मोदी के 25 साल के सेवाकाल पर 'आशीर्वाद का दीया': सुवेंदु अधिकारी की पश्चिम बंगाल वासियों से अपील
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 16 सितंबर 2026 को एक वीडियो संदेश जारी कर राज्य के लोगों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षीय सार्वजनिक सेवाकाल के उपलक्ष्य में 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम में सहभागिता की अपील की है। कोलकाता से जारी इस संदेश में उन्होंने 17 सितंबर से शुरू होने वाले 'सेवा संकल्प अभियान' का भी उल्लेख किया।
मुख्य घटनाक्रम
अधिकारी ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राष्ट्र सेवा की यात्रा का यह ऐतिहासिक पड़ाव आगामी 7 अक्टूबर को 25 वर्ष पूर्ण करेगा। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण से लेकर भारत के प्रधानमंत्री पद तक की इस यात्रा को वे 'गौरवशाली' बताते हैं।
उन्होंने कहा, 'पीएम मोदी की लंबी जनसेवा का सम्मान करने और उनकी दीर्घायु के लिए प्रार्थना करने हेतु, आइए शाम 6:00 बजे से 7:00 बजे के बीच हर घर, संस्थान, मठ और मंदिर में 'आशीर्वाद का प्रदीप' जलाएं। इस ऐतिहासिक पल को प्यार, आशीर्वाद और शुभकामनाओं के साथ यादगार बनाएं और सेवा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण के अपने संकल्प को मजबूत करें।'
सेवा संकल्प अभियान का स्वरूप
17 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन से यह अभियान प्रारंभ होगा और एक महीने तक चलेगा। मुख्यमंत्री अधिकारी ने सभी पश्चिम बंगाल वासियों से इस कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लेने और दीप प्रज्वलित करने का आग्रह किया।
गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) हर वर्ष 17 सितंबर को प्रधानमंत्री के जन्मदिन को 'सेवा दिवस' के रूप में मनाती है, परंतु इस बार 25 वर्षीय सेवाकाल के पूर्ण होने के चलते यह आयोजन विशेष महत्व रखता है।
पश्चिम बंगाल की राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह अपील ऐसे समय में आई है जब पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) और BJP के बीच राजनीतिक तनाव जारी है। मुख्यमंत्री अधिकारी की यह पहल राज्य में BJP के जनाधार को संगठित करने और प्रधानमंत्री की छवि को जन-जन तक पहुँचाने के प्रयास के रूप में देखी जा रही है।
क्या होगा आगे
अधिकारी के वीडियो संदेश के बाद BJP के राज्य इकाई के नेताओं और कार्यकर्ताओं से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की उम्मीद की जा रही है। 7 अक्टूबर को सेवाकाल की रजत जयंती पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाने की संभावना है। आने वाले दिनों में यह अभियान पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में आयोजनों का रूप लेगा।