भारत-नाइकी साझेदारी को नई दिशा: पीयूष गोयल का विनिर्माण और रोजगार पर जोर, अमेरिका दौरे में अहम बातचीत
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 5 अक्टूबर 2026 को कहा कि वे वैश्विक खेल परिधान दिग्गज नाइकी के साथ भारत की साझेदारी को नई ऊँचाई देने के प्रति उत्साहित हैं। अपने अमेरिका दौरे के दौरान नाइकी के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ हुई बैठकों में भारत में विनिर्माण विस्तार, स्थानीय सोर्सिंग और खेल क्षेत्र में सहयोग के नए अवसरों पर गंभीर चर्चा की गई। गोयल ने इस साझेदारी को भारत के युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलने के रूप में देखा।
क्रिकेट के मैदान से शुरू हुई साझेदारी
गोयल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किया कि भारतीय क्रिकेट के महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने उन्हें याद दिलाया कि 1980 के दशक में वे नाइकी यूएसए के साथ अनुबंध करने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी थे। गोयल ने अमेरिका के पोर्टलैंड स्थित नाइकी के मुख्यालय परिसर को खेल इतिहास और विरासत से समृद्ध स्थान बताया।
उन्होंने कहा कि जो साझेदारी कभी क्रिकेट के मैदान से शुरू हुई थी, आज उसके पास भारत में विनिर्माण को बढ़ावा देने, रोजगार सृजन, स्थानीय आपूर्ति शृंखला को सुदृढ़ करने और युवाओं के लिए अवसर पैदा करने की असीम संभावनाएँ हैं।
विनिर्माण और स्थानीय सोर्सिंग पर मुख्य चर्चा
बातचीत में नाइकी की भारत में विनिर्माण क्षमताओं का विस्तार, स्थानीय आपूर्ति शृंखला को और मजबूत करना तथा खेल पारिस्थितिकी तंत्र में सहयोग बढ़ाने जैसे विषय केंद्र में रहे। यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार लगातार विदेशी कंपनियों को देश में उत्पादन आधार स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
गौरतलब है कि नाइकी जैसी वैश्विक कंपनियाँ चीन-केंद्रित आपूर्ति शृंखला से विविधीकरण की कोशिश में हैं, और भारत इस 'चाइना प्लस वन' रणनीति का एक प्रमुख लाभार्थी बनने की स्थिति में है। जूते और परिधान क्षेत्र में भारत की श्रम लागत प्रतिस्पर्धात्मकता इस दिशा में एक बड़ी ताकत है।
जी20 व्यापार बैठक और शिकागो दौरा
गोयल ने मिल्वौकी में आयोजित जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व किया, जिसमें जबरन श्रम, विश्व व्यापार संगठन (WTO) के भविष्य और राज्य-समर्थित अतिरिक्त उत्पादन क्षमता जैसे वैश्विक व्यापार मुद्दों पर चर्चा हुई।
इसके बाद शिकागो में यूएस इंडियन कम्युनिटी फाउंडेशन के आयोजन में गोयल ने भारतीय-अमेरिकी समुदाय के साथ संवाद किया। उन्होंने बताया कि भारत अगले वर्ष की पहली तिमाही में अमेरिका के लिए एक बड़ा बहु-क्षेत्रीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भेजने की योजना बना रहा है।
भारत-अमेरिका व्यापारिक संबंधों का विस्तार
गोयल ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच पहले से ही वस्तुओं, सेवाओं, प्रौद्योगिकी, विनिर्माण और निवेश के क्षेत्रों में व्यापक कारोबारी संबंध मौजूद हैं। प्रस्तावित प्रतिनिधिमंडल दोनों देशों की कंपनियों को निवेश और व्यापारिक साझेदारी के नए अवसर तलाशने का एक संगठित मंच उपलब्ध कराएगा।
यह दौरा भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को और प्रगाढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक पहल के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले महीनों में नाइकी के साथ साझेदारी के ठोस परिणाम सामने आने की उम्मीद है।