14 अगस्त 2026
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भादू शेख हत्याकांड: सीबीआई ने मुंबई के डोंगरी से फरार आरोपी मसाद शेख को किया गिरफ्तार

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भादू शेख हत्याकांड: सीबीआई ने मुंबई के डोंगरी से फरार आरोपी मसाद शेख को किया गिरफ्तार

सारांश

तीन साल से अधिक समय तक फरार रहने के बाद सीबीआई ने भादू शेख हत्याकांड के घोषित अपराधी मसाद शेख को मुंबई के डोंगरी से दबोचा। बीरभूम के बोगतुई में 2022 में हुई इस हत्या की जांच कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर सीबीआई कर रही है।

मुख्य बातें

सीबीआई ने 14 अगस्त को मसाद शेख को मुंबई के डोंगरी से गिरफ्तार किया।
मसाद शेख TMC नेता भादू शेख की हत्या के मामले में 2022 से फरार घोषित अपराधी था।
भादू शेख की हत्या 21 मार्च 2022 को पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के बोगतुई में हुई थी।
सीबीआई ने इस मामले में नौ आरोपियों के खिलाफ 2022-2023 में आरोप पत्र दाखिल किए हैं।
अलग मामले में फरार खदान मालिक तुलु मंडल के रिश्तेदार के घर से ₹28 करोड़ नकद और 15 किलो सोना बरामद हुआ।
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने तुलु मंडल की 'हुलिया' चुनौती याचिका पर सुनवाई से इनकार किया।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार, 14 अगस्त को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के ग्राम पंचायत नेता भादू शेख की हत्या के मामले में घोषित अपराधी मसाद शेख को मुंबई के डोंगरी क्षेत्र के वारी बंदर इलाके से गिरफ्तार किया। आरोपी 2022 में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से लगातार फरार था और जांच एवं मुकदमे में कभी पेश नहीं हुआ।

गिरफ्तारी कैसे हुई

सीबीआई के आधिकारिक बयान के अनुसार, एजेंसी ने मानवीय खुफिया जानकारी और तकनीकी इनपुट के संयुक्त उपयोग से मसाद शेख की मुंबई में मौजूदगी का पता लगाया। इसके बाद विशेष टीम ने डोंगरी के वारी बंदर से उसे दबोचा। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी को अब मुंबई से कोलकाता लाया जाएगा ताकि उसे सक्षम अदालत में पेश किया जा सके।

मामले की पृष्ठभूमि

तृणमूल कांग्रेस के ग्राम पंचायत नेता भादू शेख की हत्या 21 मार्च 2022 को पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के बोगतुई गांव में हुई थी। कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर सीबीआई ने 8 अप्रैल 2022 को रामपुरहाट पुलिस स्टेशन में दर्ज 22 मार्च 2022 की प्राथमिकी को अपने अधिकार में लेकर जांच शुरू की थी।

जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने बीरभूम के रामपुरहाट स्थित अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में 2022 और 2023 में मसाद शेख सहित नौ आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र और पूरक आरोप पत्र दाखिल किए। यह मुकदमा अब पश्चिम बंगाल के पुरबा बर्धमान स्थित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय में चल रहा है।

बीरभूम का दूसरा घटनाक्रम: तुलु मंडल मामला

एक अलग लेकिन संबंधित घटनाक्रम में, कलकत्ता उच्च न्यायालय की एकल-पीठ ने गुरुवार को बीरभूम के फरार पत्थर खदान मालिक तुलु मंडल (उर्फ मोहम्मद नजीबुद्दीन) की याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। मंडल ने बीरभूम की एक जिला अदालत द्वारा अपने खिलाफ जारी 'हुलिया' (भगोड़े संदिग्ध का विवरण देने वाला न्यायालय नोटिस) को चुनौती दी थी।

तुलु मंडल बीरभूम जिला पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) दोनों के निशाने पर है। इस महीने की शुरुआत में उसके करीबी रिश्तेदार मिनार मंडल के घर से ₹28 करोड़ नकद और लगभग ₹22 करोड़ बाजार मूल्य का 15 किलो सोना बरामद किया गया था। पूछताछ में मिनार ने माना कि यह संपत्ति तुलु की है और उसे केवल इसे अपने पास रखने का काम सौंपा गया था।

तुलु के फरार होने के बाद पुलिस ने पिछले सप्ताह बीरभूम की जिला अदालत से 'हुलिया' जारी करवाया और बाद में उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया।

आगे क्या होगा

मसाद शेख को मुंबई से कोलकाता लाने के बाद पुरबा बर्धमान की अदालत में पेश किया जाएगा, जहाँ भादू शेख हत्याकांड का मुकदमा चल रहा है। यह गिरफ्तारी दर्शाती है कि सीबीआई लंबे समय से फरार आरोपियों की धर-पकड़ में तेजी ला रही है। तुलु मंडल की गिरफ्तारी अभी बाकी है और जांच एजेंसियाँ उसकी तलाश जारी रखे हुए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि तीन साल तक एक घोषित अपराधी खुलेआम फरार कैसे रहा। बीरभूम हिंसा राजनीतिक रूप से संवेदनशील रही है और इस मामले में नौ आरोपियों में से एक की अब जाकर गिरफ्तारी न्यायिक प्रक्रिया की गति पर सवाल उठाती है। तुलु मंडल प्रकरण में ₹50 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त होना बताता है कि बीरभूम में अवैध खनन और राजनीतिक हिंसा के तार आपस में गहरे जुड़े हो सकते हैं — एक कोण जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नजरअंदाज करती है।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भादू शेख कौन थे और उनकी हत्या कब हुई?
भादू शेख तृणमूल कांग्रेस (TMC) के ग्राम पंचायत नेता थे, जिनकी हत्या 21 मार्च 2022 को पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के बोगतुई गांव में हुई थी। कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर सीबीआई ने 8 अप्रैल 2022 को इस मामले की जांच अपने हाथ में ली।
मसाद शेख को कहाँ से और कैसे गिरफ्तार किया गया?
सीबीआई ने मसाद शेख को मुंबई के डोंगरी क्षेत्र के वारी बंदर इलाके से 14 अगस्त को गिरफ्तार किया। एजेंसी ने मानवीय खुफिया जानकारी और तकनीकी इनपुट के आधार पर उसका पता लगाया; वह 2022 से फरार था।
इस हत्याकांड में अब तक कितने आरोपियों पर आरोप पत्र दाखिल हो चुके हैं?
सीबीआई ने मसाद शेख सहित कुल नौ आरोपियों के खिलाफ 2022 और 2023 में आरोप पत्र और पूरक आरोप पत्र दाखिल किए हैं। यह मुकदमा अब पश्चिम बंगाल के पुरबा बर्धमान स्थित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय में चल रहा है।
तुलु मंडल कौन है और उसके खिलाफ क्या कार्रवाई हुई है?
तुलु मंडल (उर्फ मोहम्मद नजीबुद्दीन) बीरभूम जिले का एक फरार पत्थर खदान मालिक है, जो बीरभूम जिला पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) दोनों के निशाने पर है। उसके रिश्तेदार के घर से ₹28 करोड़ नकद और 15 किलो सोना बरामद होने के बाद अदालत ने 'हुलिया' और रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है।
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने तुलु मंडल की याचिका पर क्यों सुनवाई से इनकार किया?
कलकत्ता उच्च न्यायालय की एकल-पीठ ने गुरुवार को तुलु मंडल की उस याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया, जिसमें उसने बीरभूम जिला अदालत द्वारा जारी 'हुलिया' को चुनौती दी थी। न्यायालय ने फरार आरोपी की याचिका स्वीकार नहीं की।
राष्ट्र प्रेस
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