30 सितंबर 2026
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पश्चिम बंगाल पोस्ट-पोल हिंसा: सीबीआई ने फरार घोषित अपराधी झरना मिस्त्री को दक्षिण 24 परगना से दबोचा

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पश्चिम बंगाल पोस्ट-पोल हिंसा: सीबीआई ने फरार घोषित अपराधी झरना मिस्त्री को दक्षिण 24 परगना से दबोचा

सारांश

तीन साल से अधिक समय तक कानून की पकड़ से बाहर रही झरना मिस्त्री को सीबीआई ने आखिरकार दक्षिण 24 परगना से गिरफ्तार कर लिया — यह 2021 के पश्चिम बंगाल पोस्ट-पोल हिंसा हत्याकांड में एक बड़ी सफलता है जिसमें शोभा रानी मंडल की हत्या का आरोप है।

मुख्य बातें

सीबीआई ने 29 सितंबर 2026 को झरना मिस्त्री को दक्षिण 24 परगना के घोषपाड़ा से गिरफ्तार किया।
झरना मिस्त्री 2021 पश्चिम बंगाल पोस्ट-पोल हिंसा हत्याकांड में एफआईआर संख्या 345/2021 की आरोपी है।
बैरकपुर एसीजेएम अदालत ने 3 अक्टूबर 2023 को उसे घोषित अपराधी करार दिया था।
सीबीआई ने गिरफ्तारी के लिए ₹50,000 का नकद इनाम घोषित किया था।
सीबीआई ने 29 दिसंबर 2021 को इस मामले में कुल 13 आरोपियों के विरुद्ध पूरक आरोप-पत्र दाखिल किया था।
गिरफ्तार आरोपी को बैरकपुर की सक्षम अदालत में पेश किया जा रहा है।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 2021 के पश्चिम बंगाल पोस्ट-पोल हिंसा से जुड़े हत्या मामले में लंबे समय से न्यायिक प्रक्रिया से भागती रही घोषित अपराधी झरना मिस्त्री को मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को गिरफ्तार कर लिया। उसे दक्षिण 24 परगना जिले के संतोषपुर के घोषपाड़ा इलाके से हिरासत में लिया गया और गिरफ्तारी के बाद बैरकपुर की सक्षम अदालत के समक्ष पेश किया जा रहा है।

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 के बाद कथित तौर पर भड़की हिंसा के दौरान एक महिला की हत्या से संबंधित है। जगद्दल थाने में 3 मई 2021 को दर्ज एफआईआर संख्या 345/2021 में शिकायतकर्ता की माँ शोभा रानी मंडल की हत्या का आरोप लगाया गया था। कलकत्ता उच्च न्यायालय के 19 अगस्त 2021 के आदेश के अनुपालन में सीबीआई ने 27 अगस्त 2021 को इस मामले की जांच अपने हाथ में ली थी।

आरोपी कौन है झरना मिस्त्री

झरना मिस्त्री इस मामले के सह-आरोपी संजय मिस्त्री की पत्नी है। सीबीआई के अनुसार, 2021 में एफआईआर दर्ज होने के बाद से वह लगातार फरार रही और जांच तथा अदालती सुनवाई की किसी भी कार्यवाही में उसने भाग नहीं लिया। जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने 29 दिसंबर 2021 को कुल 13 आरोपियों के विरुद्ध पूरक आरोप-पत्र दाखिल किया था, जिनमें झरना मिस्त्री का नाम भी शामिल था।

घोषित अपराधी और इनाम

अदालती प्रक्रिया से लगातार बचते रहने के कारण उत्तर 24 परगना जिले के बैरकपुर स्थित एसीजेएम अदालत ने 3 अक्टूबर 2023 के आदेश के ज़रिये उसे घोषित अपराधी करार दे दिया था। सीबीआई ने उसकी गिरफ्तारी के लिए ₹50,000 का नकद इनाम भी घोषित किया था। गौरतलब है कि यह वह दुर्लभ श्रेणी का मामला है जहाँ जांच एजेंसी को इनाम की घोषणा तक करनी पड़ी — यह दर्शाता है कि आरोपी कितनी कुशलता से न्याय-प्रक्रिया को चकमा दे रही थी।

सीबीआई की कार्रवाई और आगे की राह

सीबीआई ने मंगलवार को घोषपाड़ा में विशेष अभियान चलाकर झरना मिस्त्री को दबोचा। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल पोस्ट-पोल हिंसा के मामलों में सर्वोच्च न्यायालय और कलकत्ता उच्च न्यायालय की निगरानी में सीबीआई लगातार कार्यवाही को आगे बढ़ा रही है। गिरफ्तार आरोपी को 29 सितंबर 2026 को बैरकपुर की अदालत में पेश किया जा रहा है, जहाँ से आगे की न्यायिक प्रक्रिया तय होगी। इस गिरफ्तारी से मामले में न्यायालय के समक्ष अभियोजन पक्ष की स्थिति और मज़बूत होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 का इनाम घोषित करने की नौबत आए, तो यह सवाल उठता है कि स्थानीय प्रशासन इन मामलों में कितना सहयोगी रहा। कलकत्ता उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बिना शायद यह जांच ही न हो पाती — जो न्यायपालिका की जवाबदेही में भूमिका को रेखांकित करता है।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झरना मिस्त्री कौन है और उसे क्यों गिरफ्तार किया गया?
झरना मिस्त्री 2021 के पश्चिम बंगाल पोस्ट-पोल हिंसा हत्याकांड की आरोपी है, जो सह-आरोपी संजय मिस्त्री की पत्नी है। सीबीआई ने उसे दक्षिण 24 परगना के घोषपाड़ा से 29 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया क्योंकि वह 2021 से फरार थी और अदालती कार्यवाही में कभी पेश नहीं हुई।
पश्चिम बंगाल पोस्ट-पोल हिंसा का यह मामला क्या है?
यह मामला 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद कथित तौर पर हुई हिंसा के दौरान शोभा रानी मंडल की हत्या से जुड़ा है। जगद्दल थाने में 3 मई 2021 को एफआईआर दर्ज हुई थी और कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर सीबीआई ने 27 अगस्त 2021 को जांच अपने हाथ में ली।
झरना मिस्त्री को घोषित अपराधी कब और क्यों घोषित किया गया था?
बैरकपुर स्थित एसीजेएम अदालत ने 3 अक्टूबर 2023 को उसे घोषित अपराधी करार दिया, क्योंकि वह एफआईआर दर्ज होने के बाद से लगातार फरार थी और किसी भी जांच या अदालती सुनवाई में हाजिर नहीं हुई।
इस मामले में सीबीआई ने कितने आरोपियों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया है?
सीबीआई ने 29 दिसंबर 2021 को कुल 13 आरोपियों के विरुद्ध पूरक आरोप-पत्र दाखिल किया था, जिनमें झरना मिस्त्री भी शामिल थी। गिरफ्तारी के बाद अब वह अदालत में पेश की जा रही है।
इस मामले में आगे क्या होगा?
गिरफ्तार झरना मिस्त्री को 29 सितंबर 2026 को बैरकपुर की सक्षम अदालत के समक्ष पेश किया जा रहा है। वहाँ से न्यायिक हिरासत या ज़मानत पर फैसला होगा और मुकदमे की आगे की सुनवाई तय होगी।
राष्ट्र प्रेस
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