मेलबर्न में पीएम मोदी का दमदार संबोधन: 'ऑपरेशन सिंदूर की गूंज पूरी दुनिया ने सुनी'
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 जुलाई 2026 को ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न स्थित मार्वल स्टेडियम में आयोजित 'मेलबर्न मीट्स मोदी' कार्यक्रम में 30,000 से अधिक भारतीय मूल के लोगों को संबोधित करते हुए भारत की रक्षा क्षमताओं, अंतरिक्ष उपलब्धियों और भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों की नई ऊंचाइयों का विस्तृत ब्यौरा दिया। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का सीधा उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की रक्षा शक्ति का लोहा अब पूरी दुनिया मान रही है।
ऑपरेशन सिंदूर: मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'भारत के डिफेंस प्लेटफॉर्म की कैपेबिलिटी और क्रेडिबिलिटी दुनिया देख रही है। आपने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान डेमो तो देखा ही होगा। धमाके आतंकियों के अड्डों पर हो रहे थे और गूंज पूरी दुनिया में सुनाई दे रही थी।' उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत आतंकवाद के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई करने में पूरी तरह सक्षम है और वैश्विक स्तर पर उसकी रक्षा विश्वसनीयता लगातार मज़बूत हो रही है।
अंतरिक्ष और प्रौद्योगिकी में भारत की छलांग
मोदी ने चंद्रयान मिशन का उल्लेख करते हुए कहा, 'भारत ने चंद्रमा के साउथ पोल पर चंद्रयान उतारा है — दुनिया में कोई और देश ऐसा नहीं कर पाया।' उन्होंने बताया कि भारत अब गगनयान मिशन और अपने स्पेस स्टेशन के निर्माण की दिशा में तेज़ी से काम कर रहा है। इसके साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि देश के लगभग 90 प्रतिशत हिस्से में 5जी नेटवर्क की पहुँच सुनिश्चित हो चुकी है।
भारत-ऑस्ट्रेलिया साझेदारी की नई दिशा
द्विपक्षीय संबंधों पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अंतरिक्ष, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार, व्यापार और निवेश जैसे क्षेत्रों में सहयोग नई रफ़्तार पकड़ रहा है। उन्होंने बताया कि टाटा समूह ऑस्ट्रेलियाई रॉकेट के ज़रिए उपग्रह प्रक्षेपित करने की दिशा में काम कर रहा है — जो दोनों देशों के तकनीकी सहयोग का एक नया और ठोस उदाहरण है। मोदी ने भारत के शीर्ष तीन वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की राह पर तेज़ी से आगे बढ़ने का भी उल्लेख किया।
प्रवासी भारतीयों को श्रेय, 'लिटिल इंडिया' की पहचान
प्रधानमंत्री ने भारतीय समुदाय की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा, 'इन रिश्तों को मजबूत बनाने में सबसे बड़ी भूमिका मेरी नहीं, बल्कि आप सभी की है।' उन्होंने मेलबर्न के उन इलाकों का ज़िक्र किया जिन्हें 'लिटिल इंडिया' या 'मिनी इंडिया' के नाम से जाना जाता है और कहा कि इन स्थानों में भारतीय संस्कृति और परंपराओं की जीवंत झलक देखने को मिलती है। उन्होंने खेलों में भारत की बढ़ती उपलब्धियों का उल्लेख किया और 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की तैयारियों पर भी प्रकाश डाला।
अल्बनीज़ की सराहना और आगे की राह
कार्यक्रम में उपस्थित ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने भारतीय समुदाय को दोनों देशों के बीच 'जीवंत पुल' बताया और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का व्यक्तिगत नेतृत्व द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है। यह कार्यक्रम भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुआ।