2021 बंगाल चुनाव बाद हिंसा: सीबीआई ने सिलीगुड़ी से घोषित अपराधी श्यामला बर्मन को गिरफ्तार किया
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 18 जून 2026 को 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव बाद हिंसा से जुड़े हत्या के मामले में एक बड़ी सफलता हासिल की — सिलीगुड़ी से घोषित अपराधी श्यामला बर्मन को गिरफ्तार कर लिया गया, जो एफआईआर दर्ज होने के बाद से लगातार फरार चल रहा था। यह गिरफ्तारी माणिक मैत्रा की हत्या और चुनाव-बाद हिंसा से जुड़े मामले में हुई है।
मामले की पृष्ठभूमि
कलकत्ता उच्च न्यायालय के 27 अगस्त 2021 के आदेश पर सीबीआई ने यह मामला अपने हाथ में लिया था। जांच एजेंसी ने कूच बिहार जिले के शीतलकुची पुलिस स्टेशन की एफआईआर को अपने अधिकार क्षेत्र में लेकर जांच शुरू की, जो माणिक मैत्रा की हत्या और चुनाव बाद हिंसा के आरोपों से संबंधित थी।
गौरतलब है कि सीबीआई ने 27 सितंबर 2021 को 6 आरोपियों के विरुद्ध प्रारंभिक चार्जशीट दायर की थी। इसके बाद 26 अप्रैल 2022 और 11 अगस्त 2022 को 18 और आरोपियों के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की गई।
घोषित अपराधी कैसे बना आरोपी
आरोपी श्यामला बर्मन लंबे समय तक न तो जांच प्रक्रिया में शामिल हुआ और न ही मुकदमे की सुनवाई में उपस्थित हुआ। इसके चलते माथाभांगा (जिला कूच बिहार) के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) ने 8 फरवरी 2022 के आदेश के जरिए उसे औपचारिक रूप से 'घोषित अपराधी' करार दिया।
सीबीआई ने उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए ₹50,000 के नकद इनाम की घोषणा भी की थी, जो अंततः उसकी धरपकड़ में सहायक रही।
गिरफ्तारी और न्यायिक कार्रवाई
सीबीआई की टीम ने सिलीगुड़ी से श्यामला बर्मन को हिरासत में लिया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद उसे सिलीगुड़ी की सक्षम अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। सीबीआई के अनुसार, इस मामले से जुड़ी आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई अभी जारी है।
व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा के मामले अदालतों और जांच एजेंसियों के समक्ष विभिन्न चरणों में चल रहे हैं। कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देश पर सीबीआई को इन मामलों की जांच सौंपी गई थी, और यह गिरफ्तारी उस दीर्घकालीन जांच प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण कड़ी है।
सीबीआई की यह कार्रवाई दर्शाती है कि फरार आरोपियों पर दबाव बनाए रखने की नीति के तहत जांच एजेंसी अपना काम जारी रखे हुए है।