पीयूष गोयल का शिकागो में प्रवासी भारतीयों से वादा: 'संकट में हर जगह भारत आपके साथ खड़ा है'
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 3 अक्टूबर 2026 को शिकागो, अमेरिका में प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए दुनिया के किसी भी कोने में सदैव तत्पर है। उन्होंने यमन और यूक्रेन संकटों का उदाहरण देते हुए कहा कि इन जटिल परिस्थितियों में भारत ने विदेश में रह रहे अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की।
मंत्री का संदेश: देश हर हाल में साथ
गोयल ने अपने संबोधन में कहा, 'जैसा कि आप जानते हैं, भारत एक देश है और दुनिया में कहीं भी कोई भी भारतीय किसी मुश्किल या परेशानी में हो, तो हम देश में आपके साथ खड़े हैं। हम आपकी परवाह करते हैं और आपको हमेशा हमारा साथ मिलेगा, चाहे आप यमन में हों और वहाँ संकट चरम पर हो, या फिर यूक्रेन में हों और वहाँ युद्ध छिड़ जाए।' उन्होंने आश्वासन दिया कि भारत की मातृभूमि प्रवासियों के परिवारों और बच्चों के लिए भी सदा उपलब्ध रहेगी।
प्रवासी समुदाय: दो लोकतंत्रों के बीच जीवंत सेतु
मंत्री ने प्रवासी भारतीय समुदाय की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि वे भारत और अमेरिका के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने कहा, 'आप में से हर कोई अमेरिका और भारत के बीच एक जीवंत सेतु है। आप में से हर कोई अमेरिका में भारत का राजदूत है।' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंध व्यापार और तकनीक के क्षेत्र में नई गहराई ले रहे हैं।
दोहरी निष्ठा का आह्वान
गोयल ने भारतीय-अमेरिकी समुदाय से आग्रह किया कि वे अपने अपनाए हुए देश अमेरिका की ईमानदारी और निष्ठा के साथ सेवा करें। उन्होंने कहा, 'इसके प्रति वफादार रहो, इसके प्रति ईमानदार रहो, अपने राष्ट्र के लिए कड़ी मेहनत करो। इसी ने तुम्हें तुम्हारी दौलत, तुम्हारा परिवार और तुम्हारा भविष्य दिया है।' साथ ही उन्होंने कहा कि प्रवासियों को अपने मन और दिल में भारत के लिए भी जगह बनाए रखनी चाहिए।
गांधी के विचारों का संदर्भ
अपने संबोधन में गोयल ने महात्मा गांधी के अहिंसा के सिद्धांत और समाज के सभी वर्गों के प्रति उनकी चिंता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गांधीजी के विचारों ने न केवल भारत पर बल्कि वैश्विक स्तर पर भी गहरी छाप छोड़ी है। गौरतलब है कि भारत सरकार प्रवासी भारतीय समुदाय को वैश्विक कूटनीति और व्यापार विस्तार में एक सक्रिय साझेदार के रूप में देखती है।
आगे की दिशा
गोयल की यह अमेरिका यात्रा वाणिज्य और उद्योग मंत्री के रूप में उनकी व्यापक कूटनीतिक पहुँच का हिस्सा है। शिकागो में प्रवासी भारतीयों के साथ यह संवाद भारत की उस रणनीति को दर्शाता है जिसमें विदेश में बसे नागरिकों को देश की आर्थिक और सांस्कृतिक छवि के वाहक के रूप में स्थापित किया जा रहा है। आने वाले समय में इस तरह के और संवाद कार्यक्रमों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।