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बोगतुई नरसंहार केस: सीबीआई ने घोषित अपराधी रोहन शेख को कोलकाता से किया गिरफ्तार

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बोगतुई नरसंहार केस: सीबीआई ने घोषित अपराधी रोहन शेख को कोलकाता से किया गिरफ्तार

सारांश

बोगतुई नरसंहार — जिसमें 10 लोग जिंदा जले थे — के मामले में सीबीआई ने वर्षों से फरार घोषित अपराधी रोहन शेख को कोलकाता से दबोचा। इसी सप्ताह एजेंसी ने रिलायंस एडीए से जुड़े ₹7,623 करोड़ के बैंक घोटाले में भी दो शीर्ष अधिकारियों को गिरफ्तार किया।

मुख्य बातें

सीबीआई ने 23 जून को बोगतुई नरसंहार केस के घोषित अपराधी रोहन शेख उर्फ किस्मत शेख को कोलकाता के मिर्जा गालिब रोड से गिरफ्तार किया।
आरोपी को रामपुरहाट अदालत ने 5 अप्रैल 2024 को घोषित अपराधी करार दिया था।
सीबीआई ने 2022-24 के बीच इस मामले में 27 आरोपियों के विरुद्ध 4 चार्जशीट और 3 सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की थीं।
बोगतुई नरसंहार में 10 लोगों की जिंदा जलकर मौत हुई थी; मामला कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर सीबीआई को सौंपा गया था।
सोमवार को नई दिल्ली में सीबीआई ने रिलायंस एडीए मामले में देवांग मोदी और रवींद्र सुधालकर को गिरफ्तार किया — बैंकों को कुल ₹7,623 करोड़ का नुकसान।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मंगलवार, 23 जून को पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के बहुचर्चित बोगतुई नरसंहार मामले में एक बड़ी सफलता हासिल की। जांच एजेंसी ने घोषित अपराधी रोहन शेख उर्फ किस्मत शेख को कोलकाता के मिर्जा गालिब रोड से गिरफ्तार किया। आरोपी एफआईआर दर्ज होने के बाद से लंबे समय तक फरार रहा और जांच तथा ट्रायल की प्रक्रिया से लगातार बचता रहा।

मामले की पृष्ठभूमि

कलकत्ता उच्च न्यायालय के 25 मार्च 2022 के आदेश के अनुपालन में सीबीआई ने रामपुरहाट पुलिस स्टेशन की संबंधित एफआईआर अपने हाथ में ली थी। इस मामले में 10 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई थी, जो इसे पश्चिम बंगाल की राजनीतिक हिंसा के सबसे भयावह अध्यायों में से एक बनाती है। गौरतलब है कि यह घटना मार्च 2022 में हुई थी और तब से यह मामला न्यायिक और जांच एजेंसियों के केंद्र में रहा है।

चार्जशीट और घोषित अपराधी का दर्जा

सीबीआई ने 2022 से 2024 के बीच इस मामले में 27 आरोपियों के विरुद्ध चार चार्जशीट और 3 सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल कीं, जिनमें रोहन शेख का नाम भी शामिल था। चूंकि आरोपी लगातार ट्रायल की प्रक्रिया से भागता रहा, इसलिए रामपुरहाट की सक्षम अदालत ने 5 अप्रैल 2024 के आदेश के जरिए उसे घोषित अपराधी करार दिया। यह दर्जा उन अभियुक्तों को दिया जाता है जो अदालती प्रक्रिया से जानबूझकर मुँह मोड़ लेते हैं।

आगे की कानूनी प्रक्रिया

गिरफ्तार आरोपी रोहन शेख को 24 जून को पूर्व बर्धमान की सक्षम अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा। इस गिरफ्तारी से ट्रायल को नई गति मिलने की संभावना है, जो लंबे समय से आरोपी की अनुपस्थिति के कारण बाधित था।

सीबीआई की अन्य बड़ी कार्रवाई

इसी दौरान सोमवार को नई दिल्ली में सीबीआई ने रिलायंस एडीए ग्रुप से जुड़े वित्तीय घोटाले की जांच के तहत दो वरिष्ठ अधिकारियों को गिरफ्तार किया। इनमें रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) के पूर्व डायरेक्टर और सीईओ देवांग मोदी तथा रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) के पूर्व एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और सीईओ रवींद्र सुधालकर शामिल हैं।

जांच में सामने आया कि आरसीएफएल मामले में आरोपियों ने 13 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) को ₹4,097 करोड़ का नुकसान पहुँचाया, जबकि आरएचएफएल मामले में 10 संस्थाओं को ₹3,526 करोड़ की चपत लगी। सीबीआई की ये दोनों कार्रवाइयाँ एक ही सप्ताह में हुई हैं, जो जांच एजेंसी की सक्रियता को दर्शाती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उठाती है कि एक घोषित अपराधी कोलकाता जैसे महानगर में वर्षों तक कैसे छिपा रहा। बोगतुई मामला पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा की जड़ों और जवाबदेही की सीमाओं का प्रतीक बन चुका है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र-राज्य संबंध पहले से तनावपूर्ण हैं और सीबीआई की भूमिका पर बहस जारी है। असली परीक्षा यह है कि क्या ट्रायल अब बिना और देरी के पूरा होगा — पीड़ित परिवार तीन साल से न्याय की प्रतीक्षा में हैं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बोगतुई नरसंहार क्या था और यह कब हुआ?
बोगतुई नरसंहार मार्च 2022 में पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में हुआ था, जिसमें 10 लोगों को जिंदा जला दिया गया था। कलकत्ता उच्च न्यायालय के 25 मार्च 2022 के आदेश पर यह मामला सीबीआई को सौंपा गया।
रोहन शेख उर्फ किस्मत शेख को घोषित अपराधी क्यों घोषित किया गया था?
रोहन शेख एफआईआर दर्ज होने के बाद से लगातार फरार रहा और ट्रायल की प्रक्रिया में कभी शामिल नहीं हुआ। इसी कारण रामपुरहाट की सक्षम अदालत ने 5 अप्रैल 2024 के आदेश से उसे घोषित अपराधी करार दिया।
सीबीआई ने बोगतुई मामले में अब तक क्या कार्रवाई की है?
सीबीआई ने 2022 से 2024 के बीच 27 आरोपियों के विरुद्ध 4 चार्जशीट और 3 सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की हैं। 23 जून को रोहन शेख की गिरफ्तारी इस मामले में नवीनतम और महत्वपूर्ण कदम है।
रिलायंस एडीए मामले में सीबीआई ने किसे गिरफ्तार किया?
सोमवार को नई दिल्ली में सीबीआई ने आरसीएफएल के पूर्व डायरेक्टर और सीईओ देवांग मोदी तथा आरएचएफएल के पूर्व एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और सीईओ रवींद्र सुधालकर को गिरफ्तार किया। जांच के अनुसार इन दोनों मामलों में 13 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को कुल ₹7,623 करोड़ का नुकसान पहुँचाया गया।
गिरफ्तार आरोपी रोहन शेख को अब कहाँ पेश किया जाएगा?
रोहन शेख को 24 जून को पूर्व बर्धमान की सक्षम अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा, जहाँ आगे की कानूनी प्रक्रिया निर्धारित होगी।
राष्ट्र प्रेस
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