मुंबई में साइबर धोखाधड़ी का बड़ा खुलासा, 300 सिम प्रदान करने वाला एजेंट गिरफ्तार

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मुंबई में साइबर धोखाधड़ी का बड़ा खुलासा, 300 सिम प्रदान करने वाला एजेंट गिरफ्तार

सारांश

मुंबई पुलिस ने एक बड़े साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 25 वर्षीय पीओएस एजेंट को गिरफ्तार किया, जिसने 300 से अधिक सिम कार्ड जालसाजों को उपलब्ध कराए। जानें पूरी खबर और इसके पीछे की कहानी।

मुख्य बातें

साइबर अपराध का बढ़ता खतरा 300 से अधिक सिम कार्ड का दुरुपयोग कमल पुखराज कुलदीप की गिरफ्तारी पुलिस की सक्रियता से बड़ा नेटवर्क उजागर नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह

मुंबई, 13 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मुंबई पुलिस की उत्तरी क्षेत्रीय डिवीजन की साइबर सेल ने एक बड़े साइबर अपराध नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 25 वर्षीय एक पीओएस (पॉइंट ऑफ सेल) एजेंट को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि इन सिम कार्डों का उपयोग विभिन्न ऑनलाइन धोखाधड़ी की घटनाओं में किया गया है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ने विभिन्न व्यक्तियों के आधार कार्ड का दुरुपयोग कर 300 से अधिक सिम कार्ड साइबर जालसाजों को उपलब्ध कराए हैं। गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की पहचान कमल पुखराज कुलदीप के रूप में हुई है। वह निजी टेलीकॉम कंपनियों एयरटेल और वीआई के लिए पीओएस एजेंट के रूप में कार्यरत था।

जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि कुलदीप ने कई लोगों के आधार कार्ड की जानकारी का गलत इस्तेमाल कर बड़ी संख्या में सिम कार्ड जारी किए और उन्हें साइबर अपराधियों तक पहुंचा दिया। इन सिम कार्डों का उपयोग करके ठग विभिन्न तरीकों से लोगों से धोखाधड़ी करते थे।

पुलिस जांच में एक ऐसे मामले का खुलासा हुआ जिसमें साइबर अपराधियों ने कुलदीप द्वारा जारी किए गए एक सिम कार्ड का इस्तेमाल करते हुए ‘डिजिटल गिरफ्तारी’ का झांसा दिया। ठगों ने अपने आप को कानून प्रवर्तन एजेंसियों का अधिकारी बताकर एक बुजुर्ग को डराया और उन्हें ऑनलाइन पूछताछ के लिए मजबूर किया।

पीड़ित बुजुर्ग ने डर और दबाव में आकर विभिन्न खातों में करीब 29 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। जब उन्हें शक हुआ, तो उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद पुलिस ने साइबर नेटवर्क का पता लगाते हुए कुलदीप को गिरफ्तार कर लिया।

शिकायतकर्ता एक 66 वर्षीय बुजुर्ग हैं, जो पश्चिमी रेलवे के अकाउंट्स विभाग से रिटायर्ड असिस्टेंट ऑफिसर हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने कितने और सिम कार्ड जारी किए हैं और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोग कौन-कौन हैं।

पुलिस ने सभी नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अंजान कॉल या ऑनलाइन पूछताछ से डरकर पैसे ट्रांसफर न करें और ऐसी किसी भी घटना की तुरंत साइबर सेल में शिकायत करें।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो नागरिकों की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस धोखाधड़ी में कितने सिम कार्ड शामिल थे?
इस धोखाधड़ी में 300 से अधिक सिम कार्ड शामिल थे।
गिरफ्तार आरोपी का नाम क्या है?
गिरफ्तार आरोपी का नाम कमल पुखराज कुलदीप है।
पुलिस ने क्या कदम उठाए?
पुलिस ने साइबर नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया और मामले की जांच जारी है।
क्या नागरिकों को किसी भी अंजान कॉल पर ध्यान देना चाहिए?
नागरिकों को किसी भी अंजान कॉल से डरकर पैसे ट्रांसफर नहीं करने चाहिए और तुरंत पुलिस में शिकायत करनी चाहिए।
क्या यह पहली बार है जब इस प्रकार का मामला सामने आया है?
नहीं, यह ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में से एक है, जो लगातार बढ़ रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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