कांग्रेस को चुनौती: पीयूष हजारिका ने भाजपा की योजनाओं की नकल का लगाया आरोप
सारांश
Key Takeaways
- कांग्रेस के वादे भाजपा की योजनाओं की नकल हैं।
- कांग्रेस के पास वैकल्पिक योजनाएं नहीं हैं।
- मतदाताओं को कांग्रेस की विश्वसनीयता पर संदेह है।
- भाजपा की भूमि वापसी की प्रतिबद्धता महत्वपूर्ण है।
- हजारिका ने कांग्रेस की वोट बैंक राजनीति पर सवाल उठाए।
गुवाहाटी, 29 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। असम के मंत्री पीयूष हजारिका ने रविवार को कांग्रेस के चुनावी वादों पर कड़ा हमला किया है। उन्होंने यह आरोप लगाया कि विपक्षी पार्टी ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार द्वारा लागू की गई कल्याणकारी योजनाओं की केवल नकल की है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में हजारिका ने कहा कि असम कांग्रेस द्वारा प्रचारित कई प्रमुख पहलें (ओरुनोदोई, मिशन बसुंधरा और मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता योजना) असल में वर्तमान सरकार द्वारा ही परिकल्पित और क्रियान्वित की गई थीं।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कांग्रेस की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले पांच वर्षों से कांग्रेस भाजपा सरकार पर कर्ज लेकर लाभार्थियों को पैदा करने का आरोप लगाती रही है।
हजारिका ने प्रश्न उठाया कि अब जब उन्हें वैकल्पिक योजना पेश करनी थी, तो वे उन्हीं योजनाओं को जारी रखने का वादा कर रहे हैं जिनकी उन्होंने पहले आलोचना की थी। मतदाता ऐसे सुस्त और पाखंडी रवैये पर भरोसा क्यों करें?
उन्होंने कांग्रेस के वादों की वित्तीय व्यवहार्यता पर भी संदेह जताया और कहा कि पार्टी यह समझाने में असफल रही है कि सत्ता में आने पर वे इन योजनाओं के लिए धन कैसे जुटाएंगे। हजारिका ने कहा कि कांग्रेस के सरकार बनाने की संभावना लगभग न के बराबर है, लेकिन यदि ऐसा हुआ भी, तो वे इन गारंटियों के लिए धन कैसे जुटाएंगे? क्या असम को हिमाचल प्रदेश जैसी स्थिति में धकेल दिया जाएगा?
मंत्री ने भाजपा और कांग्रेस के बीच एक प्रमुख अंतर बताते हुए भाजपा की 5 लाख बीघा अतिक्रमित भूमि वापस लेने की प्रतिबद्धता का भी उल्लेख किया।
हजारिका ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपनी वोट बैंक की राजनीति के कारण जानबूझकर इस मुद्दे से किनारा किया है, और दावा किया कि अवैध अतिक्रमणकारी पार्टी का मुख्य समर्थक आधार हैं।
भाजपा के शासन मॉडल के लिए जनसमर्थन का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस के घोषणापत्र में यह स्पष्ट है कि भाजपा के विकसित और सुरक्षित असम के दृष्टिकोण का कोई विकल्प नहीं है।