3 अक्टूबर 2026
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पीयूष गोयल ने शिकागो में भारतीय-अमेरिकियों को बताया 'जीवंत सेतु', गांधी-विवेकानंद को दी श्रद्धांजलि

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पीयूष गोयल ने शिकागो में भारतीय-अमेरिकियों को बताया 'जीवंत सेतु', गांधी-विवेकानंद को दी श्रद्धांजलि

सारांश

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शिकागो में प्रवासी भारतीयों को 'जीवंत सेतु' और 'राजदूत' कहा — गांधी जयंती पर स्कोकी में पुष्पांजलि दी और विवेकानंद के 1893 वाले ऐतिहासिक भाषण-स्थल का दौरा किया। यह संदेश ऐसे दौर में आया है जब भारत-अमेरिका संबंध नई गहराई की ओर बढ़ रहे हैं।

मुख्य बातें

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 3 अक्टूबर 2026 को शिकागो में भारतीय समुदाय को संबोधित किया।
गोयल ने भारतीय-अमेरिकियों को भारत और अमेरिका के बीच 'जीवंत सेतु' और 'राजदूत' बताया।
गांधी जयंती पर इलिनोइस के स्कोकी में महात्मा गांधी मेमोरियल स्कल्पचर पर पुष्पांजलि अर्पित की।
शिकागो के आर्ट इंस्टीट्यूट के फुलर्टन हॉल का दौरा किया, जहाँ स्वामी विवेकानंद ने 1893 में ऐतिहासिक भाषण दिया था।
मंत्री ने यमन और यूक्रेन जैसे संकटों का हवाला देते हुए विदेशों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा का भरोसा दिलाया।

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 3 अक्टूबर 2026 को शिकागो में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए भारतीय-अमेरिकियों को भारत और अमेरिका के बीच एक 'जीवंत सेतु' की संज्ञा दी। उन्होंने प्रवासी भारतीयों से आग्रह किया कि वे अपने अपनाए हुए देश के प्रति पूरी तरह समर्पित रहें और साथ ही अपनी मातृभूमि को दिल में हमेशा जगह दें।

समुदाय को संदेश: दो देशों के बीच राजदूत

गोयल ने भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए कहा, 'आप में से हर कोई अमेरिका और भारत के बीच एक जीवंत सेतु की तरह है। आप में से हर कोई अमेरिका में भारत का एक राजदूत है।' उन्होंने अमेरिकी समाज में भारतीय-अमेरिकियों के योगदान की सराहना की और कहा कि इस योगदान ने दोनों देशों को और करीब लाने में अहम भूमिका निभाई है।

मंत्री ने प्रवासियों को अपने अपनाए हुए देश के प्रति वफ़ादार रहने का संदेश देते हुए कहा, 'इसके प्रति वफादार रहें, इसके प्रति ईमानदार रहें, अपने देश के लिए कड़ी मेहनत करें। लेकिन हमेशा अपने मन और दिल में अपनी मां और सभी लोगों के लिए थोड़ी जगह रखें।'

गांधी जयंती पर श्रद्धांजलि

गांधी जयंती के अवसर पर गोयल ने इलिनोइस के स्कोकी में महात्मा गांधी मेमोरियल स्कल्पचर पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि 'महात्मा गांधी के अहिंसा, सादगी और सच्चाई के सदाबहार आदर्श, जो भारत की सभ्यतागत सोच में गहराई से रचे-बसे हैं, पीढ़ियों से मानवता का मार्गदर्शन और प्रेरणा देते आ रहे हैं।'

समुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने शिकागो में स्थापित गांधी की मूर्ति का संदर्भ देते हुए कहा कि यह मूर्ति एक गहरा संदेश देती है — 'भले ही भारत यहां से हजारों मील दूर हो, लेकिन उनके विचार आप सभी शिकागो के लोगों में जीवित हैं।' गौरतलब है कि उन्होंने गांधीजी के अहिंसा, समानता और समाज के पिछड़े वर्गों के कल्याण पर बल देने की विरासत को भी याद किया।

