ांगन में फुटबॉलर लियोनेल मेसी के 'गोट इंडिया टूर' इवेंट के दौरान कथित कुप्रबंधन से जुड़े मामले में दी गई है। इस मामले की अगली सुनवाई 2 जुलाई को निर्धारित की गई है।
मेसी इवेंट में क्या हुआ था
रिपोर्टों के अनुसार, 13 दिसंबर 2025 को साल्ट लेक स्टेडियम में आयोजित 'गोट इंडिया टूर' के दौरान भीड़ प्रबंधन में गंभीर चूक हुई थी, जिससे अफरातफरी मच गई। स्थिति इतनी बिगड़ी कि सुरक्षा कारणों से फुटबॉलर मेसी को कार्यक्रम से जल्दी निकालना पड़ा। इस कथित कुप्रबंधन के लिए तत्कालीन खेल एवं बिजली मंत्री अरूप बिस्वास को जिम्मेदार ठहराया गया, जो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली कैबिनेट में मंत्री थे। इसके बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने इस मामले की जांच शुरू की।
अदालती कार्यवाही का क्रम
जांच शुरू होने के बाद बिस्वास ने गिरफ्तारी समेत सख्त पुलिस कार्रवाई से सुरक्षा के लिए कलकत्ता हाई कोर्ट के जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की सिंगल-जज बेंच का रुख किया। 10 जून को सिंगल-जज बेंच ने बिस्वास को 17 अगस्त तक अंतरिम सुरक्षा प्रदान करते हुए स्पष्ट किया कि पुलिस कानून के अनुसार जांच जारी रख सकती है, और किसी भी नोटिस की स्थिति में याचिकाकर्ता को जांच एजेंसी के समक्ष उपस्थित होना होगा।
इस आदेश को चुनौती देते हुए इवेंट के आयोजक शताद्रु दत्ता ने मंगलवार को डिवीजन बेंच का दरवाजा खटखटाया। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तापब्रत चक्रवर्ती और जस्टिस पार्थ सारथी सेन की डिवीजन बेंच ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सिंगल-जज बेंच के आदेश को बरकरार रखा।
दोनों पक्षों की दलीलें
दत्ता के वकील ने दलील दी कि बिस्वास पर लगे आरोप गंभीर प्रकृति के हैं और इसलिए अंतरिम सुरक्षा वापस ली जानी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एफआईआर दर्ज होने के बाद से जांच में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है और पुलिस निष्क्रिय बनी हुई है।
दूसरी ओर, बिस्वास के वकील ने दत्ता के इस आदेश को चुनौती देने के अधिकार पर ही सवाल उठाया। उन्होंने तर्क दिया कि कोर्ट के एक विशेष आदेश के बाद दत्ता जांच की प्रगति पर सवाल उठाने की स्थिति में नहीं हैं।
कोर्ट ने जांच सहयोग पर किया सवाल
सुनवाई के दौरान कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश चक्रवर्ती ने यह जानना चाहा कि क्या बिस्वास जांच में सहयोग कर रहे हैं और जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित हो रहे हैं। राज्य के वकील ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि बिस्वास जांच में पूरा सहयोग दे रहे हैं। इसके बाद डिवीजन बेंच ने अंतरिम सुरक्षा को 17 अगस्त तक बरकरार रखने का निर्णय सुनाया और अगली सुनवाई 2 जुलाई के लिए तय की।
यह मामला पश्चिम बंगाल में बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के प्रबंधन और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है, और 2 जुलाई की सुनवाई में मामले की दिशा और स्पष्ट होने की संभावना है।