बांग्ला में लिखी किताब PM मोदी को तोहफा: बारुईपुर रैली में उमड़ा जनसैलाब
सारांश
Key Takeaways
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 अप्रैल को बारुईपुर, पश्चिम बंगाल में चुनावी जनसभा को संबोधित किया।
- एक स्थानीय प्रशंसक मोदी पर बांग्ला भाषा में लिखी किताब लेकर सभास्थल पर पहुंचा — किताब में उनके कार्यों और जनता की उम्मीदों का जिक्र है।
- भीषण गर्मी के बावजूद बारुईपुर रैली में बड़ी संख्या में लोग जुटे, जिससे भाजपा के प्रति जनसमर्थन का संकेत मिला।
- 2021 विधानसभा चुनाव में भाजपा ने बंगाल में 77 सीटें जीती थीं; इस बार पार्टी पूर्ण बहुमत के लक्ष्य के साथ मैदान में है।
- स्थानीय लोगों ने राज्य में बदलाव और विकास के लिए भाजपा सरकार की जरूरत बताई।
- सभास्थल पर स्थानीय प्रशासन, पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की संयुक्त तैनाती की गई थी।
बारुईपुर (पश्चिम बंगाल), 24 अप्रैल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के प्रचार अभियान के तहत बारुईपुर में जनसभाओं को संबोधित करने पहुंचे। इस दौरान एक अनोखी घटना ने सबका ध्यान खींचा — एक स्थानीय प्रशंसक प्रधानमंत्री मोदी पर बांग्ला भाषा में लिखी एक किताब लेकर सभास्थल पर पहुंचा। यह दृश्य न केवल मोदी के प्रति जन-आस्था का प्रतीक बना, बल्कि बंगाल में भाजपा की बढ़ती लोकप्रियता का संकेत भी देता है।
किताब में क्या है — प्रशंसक ने खुद बताया
बारुईपुर के एक स्थानीय निवासी, जिन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बांग्ला भाषा में एक पूरी किताब लिखी है, ने बताया कि यह कोई साधारण डायरी नहीं बल्कि एक विस्तृत पुस्तक है। उन्होंने कहा, यह किताब उन्हीं पर लिखी गई है — उन्होंने जो बदलाव किए, जो अच्छे काम किए, और जो चीजें हम उनसे उम्मीद करते हैं, वह सब इसमें दर्ज है।
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि चूंकि किताब बांग्ला भाषा में है, इसलिए हो सकता है प्रधानमंत्री इसे सीधे न पढ़ पाएं। लेकिन उन्हें विश्वास है कि कोई न कोई ऐसा होगा जो उन्हें यह पढ़कर सुनाएगा। यह भावना बंगाल के उस वर्ग की है जो मोदी में एक परिवर्तनकारी नेता देखता है।
सभास्थल पर सुरक्षा और व्यवस्था
प्रधानमंत्री की सभाओं को देखते हुए बारुईपुर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। स्थानीय प्रशासन, पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त तैनाती की गई, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्वक संपन्न हो सके।
भीषण गर्मी के बावजूद जनता का उत्साह देखते ही बनता था। प्रशासन ने पेयजल और चिकित्सा सुविधाओं की विशेष व्यवस्था की, जिससे भीड़ को राहत मिल सके।
जनता की आवाज — बदलाव की उम्मीद
स्थानीय लोगों ने खुलकर अपनी राय रखी। एक नागरिक ने कहा कि वे प्रधानमंत्री मोदी का भाषण नियमित रूप से सुनते हैं और हर बार कुछ नया सीखने को मिलता है। वहीं कई लोगों ने कहा कि वे पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार की स्थापना चाहते हैं क्योंकि उनके अनुसार विकास और स्थिरता के लिए यही एकमात्र विकल्प है।
कुछ लोगों ने यह भी कहा कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार चुनाव अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो रहे हैं, जिसे वे सकारात्मक बदलाव मानते हैं।
बंगाल में भाजपा की रणनीतिक अहमियत
पश्चिम बंगाल हमेशा से भाजपा के लिए एक चुनौतीपूर्ण लेकिन महत्वाकांक्षी राज्य रहा है। 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 77 सीटें जीती थीं और इस बार पार्टी पूर्ण बहुमत के लक्ष्य के साथ मैदान में है। प्रधानमंत्री मोदी की रैलियां इस अभियान की धुरी मानी जा रही हैं।
गौरतलब है कि बंगाल में राजनीतिक हिंसा का एक लंबा इतिहास रहा है और केंद्रीय बलों की तैनाती के बाद इस बार मतदान प्रक्रिया अपेक्षाकृत सुचारू रही है। यह तथ्य भाजपा के लिए एक प्रचार बिंदु बन चुका है।
आगे क्या
दूसरे चरण के मतदान के बाद भाजपा की रैलियों का सिलसिला जारी रहेगा। प्रधानमंत्री मोदी के बंगाल दौरों की संख्या इस चुनाव में पहले से अधिक है, जो दर्शाता है कि पार्टी इस राज्य को प्राथमिकता दे रही है। मतगणना के नतीजे तय करेंगे कि बांग्ला में लिखी किताब की भावना और जनता की उम्मीदें किस दिशा में जाती हैं।