विवेकानंद की ऐतिहासिक धरती पर

गोयल ने शिकागो के आर्ट इंस्टीट्यूट में फुलर्टन हॉल का दौरा किया — वह ऐतिहासिक स्थल जहाँ स्वामी विवेकानंद ने 11 सितंबर, 1893 को 'वर्ल्ड्स पार्लियामेंट ऑफ रिलीजन' में अपना प्रसिद्ध भाषण दिया था। एक्स पर अपनी भावनाएं साझा करते हुए गोयल ने लिखा, 'उस जगह पर, जहां कभी स्वामी विवेकानंद जी के लिए जोरदार तालियां गूंजी थीं।'

उन्होंने विवेकानंद के 'वसुधैव कुटुंबकम' के संदेश को वैश्विक संदर्भ में प्रासंगिक बताते हुए कहा कि उनका 'सार्वभौमिक भाईचारे और आध्यात्मिक ज्ञान का कालातीत संदेश' आज भी मार्गदर्शक है। इसके बाद गोयल ने शिकागो स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास में विवेकानंद को पुष्पांजलि अर्पित की।

विदेशों में भारतीयों की सुरक्षा का भरोसा

मंत्री ने प्रवासी भारतीयों को यह भी आश्वस्त किया कि संकट के समय नई दिल्ली हमेशा उनके साथ खड़ी रहती है। यमन और यूक्रेन में पहले आए संकटों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, 'हम देश में आपके साथ खड़े हैं। हम आपकी परवाह करते हैं और आपको हमेशा हमारा समर्थन मिलेगा।'

यह दौरा ऐसे समय में आया है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार और कूटनीतिक संबंध सघन हो रहे हैं। प्रवासी भारतीय समुदाय की इस द्विपक्षीय धुरी में बढ़ती भूमिका को रेखांकित करने के लिहाज़ से गोयल का यह एक दिवसीय शिकागो दौरा महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो प्रवासी समुदाय की रोज़मर्रा की चिंताएँ हैं।
RashtraPress
3 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीयूष गोयल ने भारतीय-अमेरिकियों को 'जीवंत सेतु' क्यों कहा?
गोयल ने शिकागो में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि प्रवासी भारतीय अपनी उपस्थिति और योगदान से भारत और अमेरिका को जोड़ने का काम करते हैं। उनके अनुसार, भारतीय-अमेरिकी दोनों देशों के बीच एक सांस्कृतिक और आर्थिक पुल की भूमिका निभाते हैं।
गोयल ने शिकागो में किन स्थानों का दौरा किया?
उन्होंने इलिनोइस के स्कोकी में महात्मा गांधी मेमोरियल स्कल्पचर, शिकागो के आर्ट इंस्टीट्यूट में फुलर्टन हॉल और शिकागो स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास का दौरा किया। फुलर्टन हॉल वह स्थान है जहाँ स्वामी विवेकानंद ने 1893 में 'वर्ल्ड्स पार्लियामेंट ऑफ रिलीजन' में ऐतिहासिक भाषण दिया था।
गोयल ने प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा के बारे में क्या कहा?
मंत्री ने आश्वासन दिया कि जब भी विदेश में भारतीय नागरिकों पर संकट आता है, नई दिल्ली हमेशा उनके साथ खड़ी रहती है। उन्होंने यमन और यूक्रेन में पहले के संकटों का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत सरकार अपने नागरिकों की परवाह करती है।
स्वामी विवेकानंद का शिकागो भाषण क्यों महत्त्वपूर्ण है?
11 सितंबर 1893 को शिकागो में 'वर्ल्ड्स पार्लियामेंट ऑफ रिलीजन' में दिए विवेकानंद के भाषण ने दुनिया के सामने भारत की 'वसुधैव कुटुंबकम' की भावना को रखा था। गोयल ने इसे भारत की सभ्यतागत विरासत और वैश्विक एकता के संदेश का प्रतीक बताया।
गोयल का शिकागो दौरा किस व्यापक संदर्भ में हुआ?
यह दौरा ऐसे समय में हुआ जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक और कूटनीतिक संबंध प्रगाढ़ हो रहे हैं। वाणिज्य मंत्री के रूप में गोयल का प्रवासी समुदाय के साथ संवाद इस रिश्ते में सॉफ्ट पावर और जन-कूटनीति की भूमिका को रेखांकित करता है।
राष्ट्र प्रेस
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