पीयूष गोयल ने शिकागो में भारतीय-अमेरिकियों को बताया 'जीवंत सेतु', गांधी-विवेकानंद को दी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 3 अक्टूबर 2026 को शिकागो में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए भारतीय-अमेरिकियों को भारत और अमेरिका के बीच एक 'जीवंत सेतु' की संज्ञा दी। उन्होंने प्रवासी भारतीयों से आग्रह किया कि वे अपने अपनाए हुए देश के प्रति पूरी तरह समर्पित रहें और साथ ही अपनी मातृभूमि को दिल में हमेशा जगह दें।
समुदाय को संदेश: दो देशों के बीच राजदूत
गोयल ने भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए कहा, 'आप में से हर कोई अमेरिका और भारत के बीच एक जीवंत सेतु की तरह है। आप में से हर कोई अमेरिका में भारत का एक राजदूत है।' उन्होंने अमेरिकी समाज में भारतीय-अमेरिकियों के योगदान की सराहना की और कहा कि इस योगदान ने दोनों देशों को और करीब लाने में अहम भूमिका निभाई है।
मंत्री ने प्रवासियों को अपने अपनाए हुए देश के प्रति वफ़ादार रहने का संदेश देते हुए कहा, 'इसके प्रति वफादार रहें, इसके प्रति ईमानदार रहें, अपने देश के लिए कड़ी मेहनत करें। लेकिन हमेशा अपने मन और दिल में अपनी मां और सभी लोगों के लिए थोड़ी जगह रखें।'
गांधी जयंती पर श्रद्धांजलि
गांधी जयंती के अवसर पर गोयल ने इलिनोइस के स्कोकी में महात्मा गांधी मेमोरियल स्कल्पचर पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि 'महात्मा गांधी के अहिंसा, सादगी और सच्चाई के सदाबहार आदर्श, जो भारत की सभ्यतागत सोच में गहराई से रचे-बसे हैं, पीढ़ियों से मानवता का मार्गदर्शन और प्रेरणा देते आ रहे हैं।'
समुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने शिकागो में स्थापित गांधी की मूर्ति का संदर्भ देते हुए कहा कि यह मूर्ति एक गहरा संदेश देती है — 'भले ही भारत यहां से हजारों मील दूर हो, लेकिन उनके विचार आप सभी शिकागो के लोगों में जीवित हैं।' गौरतलब है कि उन्होंने गांधीजी के अहिंसा, समानता और समाज के पिछड़े वर्गों के कल्याण पर बल देने की विरासत को भी याद किया।
विवेकानंद की ऐतिहासिक धरती पर
गोयल ने शिकागो के आर्ट इंस्टीट्यूट में फुलर्टन हॉल का दौरा किया — वह ऐतिहासिक स्थल जहाँ स्वामी विवेकानंद ने 11 सितंबर, 1893 को 'वर्ल्ड्स पार्लियामेंट ऑफ रिलीजन' में अपना प्रसिद्ध भाषण दिया था। एक्स पर अपनी भावनाएं साझा करते हुए गोयल ने लिखा, 'उस जगह पर, जहां कभी स्वामी विवेकानंद जी के लिए जोरदार तालियां गूंजी थीं।'
उन्होंने विवेकानंद के 'वसुधैव कुटुंबकम' के संदेश को वैश्विक संदर्भ में प्रासंगिक बताते हुए कहा कि उनका 'सार्वभौमिक भाईचारे और आध्यात्मिक ज्ञान का कालातीत संदेश' आज भी मार्गदर्शक है। इसके बाद गोयल ने शिकागो स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास में विवेकानंद को पुष्पांजलि अर्पित की।
विदेशों में भारतीयों की सुरक्षा का भरोसा
मंत्री ने प्रवासी भारतीयों को यह भी आश्वस्त किया कि संकट के समय नई दिल्ली हमेशा उनके साथ खड़ी रहती है। यमन और यूक्रेन में पहले आए संकटों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, 'हम देश में आपके साथ खड़े हैं। हम आपकी परवाह करते हैं और आपको हमेशा हमारा समर्थन मिलेगा।'
यह दौरा ऐसे समय में आया है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार और कूटनीतिक संबंध सघन हो रहे हैं। प्रवासी भारतीय समुदाय की इस द्विपक्षीय धुरी में बढ़ती भूमिका को रेखांकित करने के लिहाज़ से गोयल का यह एक दिवसीय शिकागो दौरा महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है।