क्या पीएम मोदी को नाम, चेहरे और व्यक्तिगत जानकारी याद रहती है? भाजपा नेताओं की कहानियाँ पढ़ें

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क्या पीएम मोदी को नाम, चेहरे और व्यक्तिगत जानकारी याद रहती है? भाजपा नेताओं की कहानियाँ पढ़ें

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी के 75वें जन्मदिन से पहले भाजपा नेताओं ने उनके प्रेरणादायक किस्सों को साझा किया है। जानिए कैसे उनका दृष्टिकोण और व्यक्तिगत जुड़ाव सबको प्रभावित करता है।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री मोदी का व्यक्तिगत जुड़ाव लोगों को महत्वपूर्ण महसूस कराता है।
उनकी नीतियों में जनकल्याण की भावना है।
वे समय से आगे की सोच रखते हैं।
सड़कें और राजमार्ग केवल आवाजाही का साधन नहीं हैं, बल्कि समृद्धि की जीवनरेखा हैं।
हर मुलाकात को अविस्मरणीय बनाने की उनकी आदत है।

नई दिल्ली, 16 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन से पूर्व, भाजपा नेताओं ने उनके साथ जुड़े रोचक किस्सों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया है। इस क्रम में, केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने भी पीएम मोदी से जुड़े एक दिलचस्प किस्से को साझा किया। उन्होंने बताया कि हर बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ऐसे सुझाव प्रस्तुत करते हैं, जो न केवल उपयोगी होते हैं, बल्कि उनकी समय से आगे की सोच को भी दर्शाते हैं।

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने 'माय मोदी स्टोरी' के तहत एक वीडियो साझा किया। उन्होंने कहा, जब मैं सड़क परिवहन राज्य मंत्री था, तब मुझे उनके ऐसे पहलुओं को नजदीक से समझने का अवसर मिला। मुझे याद है कि एक चर्चा राष्ट्रीय राजमार्गों पर हो रही थी, और पीएम मोदी ने एक महत्वपूर्ण बात कही, 'सड़कें और राजमार्ग केवल आवाजाही का साधन नहीं हैं, ये तो समृद्धि की जीवनरेखा हैं।'

उन्होंने आगे कहा, "उन्होंने इसे एक साधारण लेकिन प्रभावशाली उदाहरण से समझाया कि 'एक किसान खेत में फसल उगाता है। यदि पास में सड़क है तो वह समय पर अपनी उपज मंडी तक पहुंचा सकता है। लेकिन, यदि सड़क दूर है, खासकर जल्दी खराब होने वाली चीजों के मामले में, तो देरी होने पर पूरी फसल बर्बाद हो सकती है। पीएम मोदी ने कहा कि 'यदि सड़क किसान के गांव तक पहुंचती है तो वह आसानी से सब्जियां खेत से गांव की सड़क तक ला सकता है और वहां से हाईवे पकड़कर जिले की मंडी तक पहुंच सकता है। लेकिन, यदि गांव से 5 किलोमीटर तक सड़क ही न हो, तो किसान को भारी परेशानी होगी। समय पर उपज बाजार में न पहुंचने से उसे सही दाम नहीं मिलेगा और उसे बड़ा नुकसान झेलना पड़ेगा।'

मनसुख मांडविया ने प्रधानमंत्री की सराहना करते हुए कहा कि उनकी प्रत्येक नीति में जनकल्याण की भावना झलकती है, यही पीएम मोदी की सबसे बड़ी विशेषता है।

इसके अतिरिक्त, दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा ने पीएम मोदी से जुड़े एक किस्से को साझा किया। उन्होंने बताया कि जब मैं सांसद था, तब मेरे नजफगढ़ क्षेत्र की सबसे बड़ी मांग एक सरकारी अस्पताल की थी। जमीन पहले से ही उपलब्ध थी, लेकिन सालों तक कोई सरकार-सांसद इसे पूरा नहीं कर सका।

प्रवेश वर्मा ने कहा, "मैं प्रधानमंत्री मोदी के पास यह अनुरोध लेकर गया। उनके सामने खड़ा होकर, मैंने कहा कि यह मेरे लोगों की इच्छा है। उन्होंने धैर्यपूर्वक मेरी बात सुनी और मुझसे एक सरल सा सवाल पूछा, 'इससे कितने लोगों को लाभ होगा?' मैंने उत्तर दिया कि करीब 3 से 4 लाख लोगों को लाभ होगा। केवल एक महीने के भीतर यह प्रस्ताव कैबिनेट में स्वीकृत हो गया और आज अस्पताल बन चुका है, क्षेत्रवासियों को इसका लाभ मिल रहा है। यह शासन नहीं, यह संवेदनशीलता है। यही 'मोदी की गारंटी' की शक्ति है।"

भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर 'माय मोदी स्टोरी' के तहत एक वीडियो साझा किया। उन्होंने कहा, "पीएम नरेंद्र मोदी में जो सबसे अलग बात मुझे हमेशा महसूस हुई, वह है उनकी सूक्ष्मताओं को पहचानने की क्षमता। वे नाम, चेहरे और व्यक्तिगत जानकारी तक याद रखते हैं, जो अक्सर किसी और की नजर से छूट जाती है। उनकी यह व्यक्तिगत जुड़ाव की भावना हर किसी को सम्मानित, अहम और महत्वपूर्ण महसूस कराती है।"

दिनेश शर्मा ने अपनी शादी के दिन को याद करते हुए बताया कि लखनऊ का महापौर रहते मेरी शादी में देरी हुई थी, गोवा में भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक थी और मैं अपनी पत्नी के साथ वहां गया था। बैठक में केवल मुझे सम्मिलित होना था, लेकिन बैठक के बाद जो लोग परिवार के साथ आए थे, वे सामूहिक भोजन करते थे।

उन्होंने आगे कहा, "राष्ट्रीय कार्यकारिणी का सदस्य होने के कारण मुझे जाना था, लेकिन मनोहर पर्रिकर के आग्रह पर मैं पत्नी के साथ गया था। मैं पीएम मोदी से पहले से परिचित था, लेकिन मैंने उन्हें अपनी शादी के बारे में नहीं बताया था। जब हम लोग रात के खाने का आनंद ले रहे थे, मुझे पीछे से पीएम मोदी की आवाज सुनाई दी, 'कैसे हो?' मैंने आदरपूर्वक पीछे मुड़कर उनका अभिवादन किया और संकोच महसूस किया, क्योंकि मेरी पत्नी मेरे साथ थीं।"

दिनेश शर्मा ने कहा, "मेरी हैरानी तब बढ़ गई, जब उन्होंने कहा कि हां, मुझे पता है कि आपका विवाह हो गया है और हमारे टेबल के पास आकर खड़े हो गए। जब हम खड़े होने ही वाले थे, उन्होंने हमें बैठने के लिए कहा। फिर उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, 'तुमने शादीशुदा जीवन में प्रवेश करके अच्छा किया है, लेकिन तुमने मुझे थोड़ा नुकसान पहुंचाया है।' मैं हैरान रह गया जब उन्होंने समझाया, 'तुम मेरे एक मतदाता को गुजरात से दूसरे राज्य ले गए हो।' मेरी पत्नी गुजरात की थीं और पीएम मोदी ने यह छोटी सी बात भी याद रखी।"

उन्होंने बताया कि मैं उनकी सूक्ष्मता और ध्यान के कायल हो गया। प्रधानमंत्री की यह आदत कि वे व्यक्तिगत रूप से लोगों से जुड़ते हैं, उनके जीवन की छोटी-छोटी बातें याद रखते हैं और उनका सम्मान करते हैं, हर मुलाकात को अविस्मरणीय बना देती है। इतनी व्यस्तताओं के बाद भी सबका ख्याल रखना यह अद्भुत है। भारत उनके नेतृत्व में एक विकसित राष्ट्र बने, यही संकल्पना है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि वह स्वस्थ रहते हुए शतायु हों।

संपादकीय दृष्टिकोण

प्रधानमंत्री मोदी का व्यक्तिगत जुड़ाव और उनकी सोच ने भारतीय राजनीति में एक नई दिशा दी है। उनके द्वारा साझा किए गए विचारों में न केवल जनकल्याण की भावना है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि वे आम जनता के प्रति कितने संवेदनशील हैं।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम मोदी का व्यक्तिगत जुड़ाव कैसे है?
पीएम मोदी का व्यक्तिगत जुड़ाव बहुत गहरा है। वे लोगों के नाम, चेहरे और व्यक्तिगत जानकारी याद रखते हैं, जिससे हर कोई महत्वपूर्ण महसूस करता है।
क्या पीएम मोदी की नीतियां जनकल्याण से जुड़ी हैं?
हां, पीएम मोदी की सभी नीतियों में जनकल्याण की भावना स्पष्ट रूप से झलकती है।
राष्ट्र प्रेस
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