6 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

2021 बंगाल चुनाव बाद हिंसा: सीबीआई ने सिलीगुड़ी से घोषित अपराधी श्यामला बर्मन को गिरफ्तार किया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
2021 बंगाल चुनाव बाद हिंसा: सीबीआई ने सिलीगुड़ी से घोषित अपराधी श्यामला बर्मन को गिरफ्तार किया

सारांश

2021 के बंगाल चुनाव बाद हिंसा मामले में सीबीआई ने वर्षों से फरार घोषित अपराधी श्यामला बर्मन को सिलीगुड़ी से दबोचा। माणिक मैत्रा हत्याकांड में ₹50,000 के इनामी इस आरोपी को अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेजा। जांच जारी है।

मुख्य बातें

सीबीआई ने 18 जून 2026 को सिलीगुड़ी से घोषित अपराधी श्यामला बर्मन को गिरफ्तार किया।
यह गिरफ्तारी 2021 के बंगाल चुनाव बाद हिंसा और माणिक मैत्रा की हत्या के मामले में हुई।
कलकत्ता उच्च न्यायालय के 27 अगस्त 2021 के आदेश पर सीबीआई ने कूच बिहार के शीतलकुची पुलिस स्टेशन की एफआईआर अपने हाथ में ली थी।
सीबीआई ने 27 सितंबर 2021 को 6 आरोपियों के खिलाफ और बाद में 18 और आरोपियों के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर की।
माथाभांगा एसीजेएम ने 8 फरवरी 2022 को श्यामला बर्मन को 'घोषित अपराधी' करार दिया था; सीबीआई ने ₹50,000 का इनाम घोषित किया था।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को सिलीगुड़ी की अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 18 जून 2026 को 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव बाद हिंसा से जुड़े हत्या के मामले में एक बड़ी सफलता हासिल की — सिलीगुड़ी से घोषित अपराधी श्यामला बर्मन को गिरफ्तार कर लिया गया, जो एफआईआर दर्ज होने के बाद से लगातार फरार चल रहा था। यह गिरफ्तारी माणिक मैत्रा की हत्या और चुनाव-बाद हिंसा से जुड़े मामले में हुई है।

मामले की पृष्ठभूमि

कलकत्ता उच्च न्यायालय के 27 अगस्त 2021 के आदेश पर सीबीआई ने यह मामला अपने हाथ में लिया था। जांच एजेंसी ने कूच बिहार जिले के शीतलकुची पुलिस स्टेशन की एफआईआर को अपने अधिकार क्षेत्र में लेकर जांच शुरू की, जो माणिक मैत्रा की हत्या और चुनाव बाद हिंसा के आरोपों से संबंधित थी।

गौरतलब है कि सीबीआई ने 27 सितंबर 2021 को 6 आरोपियों के विरुद्ध प्रारंभिक चार्जशीट दायर की थी। इसके बाद 26 अप्रैल 2022 और 11 अगस्त 2022 को 18 और आरोपियों के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की गई।

घोषित अपराधी कैसे बना आरोपी

आरोपी श्यामला बर्मन लंबे समय तक न तो जांच प्रक्रिया में शामिल हुआ और न ही मुकदमे की सुनवाई में उपस्थित हुआ। इसके चलते माथाभांगा (जिला कूच बिहार) के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) ने 8 फरवरी 2022 के आदेश के जरिए उसे औपचारिक रूप से 'घोषित अपराधी' करार दिया।

सीबीआई ने उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए ₹50,000 के नकद इनाम की घोषणा भी की थी, जो अंततः उसकी धरपकड़ में सहायक रही।

गिरफ्तारी और न्यायिक कार्रवाई

सीबीआई की टीम ने सिलीगुड़ी से श्यामला बर्मन को हिरासत में लिया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद उसे सिलीगुड़ी की सक्षम अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। सीबीआई के अनुसार, इस मामले से जुड़ी आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई अभी जारी है।

व्यापक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा के मामले अदालतों और जांच एजेंसियों के समक्ष विभिन्न चरणों में चल रहे हैं। कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देश पर सीबीआई को इन मामलों की जांच सौंपी गई थी, और यह गिरफ्तारी उस दीर्घकालीन जांच प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण कड़ी है।

सीबीआई की यह कार्रवाई दर्शाती है कि फरार आरोपियों पर दबाव बनाए रखने की नीति के तहत जांच एजेंसी अपना काम जारी रखे हुए है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह याद दिलाती है कि 2021 की चुनाव-बाद हिंसा के मामले अभी भी न्यायिक प्रक्रिया के विभिन्न चरणों में अटके हुए हैं — कुछ आरोपी वर्षों बाद भी पकड़ से बाहर हैं। कलकत्ता उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद सीबीआई को जांच मिली, लेकिन इतने वर्षों में न्याय की गति पर सवाल उठना स्वाभाविक है। असली कसौटी यह होगी कि दर्जनों चार्जशीट और गिरफ्तारियों के बावजूद पीड़ित परिवारों को समयबद्ध न्याय मिल पाता है या नहीं।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्यामला बर्मन को किस मामले में गिरफ्तार किया गया है?
श्यामला बर्मन को 2021 के पश्चिम बंगाल चुनाव बाद हिंसा और माणिक मैत्रा की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया है। यह मामला कूच बिहार के शीतलकुची पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर पर आधारित है, जिसे कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर सीबीआई ने अपने हाथ में लिया था।
श्यामला बर्मन को 'घोषित अपराधी' क्यों करार दिया गया था?
आरोपी एफआईआर दर्ज होने के बाद से न तो जांच प्रक्रिया में शामिल हुआ और न ही मुकदमे की सुनवाई में उपस्थित हुआ। इसके चलते माथाभांगा (कूच बिहार) के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 8 फरवरी 2022 को उसे 'घोषित अपराधी' करार दिया।
सीबीआई ने इस मामले में अब तक कितने आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की है?
सीबीआई ने 27 सितंबर 2021 को 6 आरोपियों के खिलाफ प्रारंभिक चार्जशीट दायर की। इसके बाद 26 अप्रैल 2022 और 11 अगस्त 2022 को 18 और आरोपियों के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की गई।
सीबीआई को यह मामला कैसे मिला?
कलकत्ता उच्च न्यायालय के 27 अगस्त 2021 के आदेश पर सीबीआई ने यह मामला अपने हाथ में लिया। जांच एजेंसी ने कूच बिहार के शीतलकुची पुलिस स्टेशन की मूल एफआईआर को अपने अधिकार क्षेत्र में लेकर जांच शुरू की थी।
गिरफ्तारी के बाद श्यामला बर्मन का क्या हुआ?
गिरफ्तारी के बाद आरोपी श्यामला बर्मन को सिलीगुड़ी की सक्षम अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। सीबीआई की ओर से मामले में आगे की जांच और कार्रवाई जारी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले