दिल्ली पुलिस की बड़ी कामयाबी: 'ऑपरेशन कवच' में छह साल से फरार हत्या आरोपी मो. शब्बीर गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 25 सितंबर 2026 को कंझावला इलाके में छापेमारी कर 2020 के जहांगीरपुरी हत्याकांड के मुख्य आरोपी मो. शेख शब्बीर (35 वर्ष) को गिरफ्तार किया। आरोपी लगभग छह वर्षों से फरार था और पकड़े जाने से बचने के लिए लगातार अपना ठिकाना बदलता रहता था। यह गिरफ्तारी दिल्ली पुलिस के 'ऑपरेशन कवच' के तहत संभव हुई, जो गंभीर अपराधों में संलिप्त और लंबे समय से भगोड़े खतरनाक आरोपियों को पकड़ने के लिए शुरू किया गया विशेष अभियान है।
मामले की पृष्ठभूमि
29 अप्रैल 2020 को जहांगीरपुरी की झुग्गी नंबर जी-636 में 35 वर्षीय सिराज अली अपनी मीट की दुकान पर काम कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, शेख जहूर के बेटे शाह आलम से मीट की कीमत को लेकर विवाद हुआ, जो जल्द ही मारपीट में बदल गया।
शाह आलम ने कथित तौर पर अपने साथियों — मो. शेख शब्बीर, सिराज, सलीम, जहूर और शकील — के साथ मिलकर लोहे की रॉड और लकड़ी के डंडों से सिराज अली पर हमला किया। गंभीर रूप से घायल होने के बाद सिराज अली की मौत हो गई। इस मामले में जहांगीरपुरी पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302, 323 और 34 के तहत एफआईआर दर्ज की गई।
ऑपरेशन कवच और गिरफ्तारी की प्रक्रिया
जांच के दौरान अन्य आरोपियों को तो गिरफ्तार कर लिया गया, परंतु शब्बीर लगातार कानून की पकड़ से बाहर रहा। क्राइम ब्रांच की NR-1 इकाई के इंस्पेक्टर पंकज ठाकरान की टीम हत्या और डकैती के फरार आरोपियों की तलाश में सक्रिय थी।
ऑपरेशन के दौरान कॉन्स्टेबल अंकुश को शब्बीर के कंझावला गांव में छिपे होने की विश्वसनीय सूचना मिली। इसके बाद फील्ड वेरिफिकेशन और तकनीकी निगरानी के जरिए सूचना की पुष्टि की गई।
एसीपी अशोक शर्मा की देखरेख में इंस्पेक्टर ठाकरान के नेतृत्व में एक विशेष रेडिंग टीम बनाई गई, जिसमें एसआई भाग्यश्री, एएसआई अनिल, एएसआई सुमित, एएसआई अजय और कॉन्स्टेबल अंकुश शामिल थे। इस संयुक्त दल ने शुक्रवार को कंझावला में समन्वित छापेमारी कर शब्बीर को दबोच लिया।
आरोपी की भागने की रणनीति
पुलिस के अनुसार, शब्बीर ने लगभग छह वर्षों तक गिरफ्तारी से बचने के लिए कोई एक स्थायी ठिकाना नहीं रखा। वह बार-बार अपना निवास स्थान बदलता रहा, जिससे उसकी तलाश में जुटी पुलिस के लिए उसे ट्रेस कर पाना बेहद मुश्किल हो गया था। गौरतलब है कि इस मामले में बाकी सभी आरोपियों की गिरफ्तारी वर्षों पहले हो चुकी थी — शब्बीर ही एकमात्र फरार बचा था।
आगे की कार्रवाई
फिलहाल मो. शेख शब्बीर को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है। उसे संबंधित अदालत में पेश किया जाएगा, जहां IPC की धारा 302 (हत्या) सहित अन्य धाराओं के तहत मुकदमा आगे बढ़ेगा। यह गिरफ्तारी 'ऑपरेशन कवच' के तहत दिल्ली पुलिस की एक और उल्लेखनीय सफलता है, जो दर्शाती है कि तकनीकी निगरानी और ह्यूमन इंटेलिजेंस का समन्वय दीर्घकालिक फरारी को भी समाप्त कर सकता है।