मोदी सरकार के 12 साल: काशी में श्रद्धालुओं ने गिनाईं वाराणसी की बदलती तस्वीर की उपलब्धियाँ
सारांश
मुख्य बातें
वाराणसी, 26 मई 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2014 में पद संभालने के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर उनके संसदीय क्षेत्र वाराणसी में श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों के बीच उल्लेखनीय उत्साह देखने को मिला। देश के विभिन्न हिस्सों से काशी पहुँचे श्रद्धालुओं ने मोदी के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों की सराहना की और वाराणसी के बदले स्वरूप को रेखांकित किया।
श्रद्धालुओं की नज़र में काशी का कायाकल्प
स्थानीय श्रद्धालु पूजा पांडेय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के 12 साल के कार्यकाल में देश ने अभूतपूर्व विकास देखा है। उनके अनुसार, 'पहले के समय में भारत को इतना वैश्विक सम्मान नहीं मिला था, जितना आज मिल रहा है।' उन्होंने रोज़गार के अवसरों में वृद्धि, महिला सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों और धार्मिक स्थलों के पुनर्जीवन को मोदी सरकार की प्रमुख उपलब्धियाँ बताया।
घाटों और सड़कों का सौंदर्यीकरण
श्रद्धालु राघवेंद्र सिंह ने स्वच्छता अभियान की प्रशंसा करते हुए कहा कि पहले शहर में जगह-जगह गंदगी दिखाई देती थी, लेकिन अब हर गली और घाट का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। उन्होंने नमो घाट से लेकर अस्सी घाट तक हुए व्यापक सफाई और विकास कार्यों का उल्लेख किया। उनके अनुसार पहले जहाँ सड़कें जर्जर थीं, वहीं अब बेहतर सड़कें और आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
बाहरी श्रद्धालुओं की प्रतिक्रिया
गाजीपुर से वाराणसी पहुँचे दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि पिछले कई दशकों में जो काम नहीं हो सके, वे अब तेज़ी से पूरे किए जा रहे हैं। उन्होंने धार्मिक पर्यटन, सड़क निर्माण और बुनियादी सुविधाओं में सुधार को काशी की नई पहचान का आधार बताया।
बिहार से आए गौरव पांडेय ने कहा कि वे वर्षों से काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के लिए आते रहे हैं और पिछले दस वर्षों में यहाँ का बदलाव बेहद प्रभावशाली रहा है। उनके अनुसार मंदिर परिसर में साफ-सफाई, सुरक्षा और सुविधाओं में काफी सुधार हुआ है।
सनातन संस्कृति और वैश्विक पहचान
उत्तर प्रदेश के हाथरस से आए सतेंद्र गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई है। उन्होंने मंदिरों के जीर्णोद्धार और धार्मिक स्थलों के विकास को सराहनीय बताया।
आगे की राह
श्रद्धालुओं का मानना है कि वाराणसी ने मोदी के नेतृत्व में आध्यात्मिक और आधुनिक विकास का अनूठा संगम प्रस्तुत किया है। काशी आज देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन चुकी है, और यह रुझान आने वाले वर्षों में और मज़बूत होने की उम्मीद है।