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पटना में 'हमारे राम' महानाट्य का शुभारंभ, CM सम्राट चौधरी बोले — राम के आदर्श आज भी समाज के पथप्रदर्शक

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पटना में 'हमारे राम' महानाट्य का शुभारंभ, CM सम्राट चौधरी बोले — राम के आदर्श आज भी समाज के पथप्रदर्शक

सारांश

पटना के बापू सभागार में 'हमारे राम' महानाट्य सिर्फ एक नाटक नहीं था — यह रामायण के उन दुर्लभ प्रसंगों का जीवंत पुनर्जागरण था जो आमतौर पर मंच पर नहीं आते। CM सम्राट चौधरी की उपस्थिति और आशुतोष राणा के अभिनय ने इसे बिहार की सांस्कृतिक विरासत का एक यादगार उत्सव बना दिया।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 1 अगस्त 2026 को पटना के बापू सभागार में महानाट्य 'हमारे राम' का उद्घाटन किया।
सुप्रसिद्ध अभिनेता आशुतोष राणा और राहुल भुचर ने रामायण के दुर्लभ एवं प्रेरणादायी प्रसंगों का सजीव मंचन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीराम के आदर्श आज भी समाज को सही दिशा देने में सक्षम हैं।
कार्यक्रम में राज्य सरकार के मंत्री, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने एक्स पर पोस्ट कर प्रस्तुति को 'अत्यंत प्रेरणादायक एवं भावपूर्ण' बताया।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 1 अगस्त 2026 को पटना के सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र के बापू सभागार में भव्य महानाट्य 'हमारे राम' का दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने भगवान श्रीराम और माता सीता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और मंच पर उपस्थित कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। सुप्रसिद्ध अभिनेता आशुतोष राणा और राहुल भुचर सहित अनेक विख्यात कलाकारों ने रामायण के दुर्लभ एवं प्रेरणादायी प्रसंगों का सजीव मंचन किया।

मंचन की विशेषता

इस महानाट्य में रामायण के उन प्रसंगों को विशेष रूप से प्रस्तुत किया गया जिन्हें सामान्यतः रंगमंच पर कम देखा जाता है। कलाकारों के भावपूर्ण अभिनय और भव्य मंच सज्जा ने सभागार में बैठे दर्शकों को गहरे भावों में डुबो दिया। सांस्कृतिक गौरव और श्रद्धा से भरे इस वातावरण ने कार्यक्रम को एक यादगार अनुभव बना दिया।

मुख्यमंत्री का संबोधन

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि भगवान श्रीराम भारतीय संस्कृति, मर्यादा, सत्य, कर्तव्य और आदर्श जीवन के सर्वोच्च प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि आज के युग में भी श्रीराम के आदर्श समाज को सही दिशा देने में सक्षम हैं। उनके अनुसार, ऐसे सांस्कृतिक आयोजन नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध विरासत से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनते हैं।

मुख्यमंत्री ने कलाकारों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रस्तुतियाँ भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने सभी कलाकारों और आयोजकों को सफल मंचन के लिए शुभकामनाएँ दीं।

एक्स पर मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया

कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा: 'पटना के बापू सभागार में आयोजित भव्य नाट्य प्रस्तुति 'हमारे राम' का साक्षी बना। सुप्रसिद्ध कलाकार आशुतोष राणा जी एवं राहुल भुचर जी सहित तमाम विख्यात कलाकारों द्वारा प्रस्तुत यह नाटक रामायण के उन प्रेरणादायी प्रसंगों को मंच पर जीवंत करता है, जिन्हें सामान्यतः कम प्रस्तुत किया जाता है। भारतीय संस्कृति, मर्यादा, आदर्श और सनातन मूल्यों को समर्पित यह प्रस्तुति दर्शकों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक एवं भावपूर्ण रही।'

कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य

इस अवसर पर राज्य सरकार के अनेक मंत्री, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में दर्शकों ने भी इस सांस्कृतिक संध्या का आनंद उठाया। यह आयोजन बिहार में सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में एक और सार्थक कदम के रूप में देखा जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या इनसे जुड़ी सांस्कृतिक संस्थाओं को दीर्घकालिक सरकारी समर्थन भी मिलेगा।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'हमारे राम' महानाट्य क्या है और यह कहाँ आयोजित हुआ?
'हमारे राम' एक भव्य सांस्कृतिक महानाट्य है जिसमें रामायण के प्रेरणादायी और दुर्लभ प्रसंगों का मंचन किया जाता है। यह 1 अगस्त 2026 को पटना के सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र के बापू सभागार में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम में कौन-कौन से प्रमुख कलाकार शामिल थे?
सुप्रसिद्ध अभिनेता आशुतोष राणा और राहुल भुचर सहित अनेक विख्यात कलाकारों ने इस महानाट्य में अभिनय किया। इन कलाकारों ने रामायण के उन प्रसंगों को जीवंत किया जो सामान्यतः मंच पर कम प्रस्तुत होते हैं।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस आयोजन पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि भगवान श्रीराम भारतीय संस्कृति, मर्यादा और आदर्श जीवन के सर्वोच्च प्रतीक हैं और उनके आदर्श आज भी समाज को सही दिशा देते हैं। उन्होंने ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों को नई पीढ़ी को विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
इस महानाट्य की विशेषता क्या थी जो इसे अन्य रामायण प्रस्तुतियों से अलग बनाती है?
इस प्रस्तुति में रामायण के उन प्रसंगों को विशेष रूप से शामिल किया गया जिन्हें सामान्यतः रंगमंच पर कम दिखाया जाता है। भव्य मंच सज्जा और कलाकारों के प्रभावशाली अभिनय ने इसे एक असाधारण सांस्कृतिक अनुभव बनाया।
क्या बिहार सरकार इस तरह के सांस्कृतिक आयोजनों को प्रोत्साहन देती है?
मुख्यमंत्री की व्यक्तिगत उपस्थिति और उनके एक्स पर दिए गए वक्तव्य से स्पष्ट है कि बिहार सरकार सनातन संस्कृति और भारतीय मूल्यों पर आधारित सांस्कृतिक आयोजनों को प्रोत्साहित करती है। कार्यक्रम में राज्य के कई मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
राष्ट्र प्रेस
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