क्या पटना में गांधी मैदान-कृष्णा घाट रोड पर फॉर्म बिखरने की बात सच है?

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क्या पटना में गांधी मैदान-कृष्णा घाट रोड पर फॉर्म बिखरने की बात सच है?

सारांश

पटना में गांधी मैदान-कृष्णा घाट रोड पर फॉर्म बिखरने की घटना पर चुनाव आयोग ने सफाई दी है। क्या यह सच है या विपक्ष का आरोप? जानें पूरी कहानी और प्रशासन की प्रतिक्रिया।

मुख्य बातें

चुनाव आयोग ने फॉर्म बिखरने की घटना को गलत बताया।
पटना जिला प्रशासन ने वीडियो जारी कर सफाई दी।
विपक्ष ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाए थे।
स्थानीय लोगों के साथ पूछताछ की गई थी।
जांच जारी है और कोई फॉर्म सड़क पर नहीं मिला।

पटना, १३ जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। चुनाव आयोग ने पटना में गांधी मैदान से कृष्णा घाट वाली फ्लाईओवर पर हजारों वेरिफिकेशन फॉर्म मिलने की घटना को गलत बताया है। एक तथाकथित वीडियो में सड़क के किनारे अनगिनत पेपर दिखाई दिए थे। विपक्ष ने इस पर चुनाव आयोग को घेरने का प्रयास किया था। हालांकि, चुनाव आयोग ने इस प्रकार की किसी भी घटना से इनकार किया है।

बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "एक पोस्ट के माध्यम से यह सूचना प्राप्त हुई थी कि गांधी मैदान से कृष्णा घाट फ्लाईओवर की ओर जाने वाली सड़क पर गणना प्रपत्र बिखरे हुए पाए गए हैं। इस संबंध में उप निर्वाचन पदाधिकारी, पटना की ओर से तत्काल स्थल पर सत्यापन (स्पॉट वेरिफिकेशन) किया गया, जिसमें ऐसी कोई घटना संज्ञान में नहीं आई।"

पोस्ट में आगे लिखा गया, "वहां से कोई गणना प्रपत्र भी बरामद नहीं हुआ। उप निर्वाचन पदाधिकारी की ओर से स्थानीय स्तर पर अन्य व्यक्तियों से भी पूछताछ की गई, लेकिन किसी ने भी ऐसी किसी घटना की जानकारी होने की पुष्टि नहीं की और सभी ने मामले के प्रति अनभिज्ञता प्रकट की।"

पटना जिला प्रशासन ने भी एक नया वीडियो जारी किया, जिसमें सड़क पर कहीं भी गणना प्रपत्र नहीं मिला।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पटना जिला प्रशासन ने लिखा, "ऐसा प्रतीत होता है कि यह वीडियो पुराना है। सभी पदाधिकारीगण की ओर से एक-एक फॉर्म को सुव्यवस्थित ढंग से संभालकर रखा जा रहा है। वीडियो में प्रदर्शित मामले की जांच की जा रही है। जांच से संबंधित वीडियो नीचे संलग्न है। जांच का यह वीडियो १२ जुलाई दोपहर २.५० बजे का है, जिसमें कोई भी फॉर्म सड़क पर गिरा हुआ नहीं पाया गया है। मामले की विस्तृत जांच टीम कर रही है।"

बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान यह तथाकथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया था। वीडियो में सड़क पर तमाम कागज पड़े हुए थे। विपक्षी दलों ने दावा किया था कि यह कागज गणना प्रपत्र वाले फॉर्म हैं। रविवार को राजद नेता तेजस्वी यादव ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी यह वीडियो चलाया था और चुनाव आयोग पर निशाना साधा था। फिलहाल, चुनाव आयोग ने स्थिति साफ कर दी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह आवश्यक है कि हम तथ्यों को समझें और सही जानकारी प्रदान करें। चुनाव आयोग द्वारा दी गई सफाई यह दर्शाती है कि मीडियाई रिपोर्टिंग में सतर्क रहना कितना महत्वपूर्ण है। हमें हमेशा सच्चाई की ओर अग्रसर रहना चाहिए।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या वीडियो में दिखाए गए फॉर्म असली थे?
चुनाव आयोग ने इस वीडियो को गलत बताया है और कहा है कि कोई भी फॉर्म सड़क पर नहीं मिला।
क्या प्रशासन ने इस मामले की जांच की है?
हाँ, पटना जिला प्रशासन ने इस मामले की जांच की है और नए वीडियो जारी किए हैं।
क्या विपक्ष ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाए हैं?
जी हाँ, विपक्ष ने इस घटना को लेकर चुनाव आयोग को घेरा था।
राष्ट्र प्रेस
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