पटियाला रेलवे ट्रैक धमाके पर विपक्ष का हमला: बादल और कांग्रेस ने भगवंत मान सरकार को घेरा
सारांश
पटियाला के शंभू के पास रेलवे ट्रैक पर हुए धमाके ने पंजाब की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। बादल, मजीठिया और कांग्रेस ने भगवंत मान सरकार को घेरते हुए खुफिया चेतावनी के बाद भी निष्क्रियता का आरोप लगाया है और 1980-90 के दशक की कानून-व्यवस्था की वापसी का खतरा जताया है।
मुख्य बातें
28 अप्रैल को पटियाला जिले में शंभू के पास दिल्ली-राजपुरा रेलवे ट्रैक पर बम धमाका हुआ, जिससे ट्रैक क्षतिग्रस्त हुआ और ट्रेन सेवाएं बाधित हुईं।
SAD अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने आरोप लगाया कि कई दिन पहले खतरे की जानकारी मिलने के बावजूद कोई एहतियाती कदम नहीं उठाया गया।
SAD महासचिव बिक्रम सिंह मजीठिया ने सरहिंद धमाके और गुरदासपुर में संदिग्ध वस्तुएं मिलने की घटनाओं का हवाला देते हुए बार-बार हो रही ऐसी घटनाओं पर चिंता जताई।
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने उसी सुबह बटाला में दो लोगों की हत्या का भी उल्लेख किया और पंजाब की शांति को खतरे में बताया।
विपक्षी नेताओं ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से तत्काल सख्त कार्रवाई और उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा की माँग की है।
पंजाब के पटियाला जिले में शंभू-हरियाणा बॉर्डर के निकट दिल्ली-राजपुरा रेलवे ट्रैक पर 28 अप्रैल को हुए बम धमाके के बाद राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शिरोमणि अकाली दल (SAD) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) दोनों ने मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री भगवंत मान की अगुवाई वाली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया है, यह कहते हुए कि खुफिया चेतावनी मिलने के बावजूद कोई एहतियाती कदम नहीं उठाया गया।
बादल ने लगाया सीधा आरोप
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए लिखा,
संपादकीय दृष्टिकोण
गुरदासपुर में संदिग्ध वस्तुएं मिलने और राज्य खुफिया मुख्यालय पर आरपीजी हमले की एक लंबी श्रृंखला की कड़ी है। चिंताजनक बात यह है कि विपक्ष का आरोप है कि खुफिया चेतावनी पहले से मौजूद थी, फिर भी कोई एहतियाती कदम नहीं उठाया गया — यदि यह सच है, तो यह महज लापरवाही नहीं, बल्कि प्रणालीगत विफलता है। AAP सरकार अपने आंतरिक राजनीतिक संकट में उलझी है, और ऐसे में सुरक्षा तंत्र की प्राथमिकताओं पर सवाल उठना स्वाभाविक है। मुख्यधारा की कवरेज राजनीतिक बयानबाजी पर केंद्रित है, लेकिन असली सवाल यह है कि खुफिया-से-कार्रवाई की श्रृंखला कहाँ टूट रही है — और इसका जवाब सरकार को देना होगा।
RashtraPress
30 जुलाई 2026
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पटियाला रेलवे ट्रैक धमाका कहाँ और कब हुआ?
यह धमाका 28 अप्रैल को पंजाब के पटियाला जिले में राजपुरा और शंभू के बीच दिल्ली-राजपुरा रेलवे ट्रैक पर हुआ। धमाके से ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गया और ट्रेन सेवाएं अस्थायी रूप से बाधित हो गईं।
सुखबीर सिंह बादल ने भगवंत मान सरकार पर क्या आरोप लगाए?
SAD अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने आरोप लगाया कि कई दिन पहले खतरे की खुफिया जानकारी मिलने के बावजूद कोई एहतियाती कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से तुरंत जरूरी बुनियादी ढाँचे की सुरक्षा के लिए कदम उठाने की माँग की।
पंजाब कांग्रेस ने इस घटना पर क्या कहा?
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि उसी सुबह बटाला में दो लोगों की हत्या और रेलवे ट्रैक धमाका दोनों घटनाएं 'अशुभ संकेत' हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि AAP सरकार अपने अस्तित्व को बचाने में व्यस्त है, जिसका फायदा अराजक तत्व उठा रहे हैं।
बिक्रम सिंह मजीठिया ने क्या चिंताएं जताईं?
SAD महासचिव बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि सरहिंद धमाके और गुरदासपुर में संदिग्ध वस्तुएं मिलने के बाद यह ताज़ा घटना पंजाब में सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के तौर पर हो रहा है और 1980-90 के दशक जैसी कानून-व्यवस्था की वापसी का खतरा बढ़ रहा है।
क्या पंजाब में इससे पहले भी ऐसी सुरक्षा घटनाएं हो चुकी हैं?
हाँ, विपक्ष के अनुसार इससे पहले सरहिंद धमाका , गुरदासपुर में संदिग्ध वस्तुएं मिलने और राज्य खुफिया मुख्यालय पर आरपीजी हमले जैसी घटनाएं हो चुकी हैं। पुलिस थानों और चौकियों पर भी कई धमाके हो चुके हैं, जो एक चिंताजनक पैटर्न की ओर इशारा करते हैं।