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स्वास्तिका मुखर्जी गरियाहाट थाने में पेश, 2021 चुनाव हिंसा से जुड़ी एफआईआर में पूछताछ

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स्वास्तिका मुखर्जी गरियाहाट थाने में पेश, 2021 चुनाव हिंसा से जुड़ी एफआईआर में पूछताछ

सारांश

बंगाली अभिनेत्री स्वास्तिका मुखर्जी शनिवार को कोलकाता के गरियाहाट थाने में पेश हुईं — 2021 चुनाव के बाद सोशल मीडिया पर हिंसा भड़काने के आरोप में दर्ज एफआईआर के तहत। करीब एक घंटे की पूछताछ के बाद वह बिना मीडिया से बात किए चली गईं।

मुख्य बातें

स्वास्तिका मुखर्जी शनिवार, 23 मई 2026 को गरियाहाट पुलिस स्टेशन में पूछताछ के लिए पेश हुईं।
उन पर और अभिनेता परमब्रत चटर्जी पर 2021 विधानसभा चुनाव के बाद सोशल मीडिया पोस्ट से हिंसा भड़काने का आरोप है।
शिकायतकर्ता वकील जॉयदीप सेन ने आरोप लगाया कि 2 मई 2021 को परमब्रत की पोस्ट और स्वास्तिका की कथित प्रतिक्रिया ने हिंसा को बढ़ावा दिया।
मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 107 के तहत दर्ज है।
लगभग एक घंटे की पूछताछ के बाद स्वास्तिका बिना कोई बयान दिए थाने से चली गईं।

बंगाली अभिनेत्री स्वास्तिका मुखर्जी शनिवार, 23 मई 2026 को कोलकाता के गरियाहाट पुलिस स्टेशन में जाँचकर्ताओं के समक्ष पेश हुईं। उन पर और अभिनेता परमब्रत चटर्जी पर 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिये कथित तौर पर हिंसा भड़काने के आरोप में एफआईआर दर्ज है।

मामले की पृष्ठभूमि

शिकायतकर्ता वकील जॉयदीप सेन ने आरोप लगाया है कि 2 मई 2021 को, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में शाम लगभग 4 बजे तक बहुमत का आँकड़ा पार कर लिया था, तब परमब्रत चटर्जी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा था कि 'आज को पिटाई का दिन घोषित किया जाना चाहिए।' शिकायत के अनुसार, स्वास्तिका मुखर्जी ने कथित तौर पर उस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा था: 'हाहाहा, रहने दो!'

गौरतलब है कि यह शिकायत मूल रूप से 2021 में परमब्रत चटर्जी के तत्कालीन ट्विटर अकाउंट (अब एक्स) पर की गई पोस्ट के विरुद्ध दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता का दावा है कि इस तरह की टिप्पणियों ने राजनीतिक हिंसा को बढ़ावा दिया।

एफआईआर में क्या है

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उक्त पोस्ट और टिप्पणियाँ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 107 के तहत अपराध की श्रेणी में आती हैं। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि उस दौरान पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में भाजपा (BJP) कार्यकर्ताओं पर हमले, हत्याएँ, बलात्कार, आगजनी और मारपीट की कई घटनाएँ हुईं। शिकायत में कोलकाता के बेलियाघाटा निवासी भाजपा कार्यकर्ता अभिजीत सरकार की हत्या का भी विशेष उल्लेख किया गया है।

पूछताछ का घटनाक्रम

पुलिस ने एफआईआर दर्ज होने के बाद स्वास्तिका मुखर्जी को सात दिनों के भीतर पेश होने का नोटिस भेजा था। शनिवार दोपहर वह गरियाहाट पुलिस स्टेशन पहुँचीं, जहाँ परमब्रत चटर्जी की सोशल मीडिया पोस्ट पर उनकी कथित प्रतिक्रिया के संबंध में लगभग एक घंटे तक पूछताछ हुई।

पूछताछ के बाद स्वास्तिका मुखर्जी पुलिस स्टेशन से बाहर निकलीं। उन्होंने थाने के बाहर मौजूद पत्रकारों से कोई बात नहीं की और सीधे अपनी कार में बैठकर चली गईं।

आगे क्या होगा

फिलहाल अभिनेता परमब्रत चटर्जी की पूछताछ के बारे में कोई आधिकारिक सूचना सामने नहीं आई है। शिकायतकर्ता वकील जॉयदीप सेन ने दोनों अभिनेताओं के विरुद्ध त्वरित जाँच की माँग की है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब 2021 के चुनाव-पश्चात हिंसा से जुड़े कई मुकदमे अदालतों और जाँच एजेंसियों के समक्ष विचाराधीन हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सोशल मीडिया टिप्पणियों पर मशहूर हस्तियों को तलब करना और ज़मीनी हिंसा के मुख्य आरोपियों पर कार्रवाई की गति — दोनों की तुलना ज़रूरी है। BNS की धारा 107 का दायरा व्यापक है, और इसका उपयोग किस आधार पर हो रहा है, यह न्यायिक परीक्षण की माँग करता है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्वास्तिका मुखर्जी के खिलाफ क्या मामला है?
स्वास्तिका मुखर्जी पर कोलकाता के गरियाहाट पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज है, जिसमें आरोप है कि उन्होंने 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद सोशल मीडिया पर एक कथित भड़काऊ पोस्ट का समर्थन किया, जिससे हिंसा को बढ़ावा मिला। मामला BNS की धारा 107 के तहत दर्ज है।
परमब्रत चटर्जी ने कथित तौर पर क्या पोस्ट किया था?
शिकायतकर्ता के अनुसार, 2 मई 2021 को TMC के चुनाव परिणाम स्पष्ट होने के बाद परमब्रत चटर्जी ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि 'आज को पिटाई का दिन घोषित किया जाना चाहिए।' स्वास्तिका ने कथित तौर पर उस पोस्ट पर 'हाहाहा, रहने दो!' लिखकर प्रतिक्रिया दी थी।
गरियाहाट थाने में पूछताछ कितनी देर चली?
स्वास्तिका मुखर्जी की पूछताछ लगभग एक घंटे तक चली। इसके बाद वह बिना पत्रकारों से बात किए थाने से चली गईं।
इस मामले में BNS की धारा 107 क्यों लगाई गई है?
शिकायतकर्ता वकील जॉयदीप सेन का आरोप है कि उक्त सोशल मीडिया पोस्ट और टिप्पणियाँ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 107 के तहत अपराध हैं, जो लोगों को हिंसा या विधि-विरुद्ध कार्य के लिए उकसाने से संबंधित है।
क्या परमब्रत चटर्जी को भी पुलिस ने तलब किया है?
फिलहाल परमब्रत चटर्जी की पूछताछ को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है। शिकायतकर्ता ने दोनों अभिनेताओं के विरुद्ध त्वरित जाँच की माँग की है।
राष्ट्र प्रेस
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