पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: सुबह 9 बजे तक 18.39%25 मतदान, भवानीपुर में ममता बनाम सुवेंदु का हाई-वोल्टेज मुकाबला
सारांश
Key Takeaways
- 29 अप्रैल 2026 को पश्चिम बंगाल के दूसरे चरण में 142 विधानसभा सीटों पर सुबह 7 बजे से मतदान शुरू।
- सुबह 9 बजे तक 18.39%25 मतदान दर्ज; पूर्व बर्धमान में सर्वाधिक 20.86%25।
- भवानीपुर में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का मुकाबला नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी से।
- कुल 1,448 उम्मीदवार मैदान में — 1,228 पुरुष और 220 महिला।
- पंजीकृत मतदाता: 3,21,73,837 — जिनमें 792 थर्ड जेंडर मतदाता भी शामिल।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 29 अप्रैल 2026 को सुबह 7 बजे से 142 विधानसभा सीटों पर मतदान शुरू हुआ। चुनाव आयोग (ECI) के आँकड़ों के अनुसार, सुबह 9 बजे तक 18.39 प्रतिशत मतदान दर्ज किया जा चुका था, और पोलिंग बूथों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं। यह चरण राज्य की राजधानी कोलकाता सहित सात जिलों में फैली सीटों को समेटे हुए है।
जिलेवार मतदान का हाल
पूर्व बर्धमान जिले में सबसे अधिक 20.86 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि हुगली में 20.16 प्रतिशत वोट पड़े। नादिया में 18.50 प्रतिशत और उत्तर 24 परगना में 17.81 प्रतिशत मतदान हुआ। हावड़ा में 17.76 प्रतिशत, कोलकाता उत्तर में 17.28 प्रतिशत और कोलकाता दक्षिण में 16.81 प्रतिशत वोट पड़े। दक्षिण 24 परगना में 17.25 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
हाई-प्रोफाइल सीटें और प्रमुख मुकाबले
इस चरण की सबसे चर्चित सीट भवानीपुर है, जहाँ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का सामना नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी से है। गौरतलब है कि अधिकारी नंदीग्राम से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के निवर्तमान विधायक हैं और वहाँ से भी चुनाव लड़ रहे हैं। यह मुकाबला राज्य की राजनीति में सत्ता-संघर्ष का प्रतीक बन चुका है।
उम्मीदवारों की संख्या और विविधता
142 सीटों पर कुल 1,448 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। इनमें 1,228 पुरुष और 220 महिला उम्मीदवार शामिल हैं। दक्षिण 24 परगना के भांगर में सर्वाधिक 15 उम्मीदवार हैं, जबकि हुगली जिले की एक सीट पर सबसे कम 5 उम्मीदवार हैं।
मतदाताओं की संख्या
ECI के रिकॉर्ड के अनुसार, इस चरण में पंजीकृत मतदाताओं की कुल संख्या 3,21,73,837 है, जो इन सीटों की कुल आबादी 5,00,13,786 का लगभग 64 प्रतिशत है। पंजीकृत मतदाताओं में 1,64,35,627 पुरुष, 1,57,37,418 महिला और 792 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।
आगे क्या
मतदान की गति और शुरुआती उत्साह यह संकेत देते हैं कि इस चरण में कुल मतदान प्रतिशत उल्लेखनीय रह सकता है। भवानीपुर और नंदीग्राम जैसी हाई-प्रोफाइल सीटों के नतीजे राज्य की राजनीतिक दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएँगे।