सीबीआई ने गुवाहाटी से पकड़ा 2021 बंगाल चुनाव-बाद हिंसा का घोषित अपराधी, अभिजीत सरकार हत्याकांड में था फरार
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 7 अगस्त 2026 को गुवाहाटी से घोषित अपराधी अरूप दास उर्फ बापी दास को गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी पश्चिम बंगाल में 2021 विधानसभा चुनाव के बाद भड़की हिंसा के दौरान कोलकाता की शीतलतला लेन में हुई अभिजीत सरकार की कथित हत्या के मामले में की गई है। आरोपी 2021 में केस दर्ज होने के बाद से लगातार फरार था।
मुख्य घटनाक्रम
CBI के अनुसार, अरूप दास न तो जांच में शामिल हुआ और न ही ट्रायल कोर्ट के सामने पेश हुआ। एजेंसी ने उसकी गिरफ्तारी में सहायक सूचना देने वाले को ₹50,000 के नकद इनाम की घोषणा भी की थी। अंततः ह्यूमन इंटेलिजेंस और तकनीकी सूचनाओं के आधार पर उसका पता लगाकर गुवाहाटी से गिरफ्तार किया गया।
आरोपी को कोलकाता लाया जाएगा और शुक्रवार को सिटी सेशंस कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहाँ यह मामला अभी विचाराधीन है।
मामले की पृष्ठभूमि
2 मई 2021 को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के तुरंत बाद राज्य में व्यापक हिंसा भड़की थी। इसी दौरान कोलकाता की शीतलतला लेन में अभिजीत सरकार की कथित हत्या हुई। राजनीतिक रूप से प्रेरित हमलों और स्थानीय पुलिस की अपर्याप्त कार्रवाई के आरोपों के बाद कलकत्ता उच्च न्यायालय ने 19 अगस्त 2021 के अपने आदेश में इन मामलों की जांच CBI को सौंपी थी।
CBI ने नारकेलडांगा पुलिस स्टेशन से मामला अपने हाथ में लेकर 25 अगस्त 2021 को केस पंजीकृत किया। गौरतलब है कि यह अभिजीत सरकार हत्याकांड उन अनेक मामलों में से एक है जो 2021 की चुनाव-बाद हिंसा से जुड़े हैं और जिन्हें न्यायालय के निर्देश पर CBI को सौंपा गया था।
चार्जशीट और आरोपी
जांच के उपरांत CBI ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत 38 आरोपियों के खिलाफ 2021 और 2025 में चार्जशीट तथा सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल कीं। चार्जशीट में नामजद प्रमुख आरोपियों में अरूप दास उर्फ बापी दास के अलावा तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व विधायक परेश पाल और TMC के पूर्व पार्षद स्वपन समाद्दार तथा पापिया घोष शामिल हैं।
न्यायिक प्रक्रिया और आगे की राह
यह मामला वर्तमान में कोलकाता की सिटी सेशंस कोर्ट में विचाराधीन है। CBI के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी को शीघ्र कोलकाता लाकर संबंधित अदालत में पेश किया जाएगा। यह गिरफ्तारी दर्शाती है कि एजेंसी 2021 की हिंसा से जुड़े फरार आरोपियों की तलाश अभी भी जारी रखे हुए है।