स्वास्थ्य ढांचे में सुधार: पीएम मोदी का योग और आयुर्वेद पर जोर
सारांश
Key Takeaways
- स्वास्थ्य सेवा का नया दृष्टिकोण
- योग और आयुर्वेद की वैश्विक पहचान
- युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर
- आयुष्मान भारत योजना का लाभ
- स्वास्थ्य ढांचे में सुधार
नई दिल्ली, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट के बाद आयोजित "सबका साथ, सबका विकास - जनता की आकांक्षाओं की पूर्ति" विषय पर एक ऑनलाइन वेबिनार में भाग लिया।
प्रधानमंत्री ने कहा, "युवाशक्ति एक ही राष्ट्रीय शक्ति है, जब वह स्वस्थ और अनुशासित हो। इसलिए, पिछले कुछ वर्षों में खेलों को राष्ट्रीय विकास की एक महत्वपूर्ण धारा के रूप में देखा गया है। 'खेलों इंडिया' जैसी पहल ने देश में खेल पारिस्थितिकी तंत्र को नई ऊर्जा प्रदान की है। खेल के बुनियादी ढांचे को भी मजबूत किया जा रहा है।"
पीएम मोदी ने आगे कहा, "भारत का स्वास्थ्य सेवा दृष्टिकोण अब उपचार से आगे बढ़कर रोकथाम और समग्र कल्याण की दिशा में अग्रसर है। भारत निवारक देखभाल और समग्र स्वास्थ्य पर केंद्रित स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को मजबूत कर रहा है, जिससे हर नागरिक के लिए स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित हो सके।"
उन्होंने कहा, "पिछले कुछ वर्षों में देश का स्वास्थ्य ढांचा और भी मजबूत हुआ है। सैकड़ों नए मेडिकल कॉलेज खोले गए हैं। आयुष्मान भारत योजना और आरोग्य के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच गांव-गांव तक बढ़ाई गई है। हमारे योग और आयुर्वेद पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हो रहे हैं। भारत की बढ़ती स्वास्थ्य सेवा अर्थव्यवस्था युवाओं के लिए नए अवसर प्रदान कर रही है।"
प्रधानमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि स्वास्थ्य सेवा अर्थव्यवस्था नए कौशल विकास और उभरती भूमिकाओं के माध्यम से स्वास्थ्य क्षेत्र में लाखों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा कर रही है।
उन्होंने कहा, "आने वाले दशक में देश में वरिष्ठ नागरिकों की संख्या बढ़ेगी। कई देशों में देखभाल करने वालों की मांग बहुत है। इसलिए, स्वास्थ्य क्षेत्र में लाखों युवाओं के लिए कौशल-आधारित रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं। मैं अनुरोध करता हूँ कि नए प्रशिक्षण मॉडल विकसित किए जाएं।"