सीबीआई ने गुवाहाटी से गिरफ्तार किया अवैध सिम कार्ड नेटवर्क का मुख्य आरोपी
सारांश
Key Takeaways
- गुवाहाटी में अवैध सिम कार्ड नेटवर्क का भंडाफोड़ किया गया।
- उबैद उल्लाह गिरफ्तार हुआ, जो मुख्य साजिशकर्ता था।
- सीबीआई ने 10,000 से अधिक अवैध सिम कार्डों को जब्त किया।
- छापेमारी 45 स्थानों पर की गई।
- पीओएस एजेंटों की भूमिका महत्वपूर्ण थी।
गुवाहाटी, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने देश में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन चक्र-वी के तहत महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। सीबीआई ने अवैध सिम कार्ड जुटाने और उन्हें साइबर अपराधियों तक पहुँचाने वाले नेटवर्क के मुख्य साजिशकर्ता को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपी का नाम उबैद उल्लाह है। सीबीआई ने उसे गुवाहाटी से 19 अप्रैल 2026 को पकड़ा। यह आरोपी काफी समय से फरार था और अगस्त 2025 से इसकी तलाश की जा रही थी। आरोपी अवैध रूप से जारी किए गए सिम कार्डों के एक बड़े सप्लाई नेटवर्क का संचालन कर रहा था।
सीबीआई की जांच में यह सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क में पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) एजेंटों की महत्वपूर्ण भूमिका थी। ये एजेंट अवैध तरीके से सिम कार्ड जारी कर रहे थे और इन्हीं सिम कार्डों का उपयोग साइबर अपराधों में किया जा रहा था। इन अपराधों में फर्जी डिजिटल अरेस्ट, लोन फ्रॉड, और निवेश धोखाधड़ी जैसे गंभीर मामले शामिल हैं।
अब तक की जांच में यह पता चला है कि इस नेटवर्क के माध्यम से लगभग 10,000 से अधिक अवैध सिम कार्ड जुटाए गए थे। इसके लिए आरोपी ने विभिन्न बैंक खातों के जरिए लगभग 67 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे, जो पीओएस एजेंटों को भुगतान के रूप में दिए गए थे।
इतना ही नहीं, जांच में यह भी सामने आया है कि इन सिम कार्डों की डिलीवरी के लिए कूरियर सेवाओं का उपयोग किया जाता था ताकि पहचान छिपाई जा सके और पूरा नेटवर्क गुप्त तरीके से कार्य करता रहे।
सीबीआई ने इस मामले में अब तक लगभग 45 स्थानों पर छापेमारी की है, जो आठ अलग-अलग राज्यों में फैली हुई थीं। इस दौरान 10 पीओएस एजेंटों को भी गिरफ्तार किया गया है, जो अवैध सिम कार्ड जारी करने में शामिल थे। अन्य मुख्य साजिशकर्ताओं की संलिप्तता के संबंध में जांच जारी है।
अधिकारियों का कहना है कि अन्य एजेंसियों के साथ समन्वित प्रयासों और उन्नत खुफिया तकनीकों के माध्यम से सीबीआई अपराधियों को न्याय के कठघरे में लाने के लिए पूरी तरह से संकल्पित है।