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सीबीआई ने गुवाहाटी से पकड़ा 2021 बंगाल चुनाव-बाद हिंसा का घोषित अपराधी, अभिजीत सरकार हत्याकांड में था फरार

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सीबीआई ने गुवाहाटी से पकड़ा 2021 बंगाल चुनाव-बाद हिंसा का घोषित अपराधी, अभिजीत सरकार हत्याकांड में था फरार

सारांश

2021 बंगाल चुनाव-बाद हिंसा में अभिजीत सरकार की कथित हत्या के मामले में वर्षों से फरार घोषित अपराधी अरूप दास उर्फ बापी दास को CBI ने गुवाहाटी से दबोचा। ₹50,000 के इनाम और तकनीकी निगरानी से मिली सफलता, अब आरोपी को कोलकाता कोर्ट में पेश किया जाएगा।

मुख्य बातें

CBI ने गुवाहाटी से घोषित अपराधी अरूप दास उर्फ बापी दास को गिरफ्तार किया, जो 2021 से फरार था।
यह गिरफ्तारी 2 मई 2021 को कोलकाता की शीतलतला लेन में हुई अभिजीत सरकार की कथित हत्या के मामले में हुई।
CBI ने आरोपी की सूचना देने वाले के लिए ₹50,000 के इनाम की घोषणा की थी; ह्यूमन इंटेलिजेंस और तकनीकी जानकारी से पकड़ा गया।
इस मामले में 38 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल; TMC के पूर्व विधायक परेश पाल और पूर्व पार्षद स्वपन समाद्दार व पापिया घोष भी नामजद।
कलकत्ता उच्च न्यायालय के 19 अगस्त 2021 के आदेश पर CBI ने जांच अपने हाथ में ली थी।
आरोपी को कोलकाता की सिटी सेशंस कोर्ट में शुक्रवार को पेश किया जाएगा।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 7 अगस्त 2026 को गुवाहाटी से घोषित अपराधी अरूप दास उर्फ बापी दास को गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी पश्चिम बंगाल में 2021 विधानसभा चुनाव के बाद भड़की हिंसा के दौरान कोलकाता की शीतलतला लेन में हुई अभिजीत सरकार की कथित हत्या के मामले में की गई है। आरोपी 2021 में केस दर्ज होने के बाद से लगातार फरार था।

मुख्य घटनाक्रम

CBI के अनुसार, अरूप दास न तो जांच में शामिल हुआ और न ही ट्रायल कोर्ट के सामने पेश हुआ। एजेंसी ने उसकी गिरफ्तारी में सहायक सूचना देने वाले को ₹50,000 के नकद इनाम की घोषणा भी की थी। अंततः ह्यूमन इंटेलिजेंस और तकनीकी सूचनाओं के आधार पर उसका पता लगाकर गुवाहाटी से गिरफ्तार किया गया।

आरोपी को कोलकाता लाया जाएगा और शुक्रवार को सिटी सेशंस कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहाँ यह मामला अभी विचाराधीन है।

मामले की पृष्ठभूमि

2 मई 2021 को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के तुरंत बाद राज्य में व्यापक हिंसा भड़की थी। इसी दौरान कोलकाता की शीतलतला लेन में अभिजीत सरकार की कथित हत्या हुई। राजनीतिक रूप से प्रेरित हमलों और स्थानीय पुलिस की अपर्याप्त कार्रवाई के आरोपों के बाद कलकत्ता उच्च न्यायालय ने 19 अगस्त 2021 के अपने आदेश में इन मामलों की जांच CBI को सौंपी थी।

CBI ने नारकेलडांगा पुलिस स्टेशन से मामला अपने हाथ में लेकर 25 अगस्त 2021 को केस पंजीकृत किया। गौरतलब है कि यह अभिजीत सरकार हत्याकांड उन अनेक मामलों में से एक है जो 2021 की चुनाव-बाद हिंसा से जुड़े हैं और जिन्हें न्यायालय के निर्देश पर CBI को सौंपा गया था।

चार्जशीट और आरोपी

जांच के उपरांत CBI ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत 38 आरोपियों के खिलाफ 2021 और 2025 में चार्जशीट तथा सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल कीं। चार्जशीट में नामजद प्रमुख आरोपियों में अरूप दास उर्फ बापी दास के अलावा तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व विधायक परेश पाल और TMC के पूर्व पार्षद स्वपन समाद्दार तथा पापिया घोष शामिल हैं।

न्यायिक प्रक्रिया और आगे की राह

यह मामला वर्तमान में कोलकाता की सिटी सेशंस कोर्ट में विचाराधीन है। CBI के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी को शीघ्र कोलकाता लाकर संबंधित अदालत में पेश किया जाएगा। यह गिरफ्तारी दर्शाती है कि एजेंसी 2021 की हिंसा से जुड़े फरार आरोपियों की तलाश अभी भी जारी रखे हुए है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह याद दिलाती है कि 2021 की बंगाल हिंसा के मामलों में न्याय की गति अभी भी धीमी है — केस दर्ज हुए पाँच साल बीत चुके हैं और मुकदमा अभी भी सेशंस कोर्ट में है। CBI की चार्जशीट में TMC के पूर्व जनप्रतिनिधियों के नाम होना राजनीतिक संवेदनशीलता को बढ़ाता है, पर दोष-सिद्धि दर ही असली कसौटी होगी। यह भी उल्लेखनीय है कि 38 आरोपियों में से अभी तक कितने सजा पा चुके हैं, यह स्पष्ट नहीं — बिना इस जवाबदेही के, गिरफ्तारियाँ महज प्रक्रियागत कदम बनकर रह जाती हैं।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अरूप दास उर्फ बापी दास कौन है और उसे क्यों गिरफ्तार किया गया?
अरूप दास उर्फ बापी दास 2021 बंगाल चुनाव-बाद हिंसा के दौरान अभिजीत सरकार की कथित हत्या के मामले में CBI द्वारा घोषित अपराधी है। वह 2021 में केस दर्ज होने के बाद से फरार था और न जांच में शामिल हुआ, न अदालत में पेश हुआ।
अभिजीत सरकार हत्याकांड क्या है?
2 मई 2021 को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद भड़की हिंसा के दौरान कोलकाता की शीतलतला लेन में अभिजीत सरकार की कथित हत्या हुई थी। कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर CBI ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ली और 38 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
CBI ने इस मामले की जांच कैसे शुरू की?
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने 19 अगस्त 2021 को आदेश देकर 2021 की चुनाव-बाद हिंसा के मामले CBI को सौंपे। CBI ने नारकेलडांगा पुलिस स्टेशन से मामला लेकर 25 अगस्त 2021 को केस पंजीकृत किया।
इस मामले में और कौन-कौन आरोपी हैं?
CBI की चार्जशीट में कुल 38 आरोपी हैं। प्रमुख नामों में TMC के पूर्व विधायक परेश पाल और TMC के पूर्व पार्षद स्वपन समाद्दार तथा पापिया घोष शामिल हैं।
अब आगे क्या होगा — आरोपी को कहाँ पेश किया जाएगा?
CBI के अनुसार, अरूप दास को गुवाहाटी से कोलकाता लाया जाएगा और शुक्रवार को सिटी सेशंस कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहाँ यह मामला अभी विचाराधीन है।
राष्ट्र प्रेस
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