16 जुलाई 2026
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परमब्रत चटर्जी को कलकत्ता हाईकोर्ट की अंतरिम राहत, भड़काऊ बयान मामले में गिरफ्तारी पर रोक

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परमब्रत चटर्जी को कलकत्ता हाईकोर्ट की अंतरिम राहत, भड़काऊ बयान मामले में गिरफ्तारी पर रोक

सारांश

कलकत्ता हाईकोर्ट ने अभिनेता परमब्रत चटर्जी को भड़काऊ बयान और 2021 चुनाव-पश्चात हिंसा से जुड़े मामले में गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा दी है। जाँच जारी रहेगी और पुलिस को अगली सुनवाई तक विस्तृत रिपोर्ट देनी होगी।

मुख्य बातें

कलकत्ता हाईकोर्ट ने 29 मई 2026 को अभिनेता परमब्रत चटर्जी को भड़काऊ बयान मामले में गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दी।
जस्टिस अजय कुमार मुखर्जी की वेकेशन बेंच ने अगली सुनवाई तक पुलिस की दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाई।
एफआईआर वकील जॉयदीप सेन की शिकायत पर गरियाहाट पुलिस स्टेशन में दर्ज हुई थी।
अभिनेत्री स्वास्तिका मुखर्जी 23 मई को पुलिस पूछताछ के लिए थाने पहुँची थीं, जबकि चटर्जी ने सीधे हाईकोर्ट का रुख किया।
वायरल वीडियो में चटर्जी ने कथित तौर पर TMC सरकार के दबाव में समर्थन देने की बात स्वीकार की।
कोलकाता पुलिस को अगली सुनवाई तक मामले पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।

बंगाली सिनेमा के जाने-माने अभिनेता परमब्रत चटर्जी को कलकत्ता हाईकोर्ट ने 29 मई 2026 को बड़ी अंतरिम राहत दी है। जस्टिस अजय कुमार मुखर्जी की एकल पीठ ने पुलिस को निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक अभिनेता के विरुद्ध कोई भी दंडात्मक कार्रवाई — जिसमें गिरफ्तारी भी शामिल है — न की जाए। चटर्जी पर 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा में कथित संलिप्तता और सोशल मीडिया पर भड़काऊ बयान देने का आरोप है।

मामले की पृष्ठभूमि

यह एफआईआर वकील जॉयदीप सेन की शिकायत के आधार पर कोलकाता पुलिस के साउथ डिवीजन के अंतर्गत आने वाले गरियाहाट पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि चटर्जी ने सोशल मीडिया पर एक भड़काऊ पोस्ट की थी। इसी मामले में अभिनेत्री स्वास्तिका मुखर्जी का नाम भी सामने आया, जिन पर उस पोस्ट का समर्थन करने का आरोप है।

हाईकोर्ट में याचिका और सुनवाई

27 मई को परमब्रत चटर्जी ने कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर कर एफआईआर रद्द करने की माँग की। गर्मी की छुट्टियों के कारण यह मामला वेकेशन बेंच के समक्ष सुना गया। चटर्जी की ओर से अदालत में तर्क दिया गया कि उनके विरुद्ध दर्ज एफआईआर पुलिस की एक जबरदस्ती कार्रवाई है और शिकायत में लगाए गए आरोपों से कोई गंभीर अपराध प्रमाणित नहीं होता। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अंतरिम राहत प्रदान की।

अदालत के निर्देश

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि पुलिस की जाँच बाधित नहीं होगी और अगली सुनवाई तक कोलकाता पुलिस को इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। अदालत ने परमब्रत चटर्जी को भी जाँच में पूर्ण सहयोग देने का निर्देश दिया। गौरतलब है कि अभिनेत्री स्वास्तिका मुखर्जी पुलिस नोटिस का जवाब देते हुए 23 मई को गरियाहाट थाने पहुँची थीं, जबकि चटर्जी ने थाने जाने के बजाय सीधे अदालत का रुख किया।

वायरल वीडियो और राजनीतिक पृष्ठभूमि

इस विवाद के बीच एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से प्रसारित हुआ। यह वीडियो भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक और अभिनेता रुद्रनील घोष द्वारा टेक्नीशियंस स्टूडियो में आयोजित एक बैठक का है, जिसमें परमब्रत चटर्जी भी उपस्थित थे। वीडियो में चटर्जी ने कथित तौर पर बताया कि पूर्व राज्य मंत्री अरूप बिस्वास और उनके भाई स्वरूप बिस्वास के दबाव में उन्हें तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार का समर्थन करना पड़ा था। वीडियो में उनका कथन है — 'उस समय मैंने अपने नवजात बच्चे का चेहरा देखकर और मन मारकर सब कुछ किया, क्योंकि मेरे पास कोई दूसरा रास्ता नहीं था।' यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।

आगे की राह

मामले की अगली सुनवाई में हाईकोर्ट पुलिस की विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर की वैधता पर विचार करेगा। यह मामला पश्चिम बंगाल के मनोरंजन जगत और राजनीतिक हलकों दोनों में गहरी रुचि का केंद्र बना हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह मनोरंजन उद्योग में राजनीतिक दबाव की गंभीरता को उजागर करता है। साथ ही, एफआईआर की समय-सीमा — 2021 की घटनाओं के वर्षों बाद — पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या यह कानूनी प्रक्रिया है या राजनीतिक प्रतिक्रिया।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

परमब्रत चटर्जी के खिलाफ क्या मामला दर्ज है?
परमब्रत चटर्जी के विरुद्ध कोलकाता के गरियाहाट पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज है, जिसमें सोशल मीडिया पर भड़काऊ बयान देने और 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा में कथित संलिप्तता का आरोप है। यह शिकायत वकील जॉयदीप सेन ने दर्ज कराई थी।
कलकत्ता हाईकोर्ट ने क्या आदेश दिया?
जस्टिस अजय कुमार मुखर्जी की वेकेशन बेंच ने 29 मई 2026 को परमब्रत चटर्जी को अंतरिम राहत देते हुए पुलिस को अगली सुनवाई तक गिरफ्तारी सहित किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से रोका। अदालत ने जाँच जारी रखने और पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट माँगने का भी निर्देश दिया।
स्वास्तिका मुखर्जी का इस मामले से क्या संबंध है?
अभिनेत्री स्वास्तिका मुखर्जी पर आरोप है कि उन्होंने परमब्रत चटर्जी की कथित भड़काऊ सोशल मीडिया पोस्ट का समर्थन किया था। उन्होंने पुलिस नोटिस का जवाब दिया और 23 मई को गरियाहाट थाने में पूछताछ के लिए उपस्थित हुईं।
वायरल वीडियो में परमब्रत चटर्जी ने क्या कहा?
वायरल वीडियो में परमब्रत चटर्जी ने कथित तौर पर कहा कि पूर्व राज्य मंत्री अरूप बिस्वास और उनके भाई स्वरूप बिस्वास के दबाव में उन्हें TMC सरकार का समर्थन करना पड़ा था। यह वीडियो BJP विधायक रुद्रनील घोष द्वारा टेक्नीशियंस स्टूडियो में आयोजित एक बैठक का है।
इस मामले में आगे क्या होगा?
अगली सुनवाई में कलकत्ता हाईकोर्ट कोलकाता पुलिस की विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर की वैधता पर विचार करेगा। तब तक परमब्रत चटर्जी को जाँच में सहयोग देना होगा और उन्हें गिरफ्तारी से संरक्षण मिला रहेगा।
राष्ट्र प्रेस
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