पश्चिम बंगाल चुनाव बाद हिंसा: CBI ने झरना मिस्त्री को गिरफ्तार किया, ₹50,000 के इनाम वाली घोषित अपराधी पकड़ी
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) ने मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद भड़की हिंसा से जुड़े एक हत्या मामले में झरना मिस्त्री को गिरफ्तार किया। झरना मिस्त्री को दक्षिण 24 परगना जिले के संतोषपुर इलाके के घोषपारा से पकड़ा गया। वह उसी मामले में सह-आरोपी संजय मिस्त्री की पत्नी हैं और 2021 में एफआईआर दर्ज होने के बाद से फरार थीं।
कौन हैं झरना मिस्त्री और क्या है मामला
CBI के आधिकारिक बयान के अनुसार, झरना मिस्त्री चुनाव बाद हिंसा से जुड़े एक हत्या मामले में मुख्य आरोपी हैं। यह एफआईआर उत्तर 24 परगना जिले के जगतदल पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी — शोभा रानी मंडल की माँ की शिकायत पर, जिन्होंने आरोप लगाया था कि हिंसा के दौरान आरोपियों ने उनकी बेटी की हत्या कर दी। विस्तृत जाँच के बाद CBI ने झरना मिस्त्री समेत 13 आरोपियों के विरुद्ध सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की थी।
वर्षों से फरार, अदालत ने घोषित किया था अपराधी
CBI के बयान में कहा गया है कि 'आरोपी महिला 2021 में एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही फरार थी और उसने इस मामले में जाँच या मुकदमे की कार्यवाही में कभी हिस्सा नहीं लिया।' बैरकपुर की जिला अदालत ने उन्हें 'घोषित अपराधी' करार दिया था, जिसके बाद CBI ने उनकी गिरफ्तारी पर ₹50,000 के नकद इनाम की घोषणा भी की थी। मंगलवार को गिरफ्तारी के बाद उन्हें बैरकपुर की सक्षम अदालत के सामने पेश किया गया।
कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश पर शुरू हुई थी जाँच
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने 19 अगस्त 2021 को अपने आदेश में CBI को पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा के गंभीर मामलों की जाँच का निर्देश दिया था। इसी आदेश के अनुपालन में CBI ने शोभा रानी मंडल हत्याकांड समेत कई मामलों में जाँच अपने हाथ में ली। गौरतलब है कि यह जाँच राज्य पुलिस से अलग, स्वतंत्र एजेंसी द्वारा की जा रही है।
2021 की चुनाव बाद हिंसा: पृष्ठभूमि
2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भारी बहुमत के साथ लगातार तीसरी बार सत्ता हासिल की थी। नतीजे आने के बाद पूरे राज्य में भीषण हिंसा की खबरें सामने आई थीं। इन मामलों में तृणमूल नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हिंसा भड़काने के आरोप लगे थे। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई कार्यकर्ता कथित तौर पर मारे गए या घायल हुए और बड़ी संख्या में लोगों को अपना घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा। यह उन मामलों की लंबी श्रृंखला में एक और कड़ी है जिनकी जाँच CBI अदालती निर्देश पर कर रही है।
आगे क्या होगा
झरना मिस्त्री की गिरफ्तारी के बाद अब बैरकपुर की अदालत में उनके खिलाफ मुकदमे की कार्यवाही आगे बढ़ने की उम्मीद है। CBI की यह कार्रवाई दर्शाती है कि एजेंसी चुनाव बाद हिंसा के वर्षों पुराने मामलों में भी फरार आरोपियों को कानून के दायरे में लाने का प्रयास जारी रखे हुए है।