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परमब्रत चट्टोपाध्याय ने कलकत्ता हाईकोर्ट में एफआईआर रद्द करने की याचिका दायर की, 29 मई को सुनवाई

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परमब्रत चट्टोपाध्याय ने कलकत्ता हाईकोर्ट में एफआईआर रद्द करने की याचिका दायर की, 29 मई को सुनवाई

सारांश

परमब्रत चट्टोपाध्याय ने थाने में पेश होने की बजाय सीधे कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया — और साथ ही यह भी स्वीकार किया कि TMC का समर्थन उन्होंने दबाव में किया था। यह बयान वायरल हो गया और उसी के आधार पर शिकायत दर्ज हुई। 29 मई को सुनवाई तय है।

मुख्य बातें

अभिनेता परमब्रत चट्टोपाध्याय ने 28 मई 2025 को कलकत्ता उच्च न्यायालय में एफआईआर रद्द करने की याचिका दायर की।
एफआईआर गरिया हाट थाने में वकील जयदीप सेन की शिकायत पर दर्ज हुई; आरोप — 2021 विधानसभा चुनाव के बाद हिंसा भड़काने का।
अभिनेत्री स्वस्तिका मुखर्जी 23 मई को पूछताछ के लिए थाने पेश हुईं, परमब्रत नहीं गए।
परमब्रत ने टेक्नीशियन स्टूडियो बैठक में कहा — TMC समर्थन अरूप बिस्वास और स्वरूप बिस्वास के दबाव में किया।
बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल; सुनवाई 29 मई को न्यायमूर्ति अजय कुमार मुखर्जी की पीठ के समक्ष।

अभिनेता परमब्रत चट्टोपाध्याय ने 28 मई 2025 को कलकत्ता उच्च न्यायालय की अवकाश पीठ में याचिका दायर कर उनके विरुद्ध गरिया हाट थाने में दर्ज एफआईआर को रद्द करने की माँग की है। उन पर 2021 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा को कथित तौर पर भड़काने और सोशल मीडिया पर भड़काऊ बयान देने का आरोप है। अदालत ने याचिका स्वीकार कर ली है और 29 मई को न्यायमूर्ति अजय कुमार मुखर्जी की एकल न्यायाधीश अवकाश पीठ के समक्ष सुनवाई निर्धारित है।

एफआईआर की पृष्ठभूमि

यह एफआईआर जयदीप सेन नामक वकील की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई थी। उसी शिकायत के आधार पर अभिनेत्री स्वस्तिका मुखर्जी के विरुद्ध भी एफआईआर दर्ज हुई, जिन पर कथित भड़काऊ पोस्ट का समर्थन करने का आरोप है। स्वस्तिका मुखर्जी 23 मई को जाँच नोटिस के जवाब में गरिया हाट थाने में पूछताछ के लिए उपस्थित हुई थीं, जबकि परमब्रत चट्टोपाध्याय थाने में पेश नहीं हुए और सीधे उच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया।

टेक्नीशियन स्टूडियो बैठक और विवादित बयान

गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक एवं अभिनेता रुद्रनील घोष ने बुधवार को टेक्नीशियन स्टूडियो में एक बैठक आयोजित की थी, जिसमें परमब्रत चट्टोपाध्याय भी उपस्थित थे। इसी बैठक में अभिनेता ने स्वीकार किया कि उन्होंने तत्कालीन तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार का समर्थन दबाव में किया था।

परमब्रत ने कहा कि यह दबाव पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास और उनके भाई स्वरूप बिस्वास की ओर से था। उन्होंने अपने शब्दों में कहा, 'उस दिन मैंने अपने नवजात बच्चे के चेहरे को देखकर सब कुछ किया था। मेरे पास कोई और रास्ता नहीं था। मैं किसी से व्यक्तिगत बदला लेने नहीं आया हूँ। चूँकि मैं आपको परिवार का सदस्य मानता हूँ, इसलिए मैंने व्यक्तिगत अपमान साझा किया। भविष्य में ऐसी स्थिति न आए।'

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया

इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोगों ने अभिनेता की आलोचना की और उन पर 'पलटने' का आरोप लगाया। आलोचकों का कहना है कि पहले TMC का समर्थन करना और अब उसी पर दबाव का आरोप लगाना, एक विरोधाभासी रुख है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक ध्रुवीकरण पहले से तेज़ है।

आगे क्या होगा

मामले की अगली सुनवाई 29 मई को न्यायमूर्ति अजय कुमार मुखर्जी की पीठ के समक्ष होगी। अदालत यह तय करेगी कि एफआईआर को रद्द करने का आधार बनता है या नहीं। इस मामले का नतीजा न केवल परमब्रत, बल्कि स्वस्तिका मुखर्जी के मामले पर भी असर डाल सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन राजनीतिक रूप से यह मामला उससे कहीं जटिल है। TMC के दबाव में समर्थन देने की उनकी सार्वजनिक स्वीकारोक्ति एक ऐसी बात है जो उनके पक्ष में भी जा सकती है और विरुद्ध भी — क्योंकि इसी बयान से शिकायत का आधार बना। यह मामला बंगाल के उस व्यापक परिदृश्य को उजागर करता है जहाँ कलाकार और सार्वजनिक हस्तियाँ राजनीतिक दबाव के बीच फँसती रही हैं। असली सवाल यह है कि क्या अदालत इस एफआईआर को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दायरे में देखती है या चुनावी हिंसा भड़काने के आरोप को गंभीरता से लेती है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

परमब्रत चट्टोपाध्याय के खिलाफ एफआईआर क्यों दर्ज हुई?
वकील जयदीप सेन की शिकायत पर गरिया हाट थाने में एफआईआर दर्ज हुई, जिसमें आरोप है कि परमब्रत ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ बयान दिए और 2021 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा को कथित तौर पर उकसाया। टेक्नीशियन स्टूडियो बैठक में दिए उनके बयान का वायरल वीडियो इस शिकायत का आधार बना।
कलकत्ता हाईकोर्ट में सुनवाई कब होगी?
याचिका स्वीकार होने के बाद 29 मई को न्यायमूर्ति अजय कुमार मुखर्जी की एकल न्यायाधीश अवकाश पीठ के समक्ष सुनवाई निर्धारित है।
स्वस्तिका मुखर्जी का इस मामले से क्या संबंध है?
उसी वकील जयदीप सेन की शिकायत के आधार पर अभिनेत्री स्वस्तिका मुखर्जी के विरुद्ध भी गरिया हाट थाने में एफआईआर दर्ज हुई। उन पर कथित भड़काऊ पोस्ट का समर्थन करने का आरोप है। वे 23 मई को पूछताछ के लिए थाने में उपस्थित हुई थीं।
परमब्रत ने टेक्नीशियन स्टूडियो बैठक में क्या कहा था?
परमब्रत ने स्वीकार किया कि उन्होंने तत्कालीन TMC सरकार का समर्थन पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास और उनके भाई स्वरूप बिस्वास के दबाव में किया था। उन्होंने कहा कि उस समय उनके पास कोई और विकल्प नहीं था और उन्होंने अपने नवजात बच्चे के चेहरे को देखकर यह निर्णय लिया था।
क्या एफआईआर रद्द होने की संभावना है?
यह अदालत के विवेक पर निर्भर करेगा। 29 मई की सुनवाई में न्यायमूर्ति अजय कुमार मुखर्जी की पीठ तय करेगी कि एफआईआर रद्द करने का आधार बनता है या नहीं। इसके नतीजे का असर स्वस्तिका मुखर्जी के मामले पर भी पड़ सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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