क्या पीएम मोदी ने दीपावली का गिफ्ट दिया? जीएसटी सुधार पर अहमदाबाद के व्यापारी
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद, 4 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात के अहमदाबाद के व्यवसायियों ने जीएसटी में सुधार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को धन्यवाद दिया है। व्यवसायियों ने कहा कि यह सुधार व्यापारियों के लिए कर प्रणाली को और अधिक सरल और पारदर्शी बनाने में सहायक होगा।
केंद्र सरकार ने 22 सितंबर से जीएसटी की नई दरें लागू करने का निर्णय लिया है, जिसमें केवल दो स्लैब-5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत होंगे। जीएसटी परिषद की बैठक में लिया गया यह निर्णय त्योहारी सीजन में मांग और बिक्री को बढ़ावा देने के लिए है। इसके परिणामस्वरूप कई दैनिक उपयोग की वस्तुएं सस्ती होंगी, जिससे उपभोक्ताओं और व्यापारियों दोनों को लाभ होगा।
नई जीएसटी दरों के अंतर्गत साबुन, शैम्पू, एयर कंडीशनर, कार, वाशिंग मशीन, एलसीडी, टूथपेस्ट, घी, मक्खन, नूडल्स, नमकीन और अन्य घरेलू सामानों पर कम कर लगेगा, जिससे इनके दाम घट सकते हैं।
अहमदाबाद के व्यवसायियों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे जनता के लिए दीवाली का उपहार बताया है।
व्यवसायियों का कहना है कि जीएसटी में कटौती से व्यापार और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के परिवार आसानी से आवश्यक घरेलू वस्तुएं खरीद सकेंगे। नोटबुक, स्टेशनरी और दूध जैसी वस्तुएं सस्ती होने से आम लोगों को राहत मिलेगी और त्योहारी सीजन में बाजार में रौनक बढ़ेगी। व्यापारियों ने इस कदम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है।
अहमदाबाद के व्यापारी रोशन ने कहा कि टीवी और एसी जैसे उत्पादों पर जीएसटी कम करने के सरकार के फैसले का स्वागत करते हैं। उनका मानना है कि इससे गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को काफी फायदे होंगे, क्योंकि ये वस्तुएं अब सस्ती होंगी, जिससे त्योहारी सीजन में उनकी खरीदारी आसान होगी।
दौलत राम ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जीएसटी स्लैब में कटौती का निर्णय सराहनीय है। इससे व्यापारियों, ग्राहकों और रिटेलर्स को काफी लाभ होगा, क्योंकि सस्ती वस्तुओं से मांग बढ़ेगी और त्योहारी सीजन में बाजार की रौनक बढ़ेगी।
भरत ने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करते हैं, जिन्होंने दीवाली से पहले जीएसटी स्लैब में कटौती कर व्यापारियों और ग्राहकों को उपहार दिया है। टैक्स स्लैब को कम करने से वस्तुएं सस्ती होंगी, जिससे त्योहारी सीजन में मांग बढ़ेगी और बाजार में रौनक आएगी।