प्रधानमंत्री मोदी ने वेबिनार में जताई कृषि क्षेत्र को नई ऊर्जा देने की आवश्यकता
सारांश
Key Takeaways
- कृषि क्षेत्र को नई ऊर्जा देने की आवश्यकता है।
- बजट में हाई वैल्यू एग्रीकल्चर पर ध्यान दिया गया है।
- किसानों के लिए नारियल पर विशेष जोर दिया गया है।
- संस्थागत ऋण कवरेज 75 प्रतिशत से अधिक हो चुका है।
- किसानों को पीएम फसल बीमा योजना के तहत सहायता मिली है।
नई दिल्ली, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को 'कृषि और ग्रामीण परिवर्तन' पर बजट के बाद आयोजित वेबिनार में कहा कि कृषि क्षेत्र को नई ऊर्जा प्रदान करना अनिवार्य है। इस वर्ष के बजट में इस दिशा में कई नए कदम उठाए गए हैं और मुझे पूरा विश्वास है कि इस वेबिनार में हुई चर्चाएँ और विचार बजट के प्रावधानों को जल्द से जल्द धरातल पर उतारने में सहायक होंगे।
अपने संबोधन में, प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि दुनिया के बाजार खुल रहे हैं और वैश्विक मांग में बदलाव आ रहा है। इस वेबिनार में खेती को निर्यात उन्मुख बनाने पर भी गहन चर्चा आवश्यक है। हमारे यहाँ भिन्न-भिन्न प्रकार का जलवायु है, और हमें इसका अधिकतम लाभ लेना चाहिए। हमारे पास कई एग्रो-क्लाइमेटिक जोन मौजूद हैं।
उन्होंने कहा कि बजट में हमने हाई वैल्यू एग्रीकल्चर पर ध्यान केंद्रित किया है। केरल और तमिलनाडु के किसानों के लिए इस बार नारियल पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे उन्हें अधिक लाभ होगा। इसके अलावा, बजट में उत्तर पूर्व की फसलों को बढ़ावा देने का भी प्रस्ताव रखा गया है।
कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित संबंधित विभागों के अधिकारी इस वेबिनार में शामिल हुए। पीएम मोदी ने कहा, "अब बजट के बाद उसके पूर्ण संभावनाओं का लाभ देश को मिले, इस दिशा में आपके अनुभव, सुझाव और बजट का अधिकतम लोगों को फायदा हो, यह महत्वपूर्ण है।"
उन्होंने आगे कहा कि सभी जानते हैं कि कृषि, एग्रीकल्चर, विश्वकर्मा हमारी अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार हैं। एग्रीकल्चर भारत के दीर्घकालिक विकास यात्रा का एक रणनीतिक स्तंभ है। इसी सोच के साथ हमारी सरकार ने कृषि क्षेत्र को लगातार मजबूती प्रदान की है। पीएम किसान सम्मान निधि के माध्यम से लगभग 10 करोड़ किसानों को 4 लाख करोड़ रुपए से अधिक की सहायता मिली है।
पीएम मोदी ने कहा, "एमएसपी में हुए सुधार से अब किसानों को डेढ़ गुना तक लाभ मिल रहा है। संस्थागत ऋण कवरेज 75 प्रतिशत से अधिक हो चुका है। पीएम फसल बीमा योजना के तहत लगभग 2 लाख करोड़ रुपए के दावों का निपटान किया गया है। ऐसे अनेक प्रयासों से किसानों का जोखिम बहुत कम हुआ है और उन्हें एक बुनियादी आर्थिक सुरक्षा प्राप्त हुई है।