मेसी इवेंट टिकट कालाबाजारी: पूर्व खेल मंत्री अरूप बिस्वास को दूसरा पुलिस नोटिस, 8 जून तक पेश होने का आदेश
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के पूर्व खेल मंत्री अरूप बिस्वास की कानूनी मुश्किलें और गहरी हो गई हैं। बिधाननगर (दक्षिण) पुलिस ने 7 जून 2026 को उन्हें लियोनल मेसी के 'गोट इंडिया टूर' से जुड़े टिकट कालाबाजारी मामले में दूसरा नोटिस जारी किया, जिसमें 8 जून की दोपहर तक पूछताछ के लिए पुलिस स्टेशन में पेश होने का निर्देश दिया गया है। यह नोटिस तब आया जब बिस्वास ने चिकित्सीय आधार पर पहले नोटिस के जवाब में 14 दिन की मोहलत माँगी थी।
मामले का पूरा घटनाक्रम
जाँच अधिकारियों ने 30 मई को एफआईआर दर्ज की थी, जो मेसी इवेंट के मुख्य आयोजक सताद्रु दत्ता की 17 मई को दर्ज कराई गई शिकायत पर आधारित थी। दत्ता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि बिस्वास ने इवेंट के लिए लगभग 22,000 टिकटों की कालाबाजारी की। इसके बाद 2 जून को पुलिस ने पहला नोटिस जारी कर 5 जून तक पेश होने को कहा था।
4 जून को बिस्वास ने पुलिस को एक लिखित पत्र भेजा, जिसमें मेडिकल कारणों का हवाला देते हुए 14 दिन का अतिरिक्त समय माँगा और मेडिकल सर्टिफिकेट भी संलग्न किया। हालाँकि, जाँच अधिकारियों ने इस अनुरोध को स्वीकार नहीं किया और रविवार को दूसरा नोटिस भेज दिया।
छोटे भाई की गिरफ्तारी और हिरासत
इस मामले में अरूप बिस्वास के छोटे भाई स्वरूप बिस्वास को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। उन पर भ्रष्टाचार, जबरन वसूली और बंगाली फिल्म उद्योग में महिला सहायक कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार के आरोप हैं। शनिवार को कोलकाता की एक निचली अदालत ने स्वरूप बिस्वास को इस मामले में 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
अरूप बिस्वास दक्षिण 24 परगना जिले के टॉलीगंज विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के चार बार विधायक रहे हैं। हालाँकि, इस बार उन्हें भारतीय जनता पार्टी (BJP) की उम्मीदवार और अभिनेत्री से नेता बनीं पापिया अधिकारी ने 6,000 से अधिक मतों के अंतर से पराजित किया। यह ऐसे समय में आया है जब TMC पहले से ही कई विवादों से घिरी है।
नए खेल मंत्री की भूमिका
गौरतलब है कि नए खेल मंत्री निसिथ प्रमाणिक ने पदभार संभालने के तुरंत बाद मेसी इवेंट से जुड़ी कथित गड़बड़ियों की फाइल खोलने की घोषणा की थी। आलोचकों का कहना है कि यह मामला बंगाल में खेल आयोजनों के प्रबंधन और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
आगे क्या होगा
यदि अरूप बिस्वास 8 जून को भी पुलिस के सामने पेश नहीं होते, तो जाँच अधिकारी अगले कानूनी कदम उठा सकते हैं। मामले में 22,000 टिकटों की कथित कालाबाजारी की जाँच अभी जारी है और विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं।