अभिषेक बनर्जी मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट से न्याय की उम्मीद: कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने 11 जून 2026 को लखनऊ में कहा कि कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी की याचिका पर कलकत्ता हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई से विपक्ष को न्यायसंगत फैसले की उम्मीद है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर विपक्षी दलों के विरुद्ध प्रतिशोधात्मक राजनीति अपनाने और केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया।
अभिषेक बनर्जी मामला और हाईकोर्ट से अपेक्षाएँ
राजपूत ने आरोप लगाया कि ईडी, सीबीआई और बंगाल पुलिस का दुरुपयोग कर विपक्षी नेताओं को आतंकित किया जा रहा है। उन्होंने कहा, 'हमें उम्मीद है कि कोर्ट न्यायसंगत व्यवस्था करेगा, संविधान की रक्षा करते हुए हमारे और अभिषेक बनर्जी के अधिकारों की भी रक्षा करेगा।' गौरतलब है कि यह मामला कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षरों से जुड़ा है, जिसमें TMC की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है।
मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन और सुप्रीम कोर्ट
कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन खारिज किए जाने का मामला सर्वोच्च न्यायालय पहुँच चुका है। राजपूत ने कहा कि जिस आधार पर नटराजन का नामांकन रद्द किया गया, उसी तरह की आपत्ति झारखंड में एक व्यापारी के खिलाफ भी उठाई गई थी, लेकिन उन्हें समय देकर नामांकन स्वीकार कर लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया, 'यह शासन और सत्ता की दोमुंही व्यवस्था को दर्शाता है।' साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग (ECI) की भूमिका को 'निंदनीय' बताया और सुप्रीम कोर्ट से न्याय मिलने की उम्मीद जताई।
ममता बनर्जी की कांग्रेस में वापसी की अटकलें
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की कांग्रेस में वापसी की अटकलों पर राजपूत ने स्पष्ट किया कि उनके पास इस संबंध में कोई गंभीर सूचना नहीं है। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन, कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में बेहतर काम कर रहा है और BJP सरकार को सत्ता से हटाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
कांग्रेस की दिल्ली बैठक और रणनीति
राजपूत ने बताया कि दिल्ली में सुबह 11 बजे बुलाई गई बैठक में राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सोनिया गांधी के नेतृत्व में आगामी चुनाव, चुनाव प्रबंधन, जनआंदोलन तथा इंडिया गठबंधन और कांग्रेस संगठन को मजबूत करने जैसे विषयों पर चर्चा होगी।
उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण-रोधी सेल पर कांग्रेस का हमला
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल द्वारा धर्मांतरण रोकने के लिए मेडिकल कॉलेजों में विशेष सेल गठित करने के फैसले पर राजपूत ने कहा कि यह निर्णय स्वयं साबित करता है कि उत्तर प्रदेश सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने में नाकाम रही है। उन्होंने माँग की कि राज्यपाल को इस सरकार की विफलता की रिपोर्ट राष्ट्रपति को भेजनी चाहिए और सरकार को बर्खास्त करने की सिफारिश करनी चाहिए। आलोचकों का कहना है कि BJP के नौ वर्षों के शासन के बाद भी ऐसे सेल की आवश्यकता पड़ना प्रदेश में कानून-व्यवस्था की गंभीर विफलता का संकेत है।