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मोदी सरकार के 12 साल: काशी में श्रद्धालुओं ने गिनाईं वाराणसी की बदलती तस्वीर की उपलब्धियाँ

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मोदी सरकार के 12 साल: काशी में श्रद्धालुओं ने गिनाईं वाराणसी की बदलती तस्वीर की उपलब्धियाँ

सारांश

मोदी के 12 साल पूरे होने पर काशी के श्रद्धालुओं ने वाराणसी की बदली तस्वीर को रेखांकित किया — नमो घाट से अस्सी घाट तक सौंदर्यीकरण, काशी विश्वनाथ परिसर का कायाकल्प और बेहतर बुनियादी सुविधाएँ। देशभर से आए श्रद्धालुओं ने इसे आध्यात्मिक और आधुनिक विकास का संगम बताया।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2014 में पद संभालने के 12 वर्ष पूरे होने पर संसदीय क्षेत्र वाराणसी में श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ उपलब्धियाँ गिनाईं।
नमो घाट से अस्सी घाट तक व्यापक सफाई, सौंदर्यीकरण और सड़क सुधार कार्य हुए हैं।
काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में साफ-सफाई, सुरक्षा और सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार की श्रद्धालुओं ने पुष्टि की।
गाजीपुर , बिहार और हाथरस सहित विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने धार्मिक पर्यटन और बुनियादी ढाँचे में बदलाव को सराहा।
श्रद्धालुओं के अनुसार काशी अब देश-विदेश के पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आकर्षण केंद्र बन चुकी है।

वाराणसी, 26 मई 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2014 में पद संभालने के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर उनके संसदीय क्षेत्र वाराणसी में श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों के बीच उल्लेखनीय उत्साह देखने को मिला। देश के विभिन्न हिस्सों से काशी पहुँचे श्रद्धालुओं ने मोदी के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों की सराहना की और वाराणसी के बदले स्वरूप को रेखांकित किया।

श्रद्धालुओं की नज़र में काशी का कायाकल्प

स्थानीय श्रद्धालु पूजा पांडेय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के 12 साल के कार्यकाल में देश ने अभूतपूर्व विकास देखा है। उनके अनुसार, 'पहले के समय में भारत को इतना वैश्विक सम्मान नहीं मिला था, जितना आज मिल रहा है।' उन्होंने रोज़गार के अवसरों में वृद्धि, महिला सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों और धार्मिक स्थलों के पुनर्जीवन को मोदी सरकार की प्रमुख उपलब्धियाँ बताया।

घाटों और सड़कों का सौंदर्यीकरण

श्रद्धालु राघवेंद्र सिंह ने स्वच्छता अभियान की प्रशंसा करते हुए कहा कि पहले शहर में जगह-जगह गंदगी दिखाई देती थी, लेकिन अब हर गली और घाट का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। उन्होंने नमो घाट से लेकर अस्सी घाट तक हुए व्यापक सफाई और विकास कार्यों का उल्लेख किया। उनके अनुसार पहले जहाँ सड़कें जर्जर थीं, वहीं अब बेहतर सड़कें और आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं।

बाहरी श्रद्धालुओं की प्रतिक्रिया

गाजीपुर से वाराणसी पहुँचे दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि पिछले कई दशकों में जो काम नहीं हो सके, वे अब तेज़ी से पूरे किए जा रहे हैं। उन्होंने धार्मिक पर्यटन, सड़क निर्माण और बुनियादी सुविधाओं में सुधार को काशी की नई पहचान का आधार बताया।

बिहार से आए गौरव पांडेय ने कहा कि वे वर्षों से काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के लिए आते रहे हैं और पिछले दस वर्षों में यहाँ का बदलाव बेहद प्रभावशाली रहा है। उनके अनुसार मंदिर परिसर में साफ-सफाई, सुरक्षा और सुविधाओं में काफी सुधार हुआ है।

सनातन संस्कृति और वैश्विक पहचान

उत्तर प्रदेश के हाथरस से आए सतेंद्र गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई है। उन्होंने मंदिरों के जीर्णोद्धार और धार्मिक स्थलों के विकास को सराहनीय बताया।

आगे की राह

श्रद्धालुओं का मानना है कि वाराणसी ने मोदी के नेतृत्व में आध्यात्मिक और आधुनिक विकास का अनूठा संगम प्रस्तुत किया है। काशी आज देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन चुकी है, और यह रुझान आने वाले वर्षों में और मज़बूत होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह ध्यान देना ज़रूरी है कि ये व्यक्तिगत अनुभव हैं — स्वतंत्र विकास सूचकांकों या नागरिक सर्वेक्षणों पर आधारित आकलन नहीं। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और घाट सौंदर्यीकरण जैसी परियोजनाएँ दृश्यमान हैं, लेकिन स्थानीय रोज़गार सृजन और विस्थापित परिवारों पर पड़े प्रभाव जैसे पहलू इस कवरेज में अनुपस्थित हैं। वाराणसी का धार्मिक पर्यटन निस्संदेह बढ़ा है, परंतु शहर की आर्थिक समावेशिता और बुनकर समुदाय की स्थिति जैसे प्रश्न अभी भी उत्तर की प्रतीक्षा में हैं।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोदी सरकार के 12 साल में वाराणसी में क्या-क्या बदला?
श्रद्धालुओं के अनुसार वाराणसी में नमो घाट से अस्सी घाट तक सौंदर्यीकरण, काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर का विकास, बेहतर सड़कें और स्वच्छता में सुधार प्रमुख बदलाव हैं। धार्मिक पर्यटन में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।
काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में क्या सुधार हुए हैं?
बिहार से आए श्रद्धालु गौरव पांडेय के अनुसार पिछले दस वर्षों में काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं में काफी सुधार हुआ है। पहले की तुलना में परिसर अधिक व्यवस्थित और विकसित हो गया है।
वाराणसी के घाटों पर क्या विकास कार्य हुए?
राघवेंद्र सिंह के अनुसार नमो घाट से अस्सी घाट तक व्यापक सफाई और सौंदर्यीकरण कार्य हुए हैं। पहले जहाँ सड़कें जर्जर थीं, वहाँ अब बेहतर सड़कें और आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
मोदी के 12 साल के कार्यकाल का वाराणसी के धार्मिक पर्यटन पर क्या असर पड़ा?
श्रद्धालुओं का कहना है कि वाराणसी अब देश-विदेश के पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आकर्षण केंद्र बन चुकी है। धार्मिक स्थलों के विकास और बेहतर बुनियादी ढाँचे ने शहर की वैश्विक पहचान को मज़बूत किया है।
26 मई को मोदी के 12 साल पूरे होने पर वाराणसी में क्या हुआ?
26 मई 2026 को प्रधानमंत्री मोदी के पद संभालने के 12 वर्ष पूरे होने पर उनके संसदीय क्षेत्र वाराणसी में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच उत्साह देखा गया। विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने काशी के विकास और बदलाव की सराहना की।
राष्ट्र प्रेस
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