अभिजीत सरकार हत्याकांड: CBI ने मध्यमग्राम से विशाल पाल को गिरफ्तार किया, 2021 चुनाव बाद हिंसा मामले में बड़ी कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम इलाके से विशाल पाल उर्फ गोपाल दास को गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी भाजपा कार्यकर्ता अभिजीत सरकार की हत्या मामले में हुई है, जो 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद भड़की हिंसा से जुड़ा है। अधिकारियों के अनुसार, विशाल पाल लंबे समय से फरार था।
मुख्य घटनाक्रम
CBI ने पिछले सप्ताह भी इसी मामले में एक फरार आरोपी अरूप दास को असम से गिरफ्तार किया था। इस प्रकार कम समय में दो फरार आरोपियों की गिरफ्तारी यह दर्शाती है कि जांच एजेंसी ने मामले में अपनी सक्रियता बढ़ाई है। इस साल 1 जुलाई को कोलकाता की एक विशेष CBI अदालत ने कुल 19 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे।
आरोपियों में पूर्व विधायक और पूर्व पार्षद
आरोप तय किए गए लोगों में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व विधायक परेश पाल और कोलकाता नगर निगम (KMC) के पूर्व पार्षद स्वप्न समद्दार भी शामिल हैं। CBI इन दोनों से कई बार पूछताछ कर चुकी है। जांच एजेंसी ने अतिरिक्त आरोपपत्र दाखिल कर कुल 20 लोगों को आरोपी बनाया है।
मामले की पृष्ठभूमि
2021 के विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद उत्तर कोलकाता के कांकरगाछी इलाके में भाजपा कार्यकर्ता अभिजीत सरकार की कथित तौर पर TMC कार्यकर्ताओं द्वारा हत्या कर दी गई थी। परिजनों ने आरोप लगाया था कि उन्हें प्रताड़ित करने के बाद मार डाला गया। परिवार की शिकायत पर नारकेलडांगा थाने ने प्रारंभिक जांच शुरू की और 15 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। इसके बाद कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर CBI ने मामले की जांच अपने हाथ में ली।
पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई
इस मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी और एक महिला सब-इंस्पेक्टर को भी गिरफ्तार किया गया था। उनकी जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान अदालत ने टिप्पणी की थी कि यदि रक्षक ही भक्षक की भूमिका निभाने लगें, तो समाज की व्यवस्था कैसे बनी रहेगी। मृतक के परिजनों ने CBI जांच की धीमी रफ्तार पर भी नाराजगी जताई थी।
सरकार का रुख और आगे की राह
राज्य में नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने स्पष्ट किया था कि 2021 की चुनाव बाद हिंसा से जुड़े किसी भी मामले में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। विशाल पाल की गिरफ्तारी के साथ ही मामले में अभी भी कुछ आरोपी फरार बताए जा रहे हैं, और CBI की जांच जारी है।