पीयूष गोयल का मिल्वौकी में ऐलान: भारत-अमेरिका रिश्ते अब तकनीक और विनिर्माण साझेदारी की नई दिशा में
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 30 सितंबर 2026 को स्पष्ट किया कि भारत और अमेरिका के आर्थिक संबंध अब केवल पारंपरिक व्यापार की परिधि से बाहर निकल चुके हैं और दोनों देशों की साझेदारी निवेश, विनिर्माण, प्रौद्योगिकी, नवाचार, सुदृढ़ आपूर्ति शृंखलाओं तथा उच्च मूल्य वाली क्षमताओं के निर्माण तक विस्तार पा चुकी है। जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए अमेरिका के मिल्वौकी पहुँचे गोयल ने यह बात एक महत्वपूर्ण कारोबारी संवाद के दौरान कही।
मुख्य घटनाक्रम
वाणिज्य मंत्रालय के आधिकारिक बयान के अनुसार, मिल्वौकी पहुँचने पर गोयल का स्वागत शिकागो स्थित भारत के महावाणिज्यदूत ने किया। इसके बाद उन्होंने नेशनल एसोसिएशन ऑफ मैन्युफैक्चरर्स (NAM) द्वारा आयोजित एक बिज़नेस राउंडटेबल में अमेरिका की प्रमुख विनिर्माण और प्रौद्योगिकी कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEO) और वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की।
NAM अमेरिकी विनिर्माण क्षेत्र की अग्रणी संस्था है और अमेरिकी GDP में इसके सदस्यों का योगदान लगभग 3 ट्रिलियन डॉलर का है। इस बैठक में अमेरिकी उद्योग प्रतिनिधियों ने भारत में उपलब्ध कारोबारी अवसरों और अपने व्यवसाय के विस्तार की संभावनाओं पर विचार साझा किए।
गोयल का निवेशकों को आमंत्रण
बिज़नेस राउंडटेबल में गोयल ने कहा कि भारत सरकार कंपनियों के संचालन, विस्तार और निवेश योजनाओं को सुगम बनाने के लिए हर संभव सहयोग देने को तैयार है। उन्होंने अमेरिकी निर्माताओं को भारत में अपनी उपस्थिति बढ़ाने, भारतीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) के साथ साझेदारी करने तथा उन्नत विनिर्माण क्षेत्र में संयुक्त निवेश करने का खुला आमंत्रण दिया।
गोयल ने बिज़नेस राउंडटेबल (BRT) और NAM द्वारा रॉकवेल ऑटोमेशन के मुख्यालय में आयोजित स्वागत समारोह में भी हिस्सा लिया, जहाँ उन्होंने जी20 देशों के व्यापार मंत्रियों और अमेरिकी उद्योग जगत के वरिष्ठ नेताओं से बातचीत की। उन्होंने ज़ोर दिया कि दोनों देशों को मिलकर ऐसी आपूर्ति शृंखलाएँ खड़ी करनी चाहिए जो अधिक मज़बूत, भरोसेमंद और दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए मूल्य-सृजन करने वाली हों।
द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर नज़र
यह ऐसे समय में आया है जब भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) को लेकर गतिविधियाँ तेज़ हो रही हैं। माना जा रहा है कि अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर के साथ गोयल की प्रस्तावित बैठक इस समझौते को गति देने में अहम भूमिका निभा सकती है। दोनों पक्ष एक अंतरिम व्यापार व्यवस्था और व्यापक BTA के लिए आगे की रूपरेखा पर चर्चा कर सकते हैं।
गौरतलब है कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार संबंध पिछले कुछ वर्षों में तेज़ी से प्रगाढ़ हुए हैं और दोनों देश आपूर्ति शृंखला विविधीकरण के मद्देनज़र एक-दूसरे के अधिक करीब आए हैं। यह मिल्वौकी यात्रा उसी दिशा में एक और कड़ी है।
आगे की राह
जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक के अलावा गोयल इस यात्रा के दौरान कई अन्य द्विपक्षीय बैठकों में भी शामिल होंगे। इन चर्चाओं में विनिर्माण, प्रौद्योगिकी, निवेश, आपूर्ति शृंखला सहयोग और नए कारोबारी अवसर प्रमुख विषय रहेंगे। भारत के तेज़ी से बढ़ते औद्योगिक आधार और कुशल कार्यबल को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ सकती है।