चंद्रनाथ रथ हत्याकांड: सीबीआई ने लखनऊ और बलिया से दो आरोपित गिरफ्तार, सात सदस्यीय SIT गठित
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 5 जून 2026 को पश्चिम बंगाल के विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में उत्तर प्रदेश के लखनऊ और बलिया से दो आरोपितों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। जांच एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, दोनों आरोपितों पर 6 मई को चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या करने का आरोप है।
गिरफ्तारी का विवरण
सीबीआई सूत्रों के अनुसार, पहले आरोपित विकास मिश्रा को लखनऊ के अशोक मार्ग स्थित एक होटल से दबोचा गया। दूसरे आरोपित गोलू सिंह को बलिया से गिरफ्तार किया गया। दोनों को कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद कोलकाता की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।
तीसरे आरोपित ने किया आत्मसमर्पण
इस मामले के एक अन्य आरोपित ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोनू ने गुरुवार को बलिया की गैंगस्टर एक्ट अदालत में स्वेच्छा से आत्मसमर्पण कर दिया। अदालत ने उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। स्थानीय पुलिस के अनुसार, मोनू एक हिस्ट्रीशीटर अपराधी है और उसके खिलाफ पहले से 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
सीबीआई जांच और SIT गठन
हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए मामले की जांच बंगाल पुलिस से लेकर सीबीआई को सौंपी गई थी। जांच एजेंसी ने औपचारिक एफआईआर दर्ज कर जांच को तेज किया और दिल्ली स्थित स्पेशल क्राइम यूनिट के एक डीआईजी की अगुवाई में सात सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। यह SIT हत्या की पूरी साजिश, आरोपितों के नेटवर्क और घटना के पीछे की संभावित वजहों की गहन पड़ताल कर रही है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और आगे की जांच
गौरतलब है कि 6 मई को हुई इस हत्या ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल मचा दी थी। घटना के बाद गंभीर रूप से घायल चंद्रनाथ रथ को तत्काल अस्पताल ले जाया गया था, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। यह ऐसे समय में आया है जब बंगाल में राजनीतिक हिंसा की घटनाएँ राष्ट्रीय चर्चा का विषय बनी हुई हैं। सीबीआई अब मामले से जुड़े अन्य संभावित आरोपितों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।