चंद्रनाथ रथ हत्याकांड: रिहा राज सिंह का दावा — 'एसओजी ने झूठे आरोप में फंसाया, सीबीआई ने बचाया'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
चंद्रनाथ रथ हत्याकांड: रिहा राज सिंह का दावा — 'एसओजी ने झूठे आरोप में फंसाया, सीबीआई ने बचाया'

सारांश

चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में गलत पहचान के चलते गिरफ्तार राज सिंह जेल से रिहा हुए और उन्होंने एसओजी पुलिस पर झूठे आरोप में फंसाने और दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि परिवार द्वारा दिए गए सीसीटीवी सबूतों के आधार पर सीबीआई ने उनकी बेगुनाही साबित की।

मुख्य बातें

राज सिंह को चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में गलत पहचान के आधार पर गिरफ्तार किया गया था और अब वे रिहा हो चुके हैं।
राज सिंह का आरोप है कि अयोध्या में एसओजी पुलिस ने उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और हत्या का अपराध कबूल करने का दबाव बनाया।
परिवार द्वारा सीसीटीवी फुटेज और कपड़ों की दुकान की रसीद जैसे सबूत सीबीआई को सौंपे जाने के बाद उनकी बेगुनाही साबित हुई।
राज सिंह ने दावा किया कि समय पर सीबीआई जांच नहीं होती तो उनका 'एनकाउंटर' तक हो सकता था।
इस मामले में उत्तर प्रदेश और बिहार से तीन लोग गिरफ्तार हो चुके हैं और जांच जारी है।

बलिया के राज सिंह को चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में गलत पहचान के आधार पर गिरफ्तार किया गया था, और अब जेल से रिहाई के बाद उन्होंने गंभीर आरोप लगाए हैं। राज सिंह का कहना है कि सीबीआई जांच ने उनकी बेगुनाही साबित की, अन्यथा उनका 'एनकाउंटर तक हो सकता था।' चंद्रनाथ रथ, पश्चिम बंगाल के विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक थे, जिनकी हत्या के इस मामले में उत्तर प्रदेश और बिहार से तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

गिरफ्तारी और दबाव के आरोप

राज सिंह के अनुसार, उन्हें अयोध्या में एसओजी पुलिस ने गलत तरीके से हिरासत में लिया। उन्होंने आरोप लगाया, 'मुझे मानसिक रूप से परेशान किया गया और एक अपराध कबूल करने का दबाव डाला जा रहा था।' उनका यह भी कहना है कि उन्हें लगातार डराया गया और हत्या का आरोप अपने ऊपर लेने के लिए बाध्य करने की कोशिश की गई।

राज सिंह ने दावा किया कि उनका नाम पहले से चर्चित था, और इसी वजह से उन्हें निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा, 'मेरी जांच किए बिना मुझे अपराधी बना दिया गया था, जो न्यायसंगत नहीं है।'

सीबीआई जांच और अहम सबूत

राज सिंह के परिवार ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्य सीबीआई को सौंपे, जिसके आधार पर उनकी निर्दोषता स्थापित हो सकी। उन्होंने बताया कि एक कपड़ों की दुकान से खरीदा गया कुर्ता भी उनके पक्ष में अहम साक्ष्य साबित हुआ।

राज सिंह ने कहा, 'अगर समय पर सीबीआई जांच नहीं होती, तो मेरा एनकाउंटर तक हो सकता था।' उन्होंने सीबीआई का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सही समय पर सही जांच ने उन्हें बचाया।

प्रशासन पर लापरवाही का आरोप

राज सिंह ने एसओजी और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि बिना पर्याप्त जांच-पड़ताल के उन्हें अपराधी करार दे दिया गया, जिससे उनकी सामाजिक छवि को भी नुकसान पहुँचा। उन्होंने पश्चिम बंगाल में भी पूछताछ का सामना करने और सारे सबूत देने की बात कही।

मामले की मौजूदा स्थिति

चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में अब तक उत्तर प्रदेश और बिहार से तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मामले की जांच अभी जारी है। राज सिंह की रिहाई और उनके द्वारा लगाए गए आरोप इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर नए सवाल खड़े करते हैं। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब गलत पहचान के आधार पर गिरफ्तारी के मामले देशभर में न्यायिक और प्रशासनिक जवाबदेही की माँग को और तेज कर रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो पुलिस ने उन्हें पहले क्यों नहीं जाँचा — और इस लापरवाही के लिए जवाबदेही कब तय होगी।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में राज सिंह को क्यों गिरफ्तार किया गया था?
राज सिंह को गलत पहचान के आधार पर इस मामले में गिरफ्तार किया गया था। उनके अनुसार एसओजी पुलिस ने बिना पर्याप्त जांच के उन्हें हिरासत में लिया और हत्या का अपराध कबूल करने का दबाव बनाया।
राज सिंह की बेगुनाही कैसे साबित हुई?
राज सिंह के परिवार ने सीसीटीवी फुटेज और एक कपड़ों की दुकान से खरीदे गए कुर्ते की रसीद सहित अन्य साक्ष्य सीबीआई को सौंपे, जिनके आधार पर जांच में उनकी निर्दोषता स्थापित हुई।
चंद्रनाथ रथ कौन थे और उनकी हत्या का मामला क्या है?
चंद्रनाथ रथ पश्चिम बंगाल के विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (पीए) थे। उनकी हत्या के मामले में अब तक उत्तर प्रदेश और बिहार से तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है और जांच जारी है।
राज सिंह ने एसओजी पुलिस पर क्या आरोप लगाए हैं?
राज सिंह का आरोप है कि अयोध्या में एसओजी पुलिस ने उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, लगातार डराया और एक ऐसा अपराध कबूल करने का दबाव बनाया जो उन्होंने किया ही नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि समय पर सीबीआई जांच नहीं होती तो उनका एनकाउंटर तक हो सकता था।
इस मामले में आगे क्या होगा?
चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच अभी जारी है। राज सिंह की रिहाई और उनके द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद एसओजी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं, जिनकी स्वतंत्र जांच की माँग की जा सकती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 दिन पहले
  2. 3 दिन पहले
  3. 5 दिन पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 2 सप्ताह पहले
  7. 2 सप्ताह पहले
  8. 2 सप्ताह पहले