चंद्रनाथ रथ हत्याकांड: सीबीआई ने सागर व साहिब सोनकर को गिरफ्तार किया, कुल 11 आरोपी हिरासत में
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के कार्यकारी सहायक (पीए) चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में सागर सोनकर और साहिब सोनकर नामक दो और संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। शुक्रवार, 31 जुलाई की शाम कोलकाता की एक स्पेशल सीबीआई अदालत ने दोनों को सात दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया। इन दो गिरफ्तारियों के साथ इस मामले में हिरासत में लिए गए संदिग्धों की कुल संख्या 11 हो गई है।
मुख्य घटनाक्रम
दोनों आरोपियों को शुक्रवार को कोलकाता की सीबीआई अदालत में पेश किया गया, लेकिन केंद्रीय एजेंसी के अधिकारियों ने उनकी गिरफ्तारी के स्थान या समय के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी। जांच एजेंसी ने दोनों की राजनीतिक संबद्धता पर भी स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा।
एजेंसी के एक अंदरूनी सूत्र के अनुसार, सागर सोनकर और साहिब सोनकर का पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) से संबंध था, लेकिन हालिया पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले दोनों आधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए थे। उसी सूत्र ने यह भी बताया कि जांच से पता चला है कि दोनों गिरफ्तार व्यक्ति तृणमूल कांग्रेस के कई प्रभावशाली नेताओं के संपर्क में थे।
जांच में अहम सुराग
सीबीआई अधिकारियों ने दोनों आरोपियों की कुछ टेलीफोनिक बातचीत इंटरसेप्ट करके इस मामले में महत्वपूर्ण जानकारी हासिल की है। एजेंसी के अनुसार इस आधार पर मामले की जांच में नए सिरे से प्रगति हुई है। आगे की जांच जारी है।
गौरतलब है कि इस हत्याकांड की शुरुआती जांच पश्चिम बंगाल पुलिस के क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) ने की थी, जिसके बाद जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंपा गया।
हत्या की पृष्ठभूमि
चंद्रनाथ रथ की हत्या 6 मई की शाम को उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में उस समय की गई जब वे घर लौट रहे थे। यह घटना पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के लगभग दो दिन बाद हुई, जिसमें भारतीय जनता पार्टी ने बड़ी जीत दर्ज की थी और 2011 से सत्ता में रही ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार को सत्ता से बाहर किया था।
भारतीय वायु सेना (IAF) के पूर्व कर्मचारी रहे रथ, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के पीए के रूप में कार्यरत थे। वे उस समय से अधिकारी के साथ थे जब वे पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता थे।
आगे क्या होगा
दोनों आरोपी अगले सात दिनों तक सीबीआई की हिरासत में रहेंगे, जिस दौरान जांचकर्ता उनसे पूछताछ कर मामले की कड़ियाँ जोड़ने का प्रयास करेंगे। इस हत्याकांड में राजनीतिक संबद्धता और आपसी संपर्कों की जो परतें सामने आ रही हैं, वे जांच को और जटिल बना सकती हैं। सीबीआई का यह मामला पश्चिम बंगाल में चुनाव-पश्चात हिंसा की व्यापक जांच का हिस्सा माना जा रहा है।